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चाइनीज सामान के विरोध का नहीं दिखा असर, बाजार में जमकर बिक रहे आइटम

Mon, 24 Oct 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 24 Oct 2016 01:17 AM IST
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Chinese goods not show the impact of the conflict, are sold in the market fiercely items
chinese item

भारत-पाक के रिश्तों में आई खटास के बीच चीन के खिलाफ भी देश में विरोध के स्वर उठे थे। कारण, चीन का पाकिस्तान को हर तरह से समर्थन देना। सोशल साइट्स से लेकर हर ओर पाकिस्तान और चीन के सामान का विरोध होने लगा।

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दिवाली पर देश में सबसे अधिक चाइनीज सामान ही बिकता है। इसी को लेकर इस बार चाइनीज सामान के बहिष्कार की मुहिम चलाई गईं।चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट इन दिनों चाइनीज लड़ियों से गुलजार हैं। 
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हर साल की तरह यहां इस बार भी चाइनीज लड़ियां बिक रहीं हैं। कहने को देसी लड़ियां भी यहां मौजूद हैं, लेकिन उनकी कीमत चाइनीज के मुकाबले बहुत अधिक है। इसलिए इसके खरीददार भी कम हैं।
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चाइनीज सामान की ब्रिकी को लेकर दुकानदार पहले तो कुछ बोलने को तैयार नहीं हुए, काफी कोशिश पर एक-दो दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चाइनीज लड़ियों और सामान के बहिष्कार का मार्केट पर कोई खास असर नहीं है। 

सीआईआई फेयर में भी जमकर बिक रहा है चीन निर्मित सामान

Chinese goods not show the impact of the conflict, are sold in the market fiercely items
chinese goods - फोटो : chinese goods

हर साल की तरह इस बार भी डिमांड वैसी ही है। हर साल दिवाली के लिए जनवरी या फरवरी में आर्डर दे दिया जाता है, जबकि विरोध के स्वर तो अभी एक महीने से उठने लगे हैं। हालांकि इसका कोई खास असर नहीं है। 

हां ये जरूर है कि उन्होंने इस बार पिछले साल के मुकाबले कम सामान आर्डर किया था। क्योंकि पिछले वर्ष काफी सामान नहीं बिका था। सरकार खुद तो इस पर 23 फीसदी टैक्स वसूलती है, ऐसे में इसे कैसे बंद कर सकती है। एक दुकानदार ने बताया कि लोगों को सस्ते से मतलब है। अब वह किस देश का है इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। 

वहीं सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड में लगे सीआईआई फेयर में भी जमकर चाइनीज सामानों की ब्रिकी हो रही है। बात चाहे क्राकरी की हो या डेकोरेशन के सामान की। इन पर साफ-साफ लिखा है मेड इन चाइना लेकिन इसके बाद भी लोग इन्हें खरीद रहे हैं। इसका कारण इनका देशी सामान से सस्ता होना भी है।

डेकोरेशन स्टॉल पर खरीदारी कर रहीं सेक्टर-38 निवासी परमिंदर कौर से जब पूछा गया कि जो सामान उन्होंने खरीदा है वह चाइनीज है और देशभर में इसके बहिष्कार की अपील चल रही है तो उनका कहना था कि उन्हें पता ही नहीं कि कौन सा सामान चाइनीज है और कौन या देशी। उन्हें तो यह सस्ता लगा तो उन्होंने खरीद लिया।

वहीं क्राकरी स्टॉल पर खरीदारी कर रही सेक्टर-18 निवासी श्रुति ने बताया कि वह अपनी पॉकेट और जरूरत के अनुसार शॉपिंग कर रही हैं। अब इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह चाइना से आया है या किसी अन्य देश से। वैसे भी अगर इन्हें बंद करना होता तो भारत सरकार इसे बहुत पहले कर चुकी होती। 

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