{"_id":"5bc6fbd6bdec2269b262deec","slug":"charging-system-in-parkings-of-chandigarh-to-charge-e-rickshaw-nagar-nigam-decision","type":"story","status":"publish","title_hn":"सराहनीय पहलः चंडीगढ़ में अब पार्किंगों में लगेंगे चार्जिंग सिस्टम, ई-रिक्शा चार्ज करो और दौड़ाओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सराहनीय पहलः चंडीगढ़ में अब पार्किंगों में लगेंगे चार्जिंग सिस्टम, ई-रिक्शा चार्ज करो और दौड़ाओ
राजेश ढल्ल, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:37 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ में दौड़ती ई रिक्शा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ में ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन के बाद अब नगर निगम ने भी कदम उठाए हैं, जो काफी सराहनीय है और लोगों के लिए फायदेमंद भी। नगर निगम शहर की पार्किंगों में ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज करने के लिए सिस्टम लगाने जा रहा है ताकि शहर में ज्यादा से ज्यादा ई-रिक्शा चल सकें। यहां नॉमिनल रेट पर चालक अपने ई-रिक्शा की बैटरी को आधुनिक तरीके से चार्ज करवा पाएंगे। इस समय शहर में करीब एक हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं लेकिन इन्हें कहीं पर भी चार्ज करने के लिए कोई खास सिस्टम नहीं है। शहर की अलग-अलग पार्किंगों में चार्जिंग सिस्टम लगाने के लिए नगर निगम ने कंपनी फाइनल कर ली है।
इसी माह के अंत तक शहर की सभी प्रमुख पार्किंगों में ई-रिक्शा को चार्ज करने के लिए सिस्टम लगा दिए जाएंगे। इससे चालकों को अपने ई-रिक्शा को चार्ज करने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। चालक शहर में कहीं पर भी अपने ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज कर काम की ओर बढ़ जाएंगे। इस समय चालकों को ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज करवाने के लिए काफी भटकना पड़ता है। मालूम हो कि एक ई-रिक्शा को पूरी तरह से चार्ज करने के लिए 7 घंटे का समय लगता है। ई-रिक्शा की तरफ शहरवासियों का भी झुकाव बढ़ रहा है। लोगों के साथ साथ पर्यटक भी शहर में घूमने के लिए ई-रिक्शा किराए पर ले रहे हैं। प्रशासन ने भी इस साल मार्च माह शहर में चल रहे ई-रिक्शा की पॉलिसी बनाकर लागू की है।
वी-1, वी-2 और वी-7 सड़कों पर नहीं चलेगा ई-रिक्शा
पॉलिसी के मुताबिक ई-रिक्शा मध्य मार्ग और उत्तरी मार्ग की मुख्य सड़कों पर नहीं चलाने की मंजूरी नहीं है। मध्य मार्ग और उत्तरी मार्ग से जुड़ी अंदरूनी सड़कों पर ई-रिक्शा चल सकेंगे। वी-1 सड़कें यानी शहर के नेशनल हाईवे पर, वी-2 यानी मध्य व उत्तरी मार्ग और वी-7 यानी शहर के फुटपाथ व साइकिल ट्रैक पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक लगाई गई है। वी-1 सड़कों में चंडीगढ़ के एट्रेंस से ट्रिब्यून चौक की सड़क शामिल हैं। वी-2 में सेक्टर-12,14,11,15,10,16,9,17,8,18,7,19,26,27 और 28 की मुख्य सड़क शामिल हैं। पॉलिसी के मुताबिक ई-रिक्शा चालक को ट्रांसपोर्ट विभाग के अंतर्गत न केवल रिक्शा का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, बल्कि ई रिक्शा चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस लेना भी आवश्यक होगा। इसके साथ ही ड्राइवरों को ई-रिक्शा चलाते समय वर्दी पहनना भी जरूरी होगा।
विज्ञापन
ई-रिक्शा चालक के पास फिटनेस प्रमाणपत्र होना आवश्यक
ई-रिक्शा में चालक के अलावा केवल 4 यात्रियों को बैठाने की मंजूरी है। इसके अलावा रिक्शा में केवल 40 किलो तक का ही सामान रखा जा सकता है। ई-रिक्शा को ट्रांसपोर्ट व्हीकल के अंतर्गत पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पॉलिसी के मुताबिक ई रिक्शा में प्राथमिक चिकित्सा पेटी और अग्निशामक जरूरी है। ई-रिक्शा चालक का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि जानकारी रिक्शा के बाईं ओर लिखा होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, ई रिक्शा पर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस नंबर 1073 होना अनिवार्य है। नियम के अनुसार ई रिक्शा की लंबाई 2.8 मीटर, ऊंचाई 1.8 मीटर और चौड़ाई 1 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। ई-रिक्शा चालक के पास फिटनेस प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।
