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Chandigarh News: चंडीगढ़ के नए आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने संभाला कार्यभार
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। दिल्ली पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस कमिश्नर रहे 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने वीरवार को चंडीगढ़ के नए आईजी के रूप में पदभार संभाल लिया है। सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और चंडीगढ़ पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी।
आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। शहर में नशे की बिक्री पर रोक लगाने के साथ नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे को लेकर किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमर उजाला ने चंडीगढ़ में चिट्टे का काला कारोबार अभियान चलाकर शहर में महिलाओं की ओर से घरों में किए जा रहे ड्रग्स के कारोबार और खुले मैदानों, गाड़ियों व घरों में ड्रग्स का सेवन करने वालों का पर्दाफाश किया था। उम्मीद है कि आईजी पुष्पेंद्र कुमार के आने के बाद ड्रग्स तस्करों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अनुभवी अधिकारी, हाई-प्रोफाइल मामलों को सुलझाने का रिकॉर्ड
पुष्पेंद्र कुमार दिल्ली में म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एमसीडी), मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जैसे कई अन्य विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर रहकर बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई बड़े हाई-प्रोफाइल और चर्चित मामलों को 24 घंटे से भी कम समय में सुलझाया है। उनके नेतृत्व में दिल्ली के चर्चित महिला डॉक्टर पर एसिड अटैक मामले में पुलिस ने आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, हाई-प्रोफाइल डॉक्टर पंकज नारंग मर्डर केस को भी उन्होंने 20 दिन के भीतर सुलझा दिया था। 23 मार्च 2016 को दिल्ली के विकासपुरी में डॉक्टर पंकज नारंग की हत्या कर दी गई थी। पुष्पेंद्र कुमार ने दिल्ली में रहते हुए कई कुख्यात गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। उनके अनुभव का चंडीगढ़ की जनता और पुलिस विभाग को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर गैंगस्टरों और ड्रग्स तस्करों पर शिकंजा कसने में, जिसके लिए वह खुद ग्राउंड लेवल पर काम करने के लिए जाने जाते हैं।
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जी-20 सम्मेलन में संभाला था सुरक्षा का जिम्मा
पुष्पेंद्र कुमार को जी-20 जैसे भारत के सबसे बड़े सम्मेलन के दौरान पूरी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए अपनी टीम से कुछ खास अधिकारियों को चुना था। इनमें आईजी पुष्पेंद्र कुमार भी थे। गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली से चंडीगढ़ दो आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था, जिसमें 2006 बैच के आईपीएस पुष्पेंद्र कुमार के अलावा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रियंका का नाम भी शामिल था।
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चंडीगढ़। दिल्ली पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस कमिश्नर रहे 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार ने वीरवार को चंडीगढ़ के नए आईजी के रूप में पदभार संभाल लिया है। सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और चंडीगढ़ पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी।
आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। शहर में नशे की बिक्री पर रोक लगाने के साथ नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे को लेकर किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमर उजाला ने चंडीगढ़ में चिट्टे का काला कारोबार अभियान चलाकर शहर में महिलाओं की ओर से घरों में किए जा रहे ड्रग्स के कारोबार और खुले मैदानों, गाड़ियों व घरों में ड्रग्स का सेवन करने वालों का पर्दाफाश किया था। उम्मीद है कि आईजी पुष्पेंद्र कुमार के आने के बाद ड्रग्स तस्करों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अनुभवी अधिकारी, हाई-प्रोफाइल मामलों को सुलझाने का रिकॉर्ड
पुष्पेंद्र कुमार दिल्ली में म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एमसीडी), मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जैसे कई अन्य विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर रहकर बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई बड़े हाई-प्रोफाइल और चर्चित मामलों को 24 घंटे से भी कम समय में सुलझाया है। उनके नेतृत्व में दिल्ली के चर्चित महिला डॉक्टर पर एसिड अटैक मामले में पुलिस ने आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, हाई-प्रोफाइल डॉक्टर पंकज नारंग मर्डर केस को भी उन्होंने 20 दिन के भीतर सुलझा दिया था। 23 मार्च 2016 को दिल्ली के विकासपुरी में डॉक्टर पंकज नारंग की हत्या कर दी गई थी। पुष्पेंद्र कुमार ने दिल्ली में रहते हुए कई कुख्यात गैंगस्टरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। उनके अनुभव का चंडीगढ़ की जनता और पुलिस विभाग को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर गैंगस्टरों और ड्रग्स तस्करों पर शिकंजा कसने में, जिसके लिए वह खुद ग्राउंड लेवल पर काम करने के लिए जाने जाते हैं।
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जी-20 सम्मेलन में संभाला था सुरक्षा का जिम्मा
पुष्पेंद्र कुमार को जी-20 जैसे भारत के सबसे बड़े सम्मेलन के दौरान पूरी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए अपनी टीम से कुछ खास अधिकारियों को चुना था। इनमें आईजी पुष्पेंद्र कुमार भी थे। गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली से चंडीगढ़ दो आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था, जिसमें 2006 बैच के आईपीएस पुष्पेंद्र कुमार के अलावा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रियंका का नाम भी शामिल था।