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Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh UT administration issued order to send doctors who came on deputation back to their native state

चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग में खलबली: 27 साल से तैनाती बंद, आ गया डेपुटेशन पर तैनात 112 डॉक्टरों को वापस भेजने का आदेश 

Sat, 05 Feb 2022 02:42 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 05 Feb 2022 02:42 PM IST
सार

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक आरटीआई के दिए गए जवाब में कहा गया है कि नियमित पद पर डॉक्टरों की अंतिम तैनाती 1995 के बाद नहीं की गई है जबकि मौजूदा समय में डॉक्टरों के 91 पद खाली हैं।

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Chandigarh UT administration issued order to send doctors who came on deputation back to their native state
स्वास्थ्य - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन की ओर से डेपुटेशन पर आए डॉक्टरों को उनके मूल राज्य वापस भेजने का आदेश जारी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। इस आदेश को लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज रहा। चिंता की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग में 27 साल से डॉक्टरों की नियमित पदों पर तैनाती की प्रक्रिया बंद है। ऐसे में अगर 112 डॉक्टरों को वापस भेज दिया गया तो फिर मरीजों का इलाज कैसे होगा। 27 साल में स्वास्थ्य विभाग अपने खाली डॉक्टरों के 91 पदों को भर नहीं पाया। ऐसे में 100 से ज्यादा डॉक्टरों को हटाने के बाद अचानक इतने डॉक्टर कहां से आएंगे। 

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आखिरी तैनाती 1995 में हुई थी

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक आरटीआई के दिए गए जवाब में कहा गया है कि नियमित पद पर डॉक्टरों की अंतिम तैनाती 1995 के बाद नहीं की गई है जबकि मौजूदा समय में डॉक्टरों के 91 पद खाली हैं। इसमें 80 चिकित्सा अधिकारी, 9 चिकित्सा अधिकारी (दंत रोग) और दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों के स्वीकृत 232 पदों में से मौजूदा समय में 154 पद पर तैनाती है। 

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आए थे 3 साल के लिए 20 साल बाद भी नहीं लौटे 

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि 112 डॉक्टरों में से चार डॉक्टर 20 साल से, 18 डॉक्टर 15 साल से, 20 डॉक्टर 10 साल से, 30 डॉक्टर 11 साल से, 8 डॉक्टर 7 साल से और 32 डॉक्टर 5 साल से ज्यादा समय से डेपुटेशन पर यहां तैनात हैं जबकि मानक के अनुसार उन्हें 3 साल बाद लौटना होता है। हालांकि कुछ मामलों में यह अवधि 5 से 7 साल तक बढ़ाई जा सकती है। 

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क्रमवार तरीके से भेजा जाएगा वापस

  • 20 साल से डेपुटेशन पर आए चार डॉक्टरों को 1 मार्च 2022 को वापस भेज दिया जाएगा।
  • 18 से 20 सालों से डेपुटेशन पर आए और 38 डॉक्टरों को 28 सितंबर 2022 तक वापस भेजा जाएगा।
  • 10 साल से डेपुटेशन पर काम करने वाले 30 डॉक्टरों को जनवरी 2023 को वापस भेजा जाएगा।
  • 7 साल से ज्यादा समय से डेपुटेशन पर आए 40 डॉक्टरों को 28 फरवरी 2023 तक एक्सटेंशन दी गई है। उसके बाद उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। 

 

डेपुटेशन पर आए डॉक्टरों को वापस भेजने की प्रक्रिया सतत है, जो स्वास्थ्य विभाग प्रशासन के निर्देशानुसार करेगा। जहां तक डॉक्टरों के जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात है तो जैसे जैसे डॉक्टर वापस भेजे जाएंगे वैसे-वैसे खाली पदों पर नियुक्तियां भी की जाएंगी। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा व हिमाचल से भी डेपुटेशन पर डॉक्टरों का पैनल मांगा जाएगा। -डॉ. सुमन सिंह, स्वास्थ्य निदेशक 

 

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