पंजाब सरकार ने किया किसानों का 1,771 करोड़ का कर्ज माफ, CM का एक और बड़ा एलान
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किसानों के लिए कर्ज माफी स्कीम को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को सूबे के 109730 किसानों को व्यापारिक बैंकों के 1771 करोड़ के कर्जे से राहत मुहैया कराई। साथ ही ढाई से पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को भी इसके लाभ का एलान किया।
शुक्रवार को पटियाला के बारन में आयोजित राज्यस्तरीय समागम में पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना व संगरूर के 25 किसानों को कर्जा राहत सर्टिफिकेट सौंपे गए। इस दौरान कैप्टन ने कहा कि यह राशि सीधे व्यापारिक बैंकों के सीमांत किसानों के खातों में डाली जाएगी। इस प्रक्रिया को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। सीएम ने कर्जा माफी के अगले चरणों में जमीन से वंचित मजदूरों का कर्जा माफ करने प्रति भी वचनबद्धता जाहिर की।
सीएम ने कहा कि सारे सीमांत किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्जा माफ किया जाएगा। इसी तरह ही दो लाख रुपये तक का कर्जा उठाने वाले छोटे किसानों को भी यही राहत मिलेगी। कहा कि पहले पड़ाव में सहकारी बैंकों के 3.18 लाख सीमांत किसानों का 1815 करोड़ रुपये का कर्जा माफ किया गया है और आज के राज्यस्तरीय समागम में व्यापारिक बैंकों के 1.09 लाख सीमांत किसानों को 1771 करोड़ रुपये की कर्जा राहत दी गई है।
सीएम ने एलान किया कि तीसरे पड़ाव में सहकारी बैंकों के साथ जुड़े 2.15 लाख छोटे किसानों को कर्जा राहत मुहैया कराई जाएगी, और चौथे पड़ाव में व्यापारिक बैंकों के 50752 छोटे किसानों का कर्जा माफ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इजराइल और पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना के विशेषज्ञ मिलकर राज्य में जल संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे।
सेहत मंत्री ब्रह्ममहिंदरा ने कहा कि सरकार की तरफ से जल्दी ही राज्य के 43 लाख लोगों को 5 लाख रुपये की नगदी रहित बीमा स्कीम के घेरे में लाकर सेहत सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने भरोसा दिया कि पंजाब सरकार किसानों के दुख-सुख में हमेशा उनके साथ है।
एशियाई देशों को चीनी-आलू निर्यात के लिए केंद्र को लिखा
कैप्टन ने एशियाई देशों को चीनी और आलू की निर्यात की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर इन वस्तुओं को निर्यात सूची में शामिल करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार, पंजाब को यह वस्तुएं निर्यात करने की इजाजत दे तो गन्ना काश्तकारों और आलू उत्पादकों को बहुत बड़ा लाभ पहुंच सकता है।
‘नकली बीज, खाद रोकने के लिए सरकार सतर्क’
कैप्टन ने किसानों तक पहुंच रहे नकली बीज, खेती रसायन और खेती वस्तुओं की समस्या पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि उनकी सरकार इनकी बिक्री रोकने के लिए चौकसी बरत रही है। उन्होंने बताया कि खाद के संतुलित प्रयोग को यकीनी बनाने के लिए शुरू किए गए विशेष अभियान के नतीजे के तौर पर खरीफ की फसल- 2018 दौरान पिछले साल के मुकाबले यूरिया और डीएपी का प्रयोग में क्रम 1 लाख मीट्रिक टन और 46 हजार टन की कमी हुई है। इस के फलस्वरूप लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत हुई है।