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Chandigarh News: सस्ता कमरा, महंगा पड़ सकता है सौदा

Fri, 05 Jun 2026 02:39 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:39 AM IST
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Cheap room, can be a costly deal
चंडीगढ़। देश की राजधानी नई दिल्ली में एक होटल हादसे ने प्रशासन की गहरी नींद उजागर की है। शहर में मशरूम की तरह पनपे कई होटल बिना नक्शा पास करवाए ही बना दिए गए हैं। इनमें से किसी के पास भी अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है।
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बुड़ैल, दड़ुआ, किशनगढ़ और कजेहड़ी जैसे इलाके अवैध और असुरक्षित होटलों के प्रमुख गढ़ हैं। इन तीनों जगहों पर करीब सौ छोटे होटल रिहायशी इलाकों में नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए हैं। कई होटल 75 गज में तो कुछ 100 गज में बने हैं जिनमें 10 से 20 कमरे तक हैं। इन होटलों का औसतन किराया 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है। प्रशासन ने कई बार इन पर शिकंजा कसने का प्रयास किया पर बड़ी पहुंच के कारण ये बच जाते हैं। कम बजट में यात्रा करने वाले लोग सस्ते के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
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जमीनी हकीकत और सुरक्षा चूक
कजेहड़ी में एक लाइन से बने कई होटल केवल 75 गज पर खड़े हैं। इनकी सीढ़ियां इतनी संकरी हैं कि दो व्यक्ति एक साथ नहीं उतर सकते। कजेहड़ी के तीन होटलों में प्रवेश करने पर देखा गया कि उनमें अग्निशमन यंत्र नहीं हैं। कुछ में जो यंत्र हैं वे सालों से अवधि समाप्त हो चुके हैं। किसी भी आपात स्थिति में यहां से निकलना लगभग नामुमकिन है। बुड़ैल और कजेहड़ी में कुछ होटल ऐसी गलियों में हैं जहां अग्निशमन गाड़ियां भी नहीं पहुंच सकतीं।
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अवैध निर्माण और मुनाफाखोरी
दड़ुआ में भी होटलों की स्थिति ऐसी ही है जहां कम जगह में अधिक लाभ कमाने के लिए अवैध निर्माण हुए हैं। इन होटलों का निर्माण बिना किसी हवा निकासी या नक्शा पास करवाए किया गया है। दड़ुआ के सामने रेलवे स्टेशन और कजेहड़ी के सामने अंतरराज्यीय बस अड्डा होने से इन होटलों को काफी यात्री मिल जाते हैं। अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी दलीप ठाकुर ने बताया कि कजेहड़ी के होटल या मोटल को विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है।




कोट्स
चंडीगढ़ की जितने भी अवैध कंस्ट्रक्शन हैं उनको नोटिस इश्यू किए जा रहे हैं। जांच में उल्लंघन पाया गया तो सील की कार्रवाई की जाएगी।
-निशांत कुमार यादव, डीसी, चंडीगढ़
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