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Chandigarh News: किताबी पढ़ाई से आगे बढ़ेंगे बच्चे, कौशल बोध में सीखेंगे रोजगारपरक हुनर
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और रोजगार से जुड़े कौशल सिखाने के लिए नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत कौशल बोध कार्यक्रम शुरू किया गया है। फिलहाल इसमें कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के तहत हर शनिवार विशेष कक्षा लगाई जाती है। इसमें विद्यार्थियों को हॉस्पिटेलिटी, रिटेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों से परिचित कराया जा रहा है। गतिविधियों और व्यावहारिक सीख के जरिये बच्चों की रुचि और हुनर पहचानने के साथ समस्या समाधान और नई चीजें सीखने की क्षमता विकसित करने पर जोर है।
शिक्षकों का कहना है कि कार्यक्रम बच्चों के लिए उपयोगी है, लेकिन सप्ताह में एक दिन कक्षा होने से पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। किसी भी कौशल में दक्षता के लिए नियमित अभ्यास जरूरी है। यदि कक्षाओं की संख्या बढ़ाई जाए तो विद्यार्थियों को सीखने और अभ्यास करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
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चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और रोजगार से जुड़े कौशल सिखाने के लिए नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत कौशल बोध कार्यक्रम शुरू किया गया है। फिलहाल इसमें कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के तहत हर शनिवार विशेष कक्षा लगाई जाती है। इसमें विद्यार्थियों को हॉस्पिटेलिटी, रिटेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों से परिचित कराया जा रहा है। गतिविधियों और व्यावहारिक सीख के जरिये बच्चों की रुचि और हुनर पहचानने के साथ समस्या समाधान और नई चीजें सीखने की क्षमता विकसित करने पर जोर है।
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शिक्षकों का कहना है कि कार्यक्रम बच्चों के लिए उपयोगी है, लेकिन सप्ताह में एक दिन कक्षा होने से पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। किसी भी कौशल में दक्षता के लिए नियमित अभ्यास जरूरी है। यदि कक्षाओं की संख्या बढ़ाई जाए तो विद्यार्थियों को सीखने और अभ्यास करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
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