शहर में ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए कई कवायद चल रही हैं। इनमें से एक ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज करने के लिए शहर की पार्किंगों में आधुनिक सिस्टम लगाने का हैं। इसके लिए कंपनी फाइनल हो गई है। इसी माह में शहर की पार्किंगों में चार्जिंग सिस्टम लग जाएंगे। इससे ई-रिक्शा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने में भी मदद मिलेगी। शहरवासियों की सुविधा के लिए ही यह निर्णय लिया गया है।
- संजय झा, कमिश्नर, नगर निगम
विज्ञापन
इसी माह के अंत तक शहर की सभी प्रमुख पार्किंगों में ई-रिक्शा को चार्ज करने के लिए सिस्टम लगा दिए जाएंगे। इससे चालकों को अपने ई-रिक्शा को चार्ज करने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। चालक शहर में कहीं पर भी अपने ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज कर काम की ओर बढ़ जाएंगे। इस समय चालकों को ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज करवाने के लिए काफी भटकना पड़ता है। मालूम हो कि एक ई-रिक्शा को पूरी तरह से चार्ज करने के लिए 7 घंटे का समय लगता है। ई-रिक्शा की तरफ शहरवासियों का भी झुकाव बढ़ रहा है। लोगों के साथ साथ पर्यटक भी शहर में घूमने के लिए ई-रिक्शा किराए पर ले रहे हैं। प्रशासन ने भी इस साल मार्च माह शहर में चल रहे ई-रिक्शा की पॉलिसी बनाकर लागू की है।
विज्ञापन
वी-1, वी-2 और वी-7 सड़कों पर नहीं चलेगा ई-रिक्शा
पॉलिसी के मुताबिक ई-रिक्शा मध्य मार्ग और उत्तरी मार्ग की मुख्य सड़कों पर नहीं चलाने की मंजूरी नहीं है। मध्य मार्ग और उत्तरी मार्ग से जुड़ी अंदरूनी सड़कों पर ई-रिक्शा चल सकेंगे। वी-1 सड़कें यानी शहर के नेशनल हाईवे पर, वी-2 यानी मध्य व उत्तरी मार्ग और वी-7 यानी शहर के फुटपाथ व साइकिल ट्रैक पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक लगाई गई है। वी-1 सड़कों में चंडीगढ़ के एट्रेंस से ट्रिब्यून चौक की सड़क शामिल हैं। वी-2 में सेक्टर-12,14,11,15,10,16,9,17,8,18,7,19,26,27 और 28 की मुख्य सड़क शामिल हैं। पॉलिसी के मुताबिक ई-रिक्शा चालक को ट्रांसपोर्ट विभाग के अंतर्गत न केवल रिक्शा का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, बल्कि ई रिक्शा चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस लेना भी आवश्यक होगा। इसके साथ ही ड्राइवरों को ई-रिक्शा चलाते समय वर्दी पहनना भी जरूरी होगा।
विज्ञापन
ई-रिक्शा चालक के पास फिटनेस प्रमाणपत्र होना आवश्यक
ई-रिक्शा में चालक के अलावा केवल 4 यात्रियों को बैठाने की मंजूरी है। इसके अलावा रिक्शा में केवल 40 किलो तक का ही सामान रखा जा सकता है। ई-रिक्शा को ट्रांसपोर्ट व्हीकल के अंतर्गत पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पॉलिसी के मुताबिक ई रिक्शा में प्राथमिक चिकित्सा पेटी और अग्निशामक जरूरी है। ई-रिक्शा चालक का नाम, पता, संपर्क नंबर आदि जानकारी रिक्शा के बाईं ओर लिखा होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, ई रिक्शा पर चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस नंबर 1073 होना अनिवार्य है। नियम के अनुसार ई रिक्शा की लंबाई 2.8 मीटर, ऊंचाई 1.8 मीटर और चौड़ाई 1 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। ई-रिक्शा चालक के पास फिटनेस प्रमाणपत्र होना आवश्यक है।
शहर में ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए कई कवायद चल रही हैं। इनमें से एक ई-रिक्शा की बैटरी को चार्ज करने के लिए शहर की पार्किंगों में आधुनिक सिस्टम लगाने का हैं। इसके लिए कंपनी फाइनल हो गई है। इसी माह में शहर की पार्किंगों में चार्जिंग सिस्टम लग जाएंगे। इससे ई-रिक्शा को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने में भी मदद मिलेगी। शहरवासियों की सुविधा के लिए ही यह निर्णय लिया गया है।
- संजय झा, कमिश्नर, नगर निगम