फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Children performance fall in offline classes in Chandigarh

अमर उजाला शिक्षा अभियान: स्कूलों में हाजिरी शत प्रतिशत, बच्चों के प्रदर्शन में गिरावट, अभिभावकों व शिक्षकों को करनी पड़ रही कड़ी मेहनत

Sat, 26 Mar 2022 03:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 26 Mar 2022 03:24 PM IST
सार

बच्चों के लिए एनएसएस कार्यक्रमों के साथ, आइकॉनिक सप्ताह में कई कलात्मक गतिविधियों पोस्टर, पेंटिंग, रंगोली, भाषण, लेख आदि का आयोजन करवाया गया जिससे बच्चों के हुनर को निखारा जा सके। आगामी सत्र अप्रैल से बच्चों के लिए सभी गतिविधियां सामान्य होगी। 

विज्ञापन
Children performance fall in offline classes in Chandigarh
छात्र-छात्राएं - फोटो : सभी फोटो- अमर उजाला

विस्तार

कोरोना महामारी के कम होने के बाद स्कूल खुलने से शिक्षा फिर से पटरी पर आने लगी है। ऐसे में महामारी से उभरते दौर में स्कूल शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों को किस तरह की परेशानियां आ रही है और हम इससे सकारात्मक तरीके से कैसे उभर सकते हैं, इसको लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया हुआ है। इसके माध्यम से आज हम आपको स्कूलों की जमीनी हकीकत बता रहे हैं। 

विज्ञापन


विज्ञापन


अब स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत हो गई है। हालांकि दो वर्ष के अंतराल की भरपाई में शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल संचालकों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है क्योंकि बच्चों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। स्कूलों में सामान्य दिनों की तरह ही सभी गतिविधियां भी शुरू करवा दी गई हैं। बच्चे स्कूल में आने के बाद हमेशा की तरह प्रार्थना सभा से सुबह की शुरुआत कर रहे हैं। इस दौरान बच्चों को हल्का व्यायाम भी करवाया जा रहा ताकि वह चुस्त रहें। 
विज्ञापन
विज्ञापन




जीएमएचएस करसान के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि अभी स्कूल में बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा से पहले ही बच्चे शत प्रतिशत ऑफलाइन कक्षाओं के लिए आने शुरू हो गए थे। स्कूल खुलने पर शुरुआत में बच्चों को थोड़ी मुश्किलें आईं लेकिन धीरे-धीरे वे पुरानी आदत में ढल गए। अभी परीक्षा के समय भी बच्चों को पहले प्रार्थना करवाई जाती है। इसके बाद 5 मिनट ध्यान और हल्का व्यायाम करवाते हैं ताकि परीक्षा के समय में बच्चों में स्फूर्ति बनी रहे और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। प्रार्थना के बाद शिक्षक पांच मिनट बच्चों को नैतिक शिक्षा भी देते हैं, इसमें उन्हें उचित व्यवहार की कहानियों के साथ प्रेरक प्रसंग सुनाए जाते हैं। 



शिक्षक कई बच्चों पर दे रहे अतिरिक्त ध्यान 
जीएमएसएसएस-35 के प्राचार्य दविंदर ने बताया कि स्कूल में बच्चों की उपस्थित सामान्य हो गई है। परीक्षाओं से पहले ही स्कूल सामान्य व्यवस्था में चलने लगा था। कोरोना महामारी के समय में बच्चों से हुई दूरी का प्रभाव प्रदर्शन पर पड़ा है। इसकी भरपाई करने में अभी समय लगेगा। इसके लिए शिक्षक कई बच्चों पर अतिरिक्त ध्यान भी दे रहे हैं जिससे उनके प्रदर्शन में सुधार करवाया जाए। बच्चों के लिए एनएसएस कार्यक्रमों के साथ, आइकॉनिक सप्ताह में कई कलात्मक गतिविधियों पोस्टर, पेंटिंग, रंगोली, भाषण, लेख आदि का आयोजन करवाया गया जिससे बच्चों के हुनर को निखारा जा सके। आगामी सत्र अप्रैल से बच्चों के लिए सभी गतिविधियां सामान्य होगी। 


सभी बच्चों की परीक्षाएं हो रहीं ऑफलाइन  
शहर के सभी स्कूलों में अभी विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं और अप्रैल में नए सत्र की शुरुआत होगी। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सभी कक्षाओं की परीक्षाएं ऑफलाइन माध्यम में ही संचालित की जा रही हैं, ऑनलाइन का विकल्प नहीं दिया गया है, ताकि बच्चों के प्रदर्शन का सही आंकलन हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed