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राम रहीम को उम्रकैद पर बोलीं पत्रकार छत्रपति की पत्नी, अब मुझे अपने बच्चों को खोने का डर नहीं

Sat, 19 Jan 2019 09:17 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 19 Jan 2019 09:17 AM IST
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Chhatrapati's wife gave reaction to Ram Rahim's punishment
छत्रपति की पत्नी और बेटा

डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम को छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद गुरुवार रात को कुलवंत कौर ने चैन की नींद सोई। सुबह उनके घर पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों को तांता लगा रहा और लोग पूरे परिवार के संघर्ष को लेकर तारीफ कर रहे थे। अंशुल छत्रपति की माता कुलवंत कौर ने कहा कि इस फैसले के लिए 16 साल से लड़ते आ रहे थे। पति के बाद बच्चों को भी खोने के डर के साए में जी रहे थे। कहीं कोई अपहरण न कर लें। इसी डर से छोटी बेटी श्रेयसी को पढ़ने के लिए बाहर भेज दिया। 

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स्कूल आने और जाने की चिंता सताती रही। कुलवंत कौर ने बताया कि गुरुवार को फैसला टीवी पर देख रही थी। फैसले के बाद रात को राहत महसूस हुई उससे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। उनके पति की हत्या के आरोप में डेरा प्रमुख को उमक्रैद हुई तो रणजीत हत्याकांड में फांसी होगी। उसे भगवान पर भरोसा है, क्योंकि उसके घर में देर हैं अंधेर नहीं। अंशुल की माता कुलवंत कौर ने बताया कि जो रिश्तेदार पहले कहते थे कि डेरा प्रमुख का कुछ नहीं होना, इसलिए समझौता कर लो, लेकिन फैसले के बाद उन रिश्तेदारों के फोन नहीं आए।  
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 छत्रपति के हत्या के आरोप में डेरा मुखी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तो उनके पैतृक गांव दड़बी में लोगों ने पटाखे बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। छत्रपति के बड़े भाई जयचंद का परिवार गांव में ही है। जैसे ही अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई तो गांव में दीपावली जैसा माहौल बन गया। परिवार सहित ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों में पटाखे बजाए। 
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छत्रपति के पारिवारिक दोस्त बलजिंद्र स्वामी ने बताया फैसले के समय वे गांव की चौपाल पर बैठे थे। मैंने पहले ही दुकान वाले को पटाखे करने का इंतजाम कर दिया था। फैसला आते ही छत्रपति के भाई हरभजन का पंजाब से फोन आया तो उसने कहा कि बलजिंद्र बजा लें आज जितने पटाखे बजाने हैं। पैसे में भेजूंगा। तब बलजिंद्र ने कहा कि पैसों की परवाह नहीं। 

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