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चंडीगढ़ एएसपी का खुला पत्र, कंपनियां कार की चाबी सौंपने से पहले पढ़ाएं ट्रैफिक नियमों का पाठ
Tue, 04 Feb 2020 02:05 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 04 Feb 2020 02:05 PM IST
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एसएसपी शशांक आनंद
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में सड़क हादसा चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के लिए सिरदर्द बना है। बीते रविवार को बीएमडब्ल्यू कार से एक और साइकिल सवार बिक्कू के जान गंवाने के बाद एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद ने बीएमडब्ल्यू कंपनी को खुला पत्र लिखकर अपने ग्राहकों को जागरूक करने को कहा है। इसमें कहा है कि हाई स्पीड कार और सुपर बाइक्स की कंपनियां वाहनों को तो बेचें, लेकिन चाबी देने से पहले अपने ग्राहकों को ट्रैफिक का पूरा नियम बताएं।
इस संबंध में जब अमर उजाला संवाददाता ने एसएसपी से बात की तो उन्होंने बताया कि यह सिर्फ बीएमडब्ल्यू ही नहीं बल्कि सभी हाई स्पीड कार निर्माता-विकेता को अपने ग्राहकों को जागरूक करने की जरूरत है। शहर में हाई स्पीड कार तेजी से दौड़ रही हैं। इनसे आए दिन सड़क हादसा होना आम बात हो गई है। वर्ष 2019 में शहर के अलग-अलग जगहों पर 100 लोगों ने सड़क हादसे में जान गंवाई है।
हैरानी की बात है कि इन सड़क हादसों में 41 लोगों ने अपनी जान हाई स्पीड कार और सुपर बाइकस से हादसे में गंवाई है। एसएसपी ने बताया कि कंपनियों के पास सभी संसाधन होते हैं, ऐसे में सड़क हादसों को रोकने के लिए कंपनी अपने ग्राहक को खासकर चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक करना होगा। कंपनी को बताना चाहिए कि सड़कों पर चलने के लिए उनकी रफ्तार क्या होना चाहिए। अगर कंपनी ऐसा करती है तो काफी हद तक सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है।
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शहर में बीएमडब्ल्यू समेम अन्य हाई स्पीड कार और सुपर बाइक तेज रफ्तार में दौड़ती हैं। ऐसे में अगर कंपनी शुरू में ही अपने ग्राहकों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक करती है तो कुछ हद सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है।
- शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक चंडीगढ़
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इस संबंध में जब अमर उजाला संवाददाता ने एसएसपी से बात की तो उन्होंने बताया कि यह सिर्फ बीएमडब्ल्यू ही नहीं बल्कि सभी हाई स्पीड कार निर्माता-विकेता को अपने ग्राहकों को जागरूक करने की जरूरत है। शहर में हाई स्पीड कार तेजी से दौड़ रही हैं। इनसे आए दिन सड़क हादसा होना आम बात हो गई है। वर्ष 2019 में शहर के अलग-अलग जगहों पर 100 लोगों ने सड़क हादसे में जान गंवाई है।
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हैरानी की बात है कि इन सड़क हादसों में 41 लोगों ने अपनी जान हाई स्पीड कार और सुपर बाइकस से हादसे में गंवाई है। एसएसपी ने बताया कि कंपनियों के पास सभी संसाधन होते हैं, ऐसे में सड़क हादसों को रोकने के लिए कंपनी अपने ग्राहक को खासकर चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक करना होगा। कंपनी को बताना चाहिए कि सड़कों पर चलने के लिए उनकी रफ्तार क्या होना चाहिए। अगर कंपनी ऐसा करती है तो काफी हद तक सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है।
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शहर में बीएमडब्ल्यू समेम अन्य हाई स्पीड कार और सुपर बाइक तेज रफ्तार में दौड़ती हैं। ऐसे में अगर कंपनी शुरू में ही अपने ग्राहकों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक करती है तो कुछ हद सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है।
- शशांक आनंद, एसएसपी ट्रैफिक चंडीगढ़
होते हैं खतरनाक हादसे
चंडीगढ़ की सड़कों पर अक्सर देखा गया है कि इन वाहनों की हाई स्पीड के चलते खतरनाक सड़क हादसे हुए हैं। इसमें कई लोगों की मौत और न जाने कितने जख्मी हुए हैं। शहर में अलग-अलग एरिया के हिसाब से बाइक की लिमिट 45 और कार की ज्यादा से ज्यादा 60 किमी रफ्तार की लिमिट बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद चालक अपने वाहनों की रफ्तार पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। जिस कारण आए दिन सड़क होते हैं।
लगते हैं आए दिन स्पीड नाके
मध्यमार्ग, दक्षिणमार्ग, उद्योग पथ समेत अन्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस स्पीड नाका लगाकर चालकों के चालान काटती है। साथ ही ट्रैफिक पुलिस शहर के स्कूलों और अन्य भीड़ भाड़ वाली जगहों पर लोगों को जागरूक करती है। इसके अलावा रोड सेफ्टी वीक में भी ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया जाता है ताकि सड़क हादसों पर रोक लग सके।
हादसे के बाद एसएसपी ने लिखा लेटर
बीते रविवार शाम को तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू की टक्कर से साइकिल सवार बिक्कू की मौत हो गई थी। बता दें कि बिक्कू मूलरूप से बिहार के जमुई का रहने वाला है। हादसे के बाद सोमवार तक उसका परिवार नहीं पहुंच सका था। सोमवार को जीएमएसएच-16 में बिक्कू का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों सौंप दिया जाएगा। बिक्कू छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। हादसे के बाद अब ट्रैफिक एसएसपी ने बीएमडब्ल्यू को पत्र लिखा है।
लगते हैं आए दिन स्पीड नाके
मध्यमार्ग, दक्षिणमार्ग, उद्योग पथ समेत अन्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस स्पीड नाका लगाकर चालकों के चालान काटती है। साथ ही ट्रैफिक पुलिस शहर के स्कूलों और अन्य भीड़ भाड़ वाली जगहों पर लोगों को जागरूक करती है। इसके अलावा रोड सेफ्टी वीक में भी ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया जाता है ताकि सड़क हादसों पर रोक लग सके।
हादसे के बाद एसएसपी ने लिखा लेटर
बीते रविवार शाम को तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू की टक्कर से साइकिल सवार बिक्कू की मौत हो गई थी। बता दें कि बिक्कू मूलरूप से बिहार के जमुई का रहने वाला है। हादसे के बाद सोमवार तक उसका परिवार नहीं पहुंच सका था। सोमवार को जीएमएसएच-16 में बिक्कू का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों सौंप दिया जाएगा। बिक्कू छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। हादसे के बाद अब ट्रैफिक एसएसपी ने बीएमडब्ल्यू को पत्र लिखा है।