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एक बार फिर क्लोरीन गैस लीक, तबीयत बिगड़ने पर 30 लोग पहुंचे अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Tue, 19 Dec 2017 09:35 AM IST
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एक बार फिर क्लोरीन गैस लीक होने की वजह से राजीव कालोनी के 30 से अधिक लोगों की तबियत अचानक बिगड़ गई। उल्टियां, खांसी और सिरदर्द के बाद 16 प्रभावितों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि 15 लोगों को चंडीगढ़ के सेक्टर-16 अस्पताल व आसपास के निजी अस्पतालों में ले जाया गया।
इसी साल सेक्टर-20 के आशियाना कॉलोनी में भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में लोगों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा था। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक ज्ञानचंद गुप्ता सिविल अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने प्रभावितों का हाल जाना। साथ ही कहा कि इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
सोमवार शाम करीब 6.05 बजे राजीव कॉलोनी के ट्यूबवेल नंबर एम-33 में उस वक्त क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा, जब उसकी मरम्मत के लिए टीम पहुंची हुई थी। टीम में लखविंदर और बाबूराम शामिल थे। लेकिन सिलेंडर को उठाते ही लीकेेज और बढ़ गई। इसके बाद आसपास के घरों में रहने वालों को खांसी, सिरदर्द और उल्टियों के साथ बेहोशी जैसी हालत होने लगी। हालत बिगड़ते देख सभी प्रभावितों को अस्पताल ले जाया गया, जहां वह उपचाराधीन हैं। हालांकि मामूली रूप से प्रभावित हुए लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। क्लोरीन गैस की चपेट में 30 से अधिक लोग आए हैं।
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इसी साल सेक्टर-20 के आशियाना कॉलोनी में भी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में लोगों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा था। घटना की जानकारी मिलते ही विधायक ज्ञानचंद गुप्ता सिविल अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने प्रभावितों का हाल जाना। साथ ही कहा कि इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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सोमवार शाम करीब 6.05 बजे राजीव कॉलोनी के ट्यूबवेल नंबर एम-33 में उस वक्त क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा, जब उसकी मरम्मत के लिए टीम पहुंची हुई थी। टीम में लखविंदर और बाबूराम शामिल थे। लेकिन सिलेंडर को उठाते ही लीकेेज और बढ़ गई। इसके बाद आसपास के घरों में रहने वालों को खांसी, सिरदर्द और उल्टियों के साथ बेहोशी जैसी हालत होने लगी। हालत बिगड़ते देख सभी प्रभावितों को अस्पताल ले जाया गया, जहां वह उपचाराधीन हैं। हालांकि मामूली रूप से प्रभावित हुए लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। क्लोरीन गैस की चपेट में 30 से अधिक लोग आए हैं।
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बार-बार हो रही चूक से हो सकता है बड़ा हादसा
बार-बार क्लोरीन गैस के लीक होने की समस्या आने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से इसे ठीक करने के लिए तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। अगर, पानी की सफाई के लिए क्लोरीनेशन प्रक्रिया के लिए जरूरी ऐहतियात बरतने में ऐसे ही कोताही होती रही। ऐसे में किसी दिन बड़ा मामला हो सकता है। कई ट्यूबवेल ऐसे हैं जहां क्लोरीन या पाइप में लीकेज की शिकायतें मिलने पर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता है।
सिलेंडर लेकर गाड़ी में हो गए रवाना, वर्ना सैकड़ों लोग आते चपेट में
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि गैस लीकेज की समस्या को ठीक करने पहुंचे कर्मियों ने जब देखा कि लीकेज की वजह से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं तो गाड़ी में सिलेंडर लेकर वहां से रवाना हो गए। इस वजह से कुछ देर तक ही लोग इसकी चपेट में आए। इनमें से अधिकतर को मामूली इलाज के बाद घर भेज दिया गया। जबकि चंडीगढ़ के सामान्य अस्पताल में कुछ लोगों का इलाज चल रहा है।
बार-बार क्लोरीन गैस के लीक होने की समस्या आने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से इसे ठीक करने के लिए तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। अगर, पानी की सफाई के लिए क्लोरीनेशन प्रक्रिया के लिए जरूरी ऐहतियात बरतने में ऐसे ही कोताही होती रही। ऐसे में किसी दिन बड़ा मामला हो सकता है। कई ट्यूबवेल ऐसे हैं जहां क्लोरीन या पाइप में लीकेज की शिकायतें मिलने पर भी इसे गंभीरता से नहीं लिया जाता है।
सिलेंडर लेकर गाड़ी में हो गए रवाना, वर्ना सैकड़ों लोग आते चपेट में
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि गैस लीकेज की समस्या को ठीक करने पहुंचे कर्मियों ने जब देखा कि लीकेज की वजह से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं तो गाड़ी में सिलेंडर लेकर वहां से रवाना हो गए। इस वजह से कुछ देर तक ही लोग इसकी चपेट में आए। इनमें से अधिकतर को मामूली इलाज के बाद घर भेज दिया गया। जबकि चंडीगढ़ के सामान्य अस्पताल में कुछ लोगों का इलाज चल रहा है।