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बच्चों में ये लक्षण दिखे तो तुरंत पहुंचे डॉक्टर के पास
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Thu, 17 Apr 2014 05:31 PM IST
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जिले में तापमान बढ़ते ही डायरिया ने भी दस्तक दे दी है। सबसे ज्यादा बच्चे ही इसकी चपेट में आ रहे हैं। चाइल्ड स्पेशलिस्ट के अनुसार 15-20 दिनों से डायरिया के केस लगातार बढ़ रहे हैं।
अस्पताल पहुंचने वाले 100 में 20-25 बच्चों में डायरिया के केस सामने आ रहे हैं। इनमें पांच साल तक के बच्चों की तादात ज्यादा है। डायरिया से पीड़ित बच्चों को ग्लूकोज नहीं, बल्कि ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए।
प्रारंभिक लक्षण
सुस्ती, कम पेशाब होना, भूख का नहीं लगना
लूज मोशन, बुखार, उल्टी, पेट में दर्द
बचाव के उपाय
हाइजेन का विशेष ध्यान रखें
साफ हाथों से बच्चों को खाना खिलाएं
बॉटल से दूध पिलाना है तो उसे पहले गर्म पानी से धोएं
खाना ढंककर रखें
छोटे बच्चे को मां का दूध जरूर पिलाएं
कोट्स
15-20 दिनों से डायरिया से पीड़ित बच्चे अस्पताल में आ रहे हैं। यदि 100 बच्चों की ओपीडी है तो उनमें करीब 20-25 केस डायरिया के होते हैं। इनमें पांच साल तक के बच्चे ज्यादा हैं।
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- डा. रोहित, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, जनरल अस्पताल
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अस्पताल पहुंचने वाले 100 में 20-25 बच्चों में डायरिया के केस सामने आ रहे हैं। इनमें पांच साल तक के बच्चों की तादात ज्यादा है। डायरिया से पीड़ित बच्चों को ग्लूकोज नहीं, बल्कि ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए।
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प्रारंभिक लक्षण
सुस्ती, कम पेशाब होना, भूख का नहीं लगना
लूज मोशन, बुखार, उल्टी, पेट में दर्द
बचाव के उपाय
हाइजेन का विशेष ध्यान रखें
साफ हाथों से बच्चों को खाना खिलाएं
बॉटल से दूध पिलाना है तो उसे पहले गर्म पानी से धोएं
खाना ढंककर रखें
छोटे बच्चे को मां का दूध जरूर पिलाएं
कोट्स
15-20 दिनों से डायरिया से पीड़ित बच्चे अस्पताल में आ रहे हैं। यदि 100 बच्चों की ओपीडी है तो उनमें करीब 20-25 केस डायरिया के होते हैं। इनमें पांच साल तक के बच्चे ज्यादा हैं।
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- डा. रोहित, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, जनरल अस्पताल