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Chandigarh News: स्कूलों में डमी दाखिला लेकर कोचिंग संस्थानों में अब नहीं पढ़ पाएंगे बच्चे

Wed, 05 Jul 2023 01:56 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jul 2023 01:56 AM IST
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Children will no longer be able to study in coaching institutes by taking dummy admission in schools
चंडीगढ़। शहर के सरकारी और निजी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में होने वाले डमी एडमिशन को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। स्कूल प्रमुखों को साफ तौर पर कह दिया गया है कि अगर इस बार डमी दाखिले हुए या डमी कक्षाएं चलती पाई गईं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विभाग अगले हफ्ते सभी स्कूल प्रमुखों की बैठक भी बुलाने जा रहा है। शहर के कई निजी व सरकारी स्कूलों में कोचिंग संस्थानों के साथ मिलीभगत कर 11वीं और 12वीं कक्षा में विद्यार्थियों के डमी दाखिले किए जाते रहे हैं। इन स्कूलों में डमी दाखिला लेकर विद्यार्थी कक्षाएं नहीं लगाते और पूरे साल कोचिंग संस्थानों में मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहते हैं। इससे स्कूलों में पढ़ाई के इच्छुक दूसरे विद्यार्थियों को दाखिला ही नहीं मिल पाता।
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जानकरी के मुताबिक, चंडीगढ़ ही नहीं पंचकूला और मोहाली के भी अभिभावक चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों की कम फीस का लाभ उठाकर बच्चों का दाखिला यहां करवा देते हैं, ताकि कोचिंग संस्थानों की लाखों रुपये की फीस के साथ स्कूल फीस का भार उनकी जेब पर न पड़े। शहर के स्कूलों में डमी कक्षाओं के लगने की मुख्य वजह यह भी है कि विभिन्न स्कूलों के शिक्षक और प्रिंसिपल इन कोचिंग संस्थानों में पढ़ाते हैं। यही वजह है कि छात्र भी इन कोचिंग संस्थानों में पढ़ना पसंद करते हैं।
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पिछले साल तक सरकारी स्कूलों में ही पढ़ने वाले छात्रों को ही सरकारी स्कूल में दाखिला नहीं मिल पाता था। शिक्षा विभाग को स्कूलों में चल रही डमी कक्षाओं, शिक्षकों की ओर से कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने की लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। ऐसे में इस धांधली को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई का खाका तैयार किया है। इस सत्र में ग्यारहवीं के दाखिले में सरकारी स्कूलों से पढ़ रहे छात्रों का 85 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया गया है ताकि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्रों को दाखिले का मौका मिल सके।
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बनेगी नीति, ऑनलाइन हाजिरी का भी विकल्प
डमी कक्षाओं को लेकर शिक्षा विभाग अगले हफ्ते सरकारी व निजी स्कूलों के प्रमुखों और कोचिंग संस्थानों के साथ बैठक करेगा। साथ ही डमी दाखिलों पर रोक लगाने के लिए जल्द ही एक नीति भी बनाई जाएगी। शहर के स्कूलों को निर्देशित किया जा सकता है कि वे सभी छात्रों की हाजिरी ऑनलाइन करें। इसके अलावा सीबीएसई के निर्देशानुसार हर छात्र की उपस्थिति 75 प्रतिशत अनिवार्य की जाएगी।

85-15 प्रतिशत कोटे के अनुसार दाखिले की योजना
डमी दाखिले और कक्षाओं पर रोक लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने पहली बार 85-15 प्रतिशत कोटे के अनुसार दाखिला देने की योजना बनाई है। 11वीं कक्षा में 85 प्रतिशत दाखिला शहर के सरकारी स्कूलों से पास विद्यार्थियों को दिया गया है, जबकि 15 प्रतिशत सीटों पर निजी व दूसरे राज्यों के छात्रों को दाखिला दिया गया है।



डमी दाखिलों के मामले पर शिक्षा विभाग अगले सप्ताह स्कूल प्रमुखों के साथ बैठक करने जा रहा है। इसके बाद कोई अनियमितता पाई जाती है तो स्कूल प्रमुखों के खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा।
-हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
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