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Chandigarh News: पार्किंग के लिए हटेगा चंडीगढ़ स्टेशन का ऐतिहासिक भाप इंजन
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को हेरिटेज लुक देने के लिए राजस्थान के उदयपुर से लाया गया करीब एक सदी पुराना विंटेज स्टीम लोकोमोटिव अब जल्द हटाया जाएगा। रेलवे प्रशासन स्टेशन पर बढ़ते पार्किंग संकट को देखते हुए इसे किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। इंजन हटने के बाद खाली जगह का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए किया जाएगा।
स्टेशन के पुनर्विकास के तहत इसे आधुनिक रूप दिया जा रहा है। यहां रोजाना 36 हजार से अधिक यात्री पहुंचते हैं, जबकि आने वाले समय में यह संख्या एक लाख पार करने की उम्मीद है। ऐसे में स्टेशन के बाहर वाहनों की लंबी कतारें और जाम आम हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, भारी-भरकम इंजन काफी जगह घेरता है। इसे हटाने से सैकड़ों अतिरिक्त वाहनों के लिए जगह बन सकती है।
चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों तरफ से रोजाना 10 हजार से अधिक कार, ऑटो, कैब और दोपहिया वाहन स्टेशन परिसर में आते हैं। शताब्दी जैसी ट्रेनों के आगमन पर पिक-एंड-ड्रॉप लेन भी जाम हो जाती है। वर्तमान में चंडीगढ़ छोर पर करीब 300 कारों और 450 दोपहिया वाहनों की ही पार्किंग क्षमता है। बढ़ती भीड़ के सामने यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
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स्टेशन के पुनर्विकास के तहत इसे आधुनिक रूप दिया जा रहा है। यहां रोजाना 36 हजार से अधिक यात्री पहुंचते हैं, जबकि आने वाले समय में यह संख्या एक लाख पार करने की उम्मीद है। ऐसे में स्टेशन के बाहर वाहनों की लंबी कतारें और जाम आम हो गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, भारी-भरकम इंजन काफी जगह घेरता है। इसे हटाने से सैकड़ों अतिरिक्त वाहनों के लिए जगह बन सकती है।
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चंडीगढ़ और पंचकूला दोनों तरफ से रोजाना 10 हजार से अधिक कार, ऑटो, कैब और दोपहिया वाहन स्टेशन परिसर में आते हैं। शताब्दी जैसी ट्रेनों के आगमन पर पिक-एंड-ड्रॉप लेन भी जाम हो जाती है। वर्तमान में चंडीगढ़ छोर पर करीब 300 कारों और 450 दोपहिया वाहनों की ही पार्किंग क्षमता है। बढ़ती भीड़ के सामने यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
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