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पीयू के हॉस्टल नंबर एक में चेकिंग, दो छात्र ताला तोड़कर रहते पकड़े गए

Thu, 23 Apr 2020 01:36 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2020 01:36 AM IST
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Checking in PU hostel number one, two students caught breaking lock
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में मंगलवार की शाम चेकिंग अभियान चला। इस दौरान ब्वॉयज हॉस्टल नंबर एक में दो छात्र पकड़े गए। यह विद्यार्थी पीयू के ही हैं, लेकिन हॉस्टल के छात्र नहीं हैं। आरोप है कि यह छात्र दीवार कूदकर हॉस्टल में घुसे हैं और एक कमरे का ताला तोड़कर कई दिनों से रह रहे थे। पुलिस को सूचना दी गई तो शिकायत दर्ज हो गई है, लेकिन छात्रों के पास दूसरी जगह जाने का कोई साधन नहीं था, इसलिए पुलिस ने एक दिन हॉस्टल में रहने की अनुमति देने को कहा है। छात्र फिलहाल वहीं पर हैं।
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पीयू में 21 मार्च से अवकाश चल रहे हैं। लॉकडाउन के कारण अधिकांश छात्र अपने घरों को चले गए। महज 200 ही विद्यार्थी हॉस्टलों में बचे हैं। वह भी अपने-अपने हॉस्टलों में रह रहे हैं। पीयू प्रशासन ने इनके लिए आदेश जारी किए हैं कि कोई भी विद्यार्थी एक-दूसरे के हॉस्टल में प्रवेश नहीं करेगा। सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। उसके बाद पीयू के वार्डन इसकी सत्यता परखने के लिए जांच करते हैं। मंगलवार को भी ब्वॉयज हॉस्टल नंबर एक के वार्डन राजीव कुमार ने हॉस्टल का राउंड लिया। उन्होंने बताया कि दो छात्र पंकज व अंकित वहां अनधिकृत रूप से रहते मिले। इन्होंने रूम का ताला तोड़ा। जांच की गई तो पता लगा कि दीवार कूदकर आए थे। पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस ने दबाव डाला तो छात्रों ने हकीकत बताई। हॉस्टल के ही एक छात्र की मदद से यह आए थे। अब इन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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वार्डन ने की अभद्रता
पकड़े गए छात्र पंकज ने वार्डन राजीव कुमार पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से पहले उसकी नानी की डेथ हो गई थी तो वह अपने घर पर था। लॉकडाउन का उन्हें पता नहीं था, उससे एक या दो दिन पहले ही वह पीयू पहुंचे थे ताकि पढ़ाई बाधित न हो। रुकने की जगह नहीं थी। ऐसे में हॉस्टल नंबर एक के छात्र से अनुरोध किया और उन्होंने रहने की अनुमति दे दी। उसी दौरान लॉकडाउन लग गया, जो आज तक नहीं खुला और मुझे हॉस्टल में ही रहना पड़ा। आरोप है कि वार्डन ने उन्हें बाहर निकालने के लिए गाली निकाली। डंडे से मारने का भी आरोप है। उन्होंने कहा कि वह पीयू के स्टूडेंट हैं। वह हॉस्टल में मजबूरी के कारण रुके थे, उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। पुलिस की वजह से उन्हें एक दिन रुकने का मौका दिया गया, लेकिन हॉस्टल उन्हें निकालेगा तो वह कहां जाएंगे। उन्होंने वीसी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें लॉकडाउन तक हॉस्टल में रहने की अनुमति दी जाए।
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