फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh stray dogs problem, mc meeting, city news

कुत्तों को नहीं पकड़ेगा निगम लेकिन काटने पर कराएगा फ्री इलाज!

Sat, 29 Apr 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 29 Apr 2017 09:37 AM IST
विज्ञापन
chandigarh stray dogs problem, mc meeting, city news
- फोटो : File Photo
आवारा कुतों से निपटने के लिए तो निगम कोई फैसला नहीं कर सका लेकिन शुक्रवार को हुई सदन की बैठक में तय हुआ कि कुत्ते के काटने पर मरीज का इलाज निगम खुद कराएगा। हालांकि फिलहाल यह व्यवस्था छह माह के ट्रायल पर है। इसमें चंडीगढ़ ही नहीं पंचकूला, मोहाली, हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के मरीजों का भी निशुल्क इलाज होगा। इस समय सेक्टर-19 और 38 की डिस्पेंसरी में कुत्ता काटने वालों को वैक्सीन और एनीमल सीरम दी जाती है।
विज्ञापन


फिलहाल अभी  एक सौ रुपये सीरम के लिए और 50 रुपये वैक्सीन के लिए शुल्क लिया जाता है। मालूम हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन सदन की बैठक शुरू होने से पहले मेयर आशा जसवाल से मिले। इस दौरान भी उन्होंने लावारिस कुत्तों को कंट्रोल करने की बात रखी। इसके साथ ही जो चना- भठूरा, चाट, पापड़ी और गोल गप्पे विक्रेताओं की लाइसेंस फीस सालाना 24 हजार करने के प्रस्ताव को कम करने की मांग रखी।
विज्ञापन


जून तक कंपनी का कार्यकाल बढ़ाया
इस समय कुत्तों की नसबंदी कर रही कंपनी का कार्यकाल जून माह तक बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार तब तक नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया का काम पूरा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए नहीं बनी कोई रणनीति

chandigarh stray dogs problem, mc meeting, city news
सदन की बैठक
नगर निगम की सदन की बैठक में हर तीन साल बाद फायर एनओसी के बदले में शुल्क लेने का निर्णय ले लिया है लेकिन प्रस्ताव के अनुसार इसका रेट कम कर दिया गया है। मनोनीत पार्षद चरणजीव सिंह के सुझाव पर बूथ दुकानदारों से 5 हजार की बजाय ढाई हजार रुपये का शुल्क हर तीन साल बाद लिया जाएगा जबकि अन्य कामर्शियल इमारत से कम से कम 5 हजार रुपये चार्ज किए जाएंगे, जिनका एरिया 500 स्क्वेयर मीटर से ज्यादा होगा, उनसे 10 रुपये स्क्वेयर मीटर के हिसाब से चार्ज किया जाएगा जबकि औद्योगिक क्षेत्र के प्लाटों से साढ़े 7 रुपये स्क्वेयर मीटर के हिसाब से फायर एनओसी का शुल्क चार्ज किया जाएगा।

साथ ही निजी सोसायटियों के फ्लैट धारकों से 5 की बजाय ढाई हजार रुपये कम से कम चार्ज करने का निर्णय लिया गया है और 500 स्क्वेयर मीटर से ज्यादा एरिया वाली सोसायटियों से 10 रुपये की बजाय 5 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से चार्ज करने का निर्णय लिया गया है जबकि भाजपा पार्षद सतीश कैंथ के सुझाव पर गांव की 15 मीटर से ऊपर की इमारतों पर 5 रुपये स्क्वेयर मीटर के हिसाब से ही शुल्क लेने का निर्णय लिया गया है जबकि पहले 10 रुपये स्क्वेयर मीटर का प्रस्ताव था। गांव वालों से भी कम से कम ढाई हजार रुपये का शुल्क चार्ज किया जाएगा।

अस्थायी तौर पर लाइसेंस देने का प्रस्ताव खारिज
सदन की बैठक में बाजारों में बैठे वेंडर्स को जो अस्थायी तौर पर लाइसेंस देकर उनसे शुल्क चार्ज करने का प्रस्ताव आया उसे सदन ने खारिज कर दिया। पार्षदों ने कहा कि इससे दिक्कत और बढ़ जाएगी। अधिकारी चाहते थे कि जब तक शहर के वेडिंग जोन नहीं बन जाते और उन पर प्रशासन अपनी मंजूरी नहीं दे देते तब तक इस समय शहर में बैठे फड़ी वालों को अस्थायी तौर पर लाइसेंस दे दिए जाएं। लेकिन यह निर्णय हुआ है कि पहले वेंडिंग जोन बनाया जाए उसके बाद एक ही बार लाइसेंस फीस चार्ज की जाए। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि अगर किसी फड़ी वाले का तीन बार सामान जब्त हो जाता है तो चौथी बार सामान पकड़ने के बाद उसे रिलीज नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed