एन्हांसमेंट विरोधियों की कुंडली खंगाल रही सीआईडी, इन प्लॉट आवंटियों का जुटाया जा रहा डाटा
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सीआईडी का अमला हरियाणा में एन्हांसमेंट के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले प्लॉट आवंटियों की कुंडली खंगालने में जुट गया है। बरोदा उपचुनाव में हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कॉन्फेडरेशन द्वारा गठबंधन प्रत्याशी की खिलाफत करने के बाद उसके राज्य संयोजक के अलावा जिला संयोजकों और कार्यकारी समिति के सदस्यों की जानकारी सीआईडी ने जुटाना शुरू किया है।
क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के कर्मचारी पदाधिकारियों के घर जाकर नाम, फोन नंबर, परिजन के नाम, साधन, राजनीतिक दलों से संबंध के अलावा पूरा पुराना इतिहास सत्यापित कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कॉन्फेडरेशन के सभी पदाधिकारियों की जानकारी जुटाकर सरकार को सौंपा जाएगा।
कॉन्फेडरेशन का आंदोलन तेज होता जा रहा है। इसमें भाजपा से जुड़े प्लॉट आवंटी भी शामिल हैं। बरोदा के बाद अब कॉन्फेडरेशन के राज्य संयोजक यशवीर मलिक ने पंचकूला और अंबाला नगर निगम चुनाव में भी गठबंधन सरकार के प्रत्याशियों की खिलाफत का एलान किया है।
घर पहुंच जुटाई व्यक्तिगत जानकारी
गुरुवार को सीआईडी कर्मचारी कॉन्फेडरेशन संयोजक यशवीर मलिक के हिसार स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने फॉर्म में भरा कि कितने बच्चे हैं, उनके नाम, पत्नी का नाम, कितने भाई हैं, कहां रहते हैं, कितनी बहनें हैं और कहां रहती हैं। उनका सबका नाम और पता नोट किया। कॉन्फेडरेशन के कितने पदाधिकारी हैं, राज्य स्तर पर कोई और संगठन इसका विरोध कर रहा। किसी राजनीतिक पार्टी के साथ कोई संबंध तो नहीं है।
जिलों में इनसे कर चुके पूछताछ
रोहतक जिला संयोजक रमेश खासा से जिला पदाधिकारियों के नाम, पते और अन्य जानकारी ली। जींद जिला संयोजक रामनिवास डिगाना, पानीपत में जिला संयोजक बलजीत सिंह व भीम सिंह राणा, सिरसा में राजपाल सिंह व फतेहाबाद में बलदेव बजाज का पूरा डाटा एकत्रित किया है। अनेक कार्यकारी समिति सदस्यों से भी जानकारी ली है।
दूसरी गणना की राशि तुरंत अपडेट करें : मलिक
कॉन्फेडरेशन राज्य संयोजक यशवीर मलिक ने कहा कि सरकार एन्हांसमेंट की दूसरी गणना की राशि 62 हजार प्रभावित प्लॉट आवंटियों के खातों में तुरंत अपडेट करे, उनका विरोध उसी समय खत्म हो जाएगा। तीन जजों की कमेटी की रिपोर्ट हूबहू लागू की जाए। कोर्ट के अवार्ड और शहरी विकास प्राधिकरण के नोटिस जारी करने के बीच की अवधि का ब्याज नहीं वसूला जा सकता। सरकार यह भी बताए कि सीआईडी कर्मी किस उद्देश्य से उनका व पदाधिकारियों का रिकॉर्ड घर-घर जाकर जुटा रहे हैं।
2016 से शुरू हुआ कॉन्फेडरेशन का आंदोलन
एन्हांसमेंट की बढ़ी हुई राशि के विरोध में कॉन्फेडरेशन ने 2016 में हिसार से विरोध शुरू किया था। इसके बाद पानीपत व अन्य जिलों के प्रभावित आवंटियों से संपर्क किया गया। 23 मार्च 2017 को कॉन्फेडरेशन की पहली बैठक हुई। जिसमें 16 जिलों में प्रभावित प्लॉट आवंटियों की इकाईयां गठित कर संघर्ष शुरू किया गया।
सुलझने के बजाए उलझता जा रहा मामला
एन्हांसमेंट की दूसरी गणना लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने दो अक्तूबर से खातों में राशि अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था लेकिन पूरा नहीं हुआ। आवंटियों को यही जानकारी नहीं है कि दूसरी गणना के बाद अब उन्हें कितनी राशि जमा करानी है। इसे लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी फिलहाल कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
सरकार जानना चाह रही राजनीति से प्रेरित तो नहीं विरोध
एन्हांसमेंट के विरुद्ध प्लॉट आवंटियों के आंदोलन को देखते हुए प्रदेश सरकार सतर्क हो गई है। सरकार खुफिया एजेंसियों के जरिए यह जानना चाह रही है कि हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कॉन्फेडरेशन का आंदोलन कहीं राजनीति से प्रेरित तो नहीं है। चूंकि, कॉन्फेडरेशन लंबे समय से आंदोलन चलाए हुए है।
इसमें भाजपा से जुड़े लोग भी हैं लेकिन एन्हांसमेंट के मामले में अपनी ही सरकार के खिलाफ हैं। सीआईडी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश है कि कोई दल विशेष तो कॉन्फेडरेशन को आंदोलन के लिए व सरकार के खिलाफ तो नहीं उकसा रहा। इस मामले में सरकार के बड़े-बड़े अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। कोई भी कुछ बोलकर मुसीबत मोल नहीं लेना चाहता।