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परीक्षा व्यवस्था में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने किया बड़ा बदलाव, अब ऐसे पड़ेगा गुजरना
Wed, 07 Aug 2019 08:53 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 07 Aug 2019 08:53 PM IST
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इस अकादमिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं दोबारा शुरू होंगी। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ये परीक्षाएं कराएगा। इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
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शिक्षा बोर्ड, स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के परामर्श से हर साल के अंत में परीक्षाएं कराएगा। बोर्ड ही परीक्षा पास करने के मापदंड तय करेगा। जो बच्चे इस परीक्षा में फेल हो जाएंगे, आरटीई एक्ट के तहत दो माह के अंदर दोबारा उनका एग्जाम लिया जाएगा।
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बोर्ड द्वारा दो माह बाद ली जाने वाली परीक्षा से पहले फेल होने वाले बच्चे को अस्थाई तौर पर अगली कक्षा में दाखिला दे दिया जाएगा। संबंधित स्कूल बच्चे को सभी जरूरी हिदायतें और अकादमिक सहायता मुहैया कराएगा। अगर बोर्ड द्वारा बाद में ली जाने वाली परीक्षा में भी बच्चा फेल हो गया तो उसे पिछली कक्षा में ही रखा जाएगा।
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बता दें कि पहले पंजाब में पांचवीं और आठवीं की सालाना परीक्षाएं होती थीं। उनमें पास होने बच्चों को ही अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता था। लेकिन आरटीई एक्ट 2009 लागू होने के बाद पांचवीं और आठवीं की सालाना परीक्षा तो होती थी, पर उनमें किसी को फेल नहीं किया जाता था।
सरकार के पास फीडबैक आया कि इससे नौवीं का रिजल्ट खराब हो रहा है। क्योंकि फेल न होने का डर न होने कारण बच्चे पढ़ नहीं रहे थे। विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजा था। उसके बाद अब परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।