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खुशखबरीः चंडीगढ़ प्लाजा में फिर लौटेगी वही रौनक, वीकेंड पर सजेंगी शाम और फूड फेस्टिवल
Fri, 27 Dec 2019 11:30 AM IST
खुशबू गोयल
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 27 Dec 2019 11:30 AM IST
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सेक्टर 17 प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
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सिटी ब्यूटीफुल का दिल कहे जाने वाले प्लाजा यानी सेक्टर-17 की रौनक लौटने वाली है। डीसी ऑफिस, सिटको के साथ कार्ययोजना बना रहा है। पर्यटकों को रिझाने के लिए सप्ताह में दो दिन फूड फेस्टिवल के साथ फूड कोर्ट लगाने पर विचार किया जा रहा है। सेक्टर 17 की नींव शॉपिंग सेंटर के साथ टूरिस्ट स्पॉट के लिए रखी गई थी।
शॉपिंग के लिए तो यहां बड़े बड़े ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम हैं, लेकिन पर्यटकों के साथ ही शहर के लोगों को रिझाने के लिए अन्य कोई आकर्षण नहीं है। ऐसे में अब डीसी ऑफिस और सिटको लोगों को सेक्टर 17 में लाने के लिए कार्ययोजना बना रहा है। पहले चरण में मार्केट की सबसे बड़ी कमी फूड कोर्ट की समस्या को हल करना है।
इसके लिए हफ्ते में दो दिन शनिवार और रविवार को थीम बेस्ड फूड कोर्ट और फूड फेस्टिवल आयोजित करने पर दोनों ऑफिस के अधिकारी विचार कर रहे हैं।
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शॉपिंग के लिए तो यहां बड़े बड़े ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम हैं, लेकिन पर्यटकों के साथ ही शहर के लोगों को रिझाने के लिए अन्य कोई आकर्षण नहीं है। ऐसे में अब डीसी ऑफिस और सिटको लोगों को सेक्टर 17 में लाने के लिए कार्ययोजना बना रहा है। पहले चरण में मार्केट की सबसे बड़ी कमी फूड कोर्ट की समस्या को हल करना है।
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इसके लिए हफ्ते में दो दिन शनिवार और रविवार को थीम बेस्ड फूड कोर्ट और फूड फेस्टिवल आयोजित करने पर दोनों ऑफिस के अधिकारी विचार कर रहे हैं।
अभी एक निगेटिव इंपेक्ट यह भी
एक निगेटिव इंपेक्ट यह भी है कि यहां हरियाणा, पंजाब के कई सरकारी दफ्तर और बैंक स्क्वायर हैं। शाम होते ही यह बंद हो जाते हैं, इससे प्लाजा के कुछ हिस्से में ही लोगों की चहल पहल रह जाती है। इससे भी यहां पर शाम को शहर का एक खास वर्ग ही पहुंच पाता है।
इनकी भी खलती है सतारा में कमी
प्लाजा में मार्केट आने वाले लोगों को यहां नाइट क्लब, कामर्शियल एक्टिविटीज के साथ किड्स जोन नहीं होने की कमी खलती है। सेक्टर 26 में नाइट क्लब और पब्स की भरमार है। यहां देर रात तक वीकेएंड पर रौनक बनी रहती है।
मॉल कल्चर से भी पिछड़ा सतारा
सेक्टर 17 मार्केट के पिछड़ने में मॉल कल्चर का भी बड़ा रोल है। जब से शहर में एलांते जैसे बड़े मॉल आए हैं तब से यहां के लोगों ने सतारा से मुंह मोड़ लिया है। अब यदि प्रशासन इसे हाईटेक करता है तो फिर यहां रौनक बढ़ सकती है।
इनकी भी खलती है सतारा में कमी
प्लाजा में मार्केट आने वाले लोगों को यहां नाइट क्लब, कामर्शियल एक्टिविटीज के साथ किड्स जोन नहीं होने की कमी खलती है। सेक्टर 26 में नाइट क्लब और पब्स की भरमार है। यहां देर रात तक वीकेएंड पर रौनक बनी रहती है।
मॉल कल्चर से भी पिछड़ा सतारा
सेक्टर 17 मार्केट के पिछड़ने में मॉल कल्चर का भी बड़ा रोल है। जब से शहर में एलांते जैसे बड़े मॉल आए हैं तब से यहां के लोगों ने सतारा से मुंह मोड़ लिया है। अब यदि प्रशासन इसे हाईटेक करता है तो फिर यहां रौनक बढ़ सकती है।