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जाट आरक्षण आंदोलनः मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, सबूत होंगे तभी चार्जशीट में शामिल किए नए नाम

Sun, 08 Jul 2018 09:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Updated Sun, 08 Jul 2018 09:57 AM IST
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Chief Minister Khattar said, There will be evidence when only new names in the charge sheet
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी-2016 में भड़के दंगों पर सरकार और जाट नेताओं में एक बार फिर तनातनी हो गई है। जाट नेता यशपाल मलिक का कहना है कि वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने सरकार के साथ मिलकर साजिश के तहत जाट नेताओं और युवाओं के नाम चार्जशीट में शामिल करवाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई कैप्टन अभिमन्यु की कठपुतली की तरह काम कर रही है।
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एलान किया कि अब सरकार के साथ कोई वार्ता नहीं होगी। वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि सीबीआई ने सबूत के आधार पर ही चार्जशीट में नए नाम शामिल किए होंगे। प्रदेश को जलाने की साजिश रचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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शनिवार को हिसार से दिल्ली जाते समय मुख्यमंत्री मनोहर लाल रोहतक के सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिले। शिकायत सुनने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सीबीआई अपने तरीके से काम करती है। वित्तमंत्री का घर जलाने के मामले में पहले इतने लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल नहीं थे, जितने अब हैं। सीबीआई को कोई सबूत या सूत्र मिला होगा, तभी नाम जोड़े हैं।
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कोई कितना ही बड़ा व्यक्ति या राजनीतिक दल का नेता क्यों न हो, अगर दोषी है तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए। समाज को बांटने, लोगों को मौत के घाट उतारने और आम आदमी की संपत्ति जलाने से बड़ा अपराध कोई नहीं हो सकता। 

नहीं चाहते कच्चे कर्मचारियों की नौकरी जाए : मनोहर 
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार की गलत नीति के कारण आज सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटकी है। हाईकोर्ट ने भी माना कि कांग्रेस सरकार ने बार-बार पॉलिसी बदलकर बैकडोर से नौकरी दी है। हाईकोर्ट के निर्णय का भाजपा सरकार सम्मान करती है, लेकिन यह भी नहीं चाहती कि कच्चे कर्मचारियों की यूं कई साल बाद नौकरी चली जाए। उनके साथ सैकड़ों परिवारों का भविष्य जुड़ा है।

इसलिए कोई रास्ता निकालने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कदम उठाए जाएंगे। इसमें सुप्रीम कोर्ट में अपील से लेकर अध्यादेश लाने तक का विकल्प है। 

लोकसभा के साथ विस चुनाव की संभावना कम : सीएम 
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव होते हैं तो भाजपा उसके लिए तैयार है। लेकिन मेरा मानना है कि इसकी संभावना बहुत कम है। पूरे देश में राज्यों और लोकसभा के एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन करना पड़ेगा। साथ ही दूसरी तैयारियां भी जरूरी हैं। इस बार की बजाय 2024 में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव संभव हैं। 

50 प्रतिशत लागत मूल्य बढ़ाकर भाजपा ने वादा पूरा किया 
किसानों की फसलों के मूल्य बढ़ाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि जब क्रय बढ़ता है तो विक्रय भी बढ़ता है। सरकार ने लागत मूल्य के 50 प्रतिशत भाव बढ़ाए हैं। इससे न केवल समाज में खुशहाली आएगी, बल्कि कारोबार भी बढ़ेगा।

झूठे मामलों से कमजोर नहीं होगा आंदोलन : यशपाल 
रोहतक। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक का कहना है कि आरक्षण के मामले में भाजपा ने जाटों को धोखे में रखा है। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मेरे सामने सीएम मनोहर लाल को कहा था कि आरक्षण को क्यों लटकाया जा रहा है। जबकि मनोहर लाल अब तक जाट समाज की मांगों को लटकाए हुए हैं। अब साजिश के तहत कैप्टन अभिमन्यु ने सरकार के साथ मिलकर सीबीआई का दुरुपयोग कर जाट नेताओं और उनके पारिवारिक सदस्यों के नाम चार्जशीट में शामिल करवा दिए हैं। 

यशपाल मलिक ने मांग की कि न केवल सीबीआई के जांच अधिकारी को बदला जाए, बल्कि जाटों के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि झूठे केसों से जाटों का आंदोलन कमजोर नहीं होगा। 15 अगस्त के बाद जाट समाज सीएम और दूसरे भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखाएगा। हर भाजपा नेता के कार्यक्रम में जाकर जाट समाज के लोग अपनी जनसभा करेंगे।


जसिया में मीटिंग के बाद मीडिया से बातचीत में मलिक ने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु का घर जलाने के मामले में जाट नेता अशोक बल्हारा का नाम जोड़ने से साफ है कि सरकार झूठ का सहारा ले रही है। कैप्टन ने अन्य नाम राजनीतिक द्वेष के चलते शामिल करवाए हैं। 16 अगस्त 2018 से प्रदेश में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों की रैलियों, कार्यक्रमों के विरोध में सभी जिलों में भाईचारा सम्मेलन किए जा रहे हैं। अब सरकार के साथ कोई वार्ता नहीं होगी।
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