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नए जिप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मुख्यमंत्री से मिले
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Mon, 16 May 2016 08:12 PM IST
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सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जिला परिषदों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों से आह्वान किया है कि वे अपने क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान को सफल बनाने के लिए समर्पित भाव से काम करें।
उन्होंने कहा कि सभी जिला परिषदों के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है और जिला परिषद इस राशि से जरूरत के अनुसार अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक विकास कार्य करवाएं।
मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर नवनिवार्चित जिला परिषदों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में जिला परिषद के अध्यक्षों के मकान भत्ता बढ़ाने तथा अन्य शक्तियां प्रदान करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने मकान भत्ता बढ़ाने पर विचार कर रही है। शक्तियों के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के विकेंद्रीकरण पर जोर दे रही है।
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पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े जन प्रतिनिधियों को और अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पहली बार चुन कर आए जनप्रतिनिधियों के लिए सरकारी तंत्र में कुछ बातें नई होती हैं, लेकिन काम करने की लग्न उन्हें सहज बना देती है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के अनुमान तैयार करने के लिए सरकार सामाजिक लेखा परीक्षण की व्यवस्था कर रही है। इसके तहत हर गांव में ग्राम सभा की बैठक में सहमति के आधार पर 10-11 लोगों की टीम गठित की जाएगी। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
मुख्यमंत्री ने जिला परिषदों की आय के नए संसाधन जुटाने का भी सुझाव देते हुए कहा कि जहां-जहां पर जिला परिषद के नाम जमीन उपलब्ध है वहां दुकानें या अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान संचालित कर जिला परिषद की आय के संसाधन सृंजित किए जा सकते हैं।
उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने क्षेत्रों में योग कार्यक्रम आयोजित करवाने को भी कहा।
बैठक में धनखड़ ने इस बात की जानकारी दी कि इस बार पंचकूला, फतेहाबाद, पानीपत व करनाल जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर महिला प्रतिनिधि चुनी गई, जो सरकार की महिला सशक्तीकरण की ओर उठाए जा रहे कदमों का प्रमाण है।
बैठक में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, राजनीतिक सचिव दीपक मंगला के अलावा झज्जर, रोहतक, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, मेवात व गुड़गांव जिला परिषदों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि सभी जिला परिषदों के लिए तीन-तीन करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है और जिला परिषद इस राशि से जरूरत के अनुसार अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक विकास कार्य करवाएं।
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मुख्यमंत्री सोमवार को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर नवनिवार्चित जिला परिषदों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में जिला परिषद के अध्यक्षों के मकान भत्ता बढ़ाने तथा अन्य शक्तियां प्रदान करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने मकान भत्ता बढ़ाने पर विचार कर रही है। शक्तियों के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकार सत्ता के विकेंद्रीकरण पर जोर दे रही है।
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पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े जन प्रतिनिधियों को और अधिक जिम्मेदारियां दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पहली बार चुन कर आए जनप्रतिनिधियों के लिए सरकारी तंत्र में कुछ बातें नई होती हैं, लेकिन काम करने की लग्न उन्हें सहज बना देती है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के अनुमान तैयार करने के लिए सरकार सामाजिक लेखा परीक्षण की व्यवस्था कर रही है। इसके तहत हर गांव में ग्राम सभा की बैठक में सहमति के आधार पर 10-11 लोगों की टीम गठित की जाएगी। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
मुख्यमंत्री ने जिला परिषदों की आय के नए संसाधन जुटाने का भी सुझाव देते हुए कहा कि जहां-जहां पर जिला परिषद के नाम जमीन उपलब्ध है वहां दुकानें या अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान संचालित कर जिला परिषद की आय के संसाधन सृंजित किए जा सकते हैं।
उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने क्षेत्रों में योग कार्यक्रम आयोजित करवाने को भी कहा।
बैठक में धनखड़ ने इस बात की जानकारी दी कि इस बार पंचकूला, फतेहाबाद, पानीपत व करनाल जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर महिला प्रतिनिधि चुनी गई, जो सरकार की महिला सशक्तीकरण की ओर उठाए जा रहे कदमों का प्रमाण है।
बैठक में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, राजनीतिक सचिव दीपक मंगला के अलावा झज्जर, रोहतक, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, मेवात व गुड़गांव जिला परिषदों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष उपस्थित थे।