{"_id":"61653f9c8ebc3e0ec62a4749","slug":"charges-framed-against-six-including-owner-of-f-bar-in-firing-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: एफ बार के मालिक समेत छह पर आरोप तय, 2018 में जन्मदिन पार्टी में चली थी गोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: एफ बार के मालिक समेत छह पर आरोप तय, 2018 में जन्मदिन पार्टी में चली थी गोली
Tue, 12 Oct 2021 01:31 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 12 Oct 2021 01:31 PM IST
सार
19 नवंबर 2018 को एफ बार डिस्क में सहदेव सलारिया की जन्मदिन पार्टी थी। इसी पार्टी में दो गुटों में झगड़ा हो गया था और गोलियां चलने से तीन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने एफ बार डिस्क के मालिक गुनकरण समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सांसद किरण खेर के राजनीतिक सलाहकार रहे सहदेव सलारिया की जन्मदिन पार्टी में चली गोली के मामले में सोमवार को जिला अदालत ने एफ बार डिस्क के मालिक गुनकरण समेत छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अब सभी आरोपियों पर एक दिसंबर से ट्रायल शुरू होगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- रणजीत सिंह हत्याकांड: राम रहीम समेत पांच दोषियों की सजा पर फैसला सुरक्षित, 18 अक्तूबर को होगा एलान
विज्ञापन
गुनकरण पर डीसी के आदेशों का उल्लंघन करने और सुबूत मिटाने की धाराओं के तहत केस चलेगा। वहीं, बाकी आरोपियों रिंकू, राजहित भारद्वाज, चेतन मुंजाल, अर्जुन ठाकुर, राजेश कुमार के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस चलेगा।
विज्ञापन
19 नवंबर 2018 को एफ बार डिस्क में सहदेव सलारिया की जन्मदिन पार्टी थी। वहां भाजपा के कई पार्षद भी मौजूद थे। जो फुटेज में भी दिखाई दिए थे। इस दौरान दो गुटों में झगड़ा हो गया और गोलियां चल गईं। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने इस केस में एफ बार डिस्क के मालिक गुनकरण समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया था।
सहदेव सलारिया को पुलिस ने न तो आरोपी बनाया और न ही केस में गवाह बनाया। दूसरी तरफ गुनकरण का कहना था कि वह घटना के दौरान मौके पर मौजूद नहीं था और उस पर पुलिस ने झूठा केस दर्ज किया है। उसने इसी आधार पर अदालत से मामले में डिस्चार्ज करने की भी अर्जी दायर की लेकिन वह भी कोर्ट ने खारिज कर दी।
यह भी पढ़ें- अर्श से फर्श का सफर: इस गुमनाम चिट्ठी ने खोले थे राम रहीम के काले कारनामे, फिर शुरू हुआ था कत्ल का दौर
गुनकरण पर आरोप थे कि उसने बार के कर्मचारियों को कहकर सभी सुबूत मिटा दिए। वहीं, अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जिस रात पार्टी थी, वहां सुरक्षाकर्मी ने किसी भी मेहमान की चेकिंग नहीं की। इस कारण आरोपी हथियार लेकर बार के अंदर पहुंच गए। ऐसे में इस वारदात के लिए गुनकरण की भी जिम्मेदारी है, अदालत ने उस पर भी केस चलाने के निर्देश देते हुए आरोप तय कर दिए हैं।