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सिटी ब्यूटीफुल के पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर होगा कम
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चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में पीएम 10 और पीएम 2.5 के प्रदूषण का स्तर कम करने की कवायद तेज हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से होने वाले कार्यों के लिए नगर निगम को 3.5 करोड़ की राशि निर्गत कर दी गई है। निगम 2 करोड़ से सफाई की मशीन और 1.5 करोड़ से हरियाली विस्तारीकरण और टाइल लगाने का कार्य कराएगी।
साल 2019 के जनवरी में देश के 102 शहरों में स्वच्छ वायु कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इन शहरों में सिटी ब्यूटीफुल को भी शामिल किया गया था। सिटी ब्यूटीफुल के चयन के पीछे का कारण पर्यावरण मंत्रालय ने डब्लूएचओ और वायु गुणवत्ता डाटा के आधार पर किया था। परीक्षण में वर्ष 2016, 17, 18 और 19 में देखा गया था कि शहर का पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा तय लिमिट से ज्यादा मिली थी। शहर के लिए इस बड़े खतरे को भांपते हुए पर्यावरण मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ को 10 करोड़ की राशि भी देने को कहा गया था, जिसकी पहली किस्त केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी को 6.5 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इसी राशि से 3.5 करोड़ कमेटी की ओर से नगर निगम को जारी कर दिए गए हैं।
धूल बढ़ाती है पीएम 10 का स्तर
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शहर में पीएम 10 का स्तर धूल से बढ़ जाता है। जिन शहरों में परीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि वहां पर शहर की सफाई व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक सफाई मशीन का प्रयोग किया जाता है। इस मशीन से सफाई के दौरान धूल नहीं उड़ती है और पीएम 10 के स्तर में कमी आती है। इसके साथ ही इस मशीन से एक दिन में शहर की 17 किलोमीटर सड़कों की सफाई हो सकेगी। रेत, बजरी, कंक्रीट के टुकड़ों को भी आसानी से यह मशीन उठा सकती है।
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पीएम 2.5 से गिरता है दृश्यता का स्तर
पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने के साथ ही धुंध बढ़ जाती है और दृश्यता का स्तर भी गिर जाता है। यह हवा में घुलने वाला छोटा पदार्थ है। इन कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे भी कम हो सकता है। इसके प्रभाव से लोगों को आंख, गले और फेफड़े की बीमारी होने की संभावना रहती है। खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ बढ़ जाती है। इसके लगातार संपर्क में रहने पर फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है।
कितना होना चाहिए पीएम 10 और 2.5
- पीएम 10 का सामान्य लेवल 100 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर
- पीएम 2.5 का सामान्य लेवल 60 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर
कोट..
निगम को और मिलेगा एक करोड़
स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 3.5 करोड़ रुपये नगर निगम चंडीगढ़ को निर्गत किए गए हैं। जल्द ही अभी एक करोड़ रुपये और निगम को दिए जाएंगे। इस राशि से नगर निगम की ओर से पीएम 10 और 2.5 के स्तर को कम करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इस कार्य में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से भी निगम को गाइड किया जाएगा।
-टीसी नौटियाल मेंबर सेक्रेटरी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी चंडीगढ़
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साल 2019 के जनवरी में देश के 102 शहरों में स्वच्छ वायु कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इन शहरों में सिटी ब्यूटीफुल को भी शामिल किया गया था। सिटी ब्यूटीफुल के चयन के पीछे का कारण पर्यावरण मंत्रालय ने डब्लूएचओ और वायु गुणवत्ता डाटा के आधार पर किया था। परीक्षण में वर्ष 2016, 17, 18 और 19 में देखा गया था कि शहर का पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा तय लिमिट से ज्यादा मिली थी। शहर के लिए इस बड़े खतरे को भांपते हुए पर्यावरण मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ को 10 करोड़ की राशि भी देने को कहा गया था, जिसकी पहली किस्त केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी को 6.5 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इसी राशि से 3.5 करोड़ कमेटी की ओर से नगर निगम को जारी कर दिए गए हैं।
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धूल बढ़ाती है पीएम 10 का स्तर
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शहर में पीएम 10 का स्तर धूल से बढ़ जाता है। जिन शहरों में परीक्षण के दौरान यह पाया गया है कि वहां पर शहर की सफाई व्यवस्था के लिए अत्याधुनिक सफाई मशीन का प्रयोग किया जाता है। इस मशीन से सफाई के दौरान धूल नहीं उड़ती है और पीएम 10 के स्तर में कमी आती है। इसके साथ ही इस मशीन से एक दिन में शहर की 17 किलोमीटर सड़कों की सफाई हो सकेगी। रेत, बजरी, कंक्रीट के टुकड़ों को भी आसानी से यह मशीन उठा सकती है।
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पीएम 2.5 से गिरता है दृश्यता का स्तर
पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने के साथ ही धुंध बढ़ जाती है और दृश्यता का स्तर भी गिर जाता है। यह हवा में घुलने वाला छोटा पदार्थ है। इन कणों का व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे भी कम हो सकता है। इसके प्रभाव से लोगों को आंख, गले और फेफड़े की बीमारी होने की संभावना रहती है। खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ बढ़ जाती है। इसके लगातार संपर्क में रहने पर फेफड़ों का कैंसर भी हो सकता है।
कितना होना चाहिए पीएम 10 और 2.5
- पीएम 10 का सामान्य लेवल 100 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर
- पीएम 2.5 का सामान्य लेवल 60 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर
कोट..
निगम को और मिलेगा एक करोड़
स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 3.5 करोड़ रुपये नगर निगम चंडीगढ़ को निर्गत किए गए हैं। जल्द ही अभी एक करोड़ रुपये और निगम को दिए जाएंगे। इस राशि से नगर निगम की ओर से पीएम 10 और 2.5 के स्तर को कम करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इस कार्य में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से भी निगम को गाइड किया जाएगा।
-टीसी नौटियाल मेंबर सेक्रेटरी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कमेटी चंडीगढ़