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अदालत में दलील- पीड़ित वर्णिका कुंडू नहीं, विकास बराला और आशीष हैं

Thu, 12 Oct 2017 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 12 Oct 2017 10:08 AM IST
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Chandigarh stalking case, Hearing against Vikas Barala postponed
Vikas Barala Arrested - फोटो : File Photo
आईएएस की बेटी वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ और अपहरण के प्रयास मामले में बुधवार को विकास बराला और आशीष के खिलाफ आरोप तय होने थे। इससे पहले बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष में संबंधित धाराओं को तय करने को लेकर लंबी बहस हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोप तय करने के लिए अगली तारीख तय की है।
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अदालत 13 अक्तूबर को तय करेगी कि दोनों के खिलाफ किन धाराओं में आरोप तय करने हैं। वहीं बुधवार को वर्णिका कुंडू और उसके पिता भी पूरी सुनवाई के दौरान मौजूद रहे।
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बचाव पक्ष की ओर से वकील रबिंद्रा पंडित ने दलील दी कि, इस केस में वर्णिका कुंडू नहीं बल्कि विकास बराला और आशीष पीड़ित हैं। क्योंकि यह केस केवल वर्णिका की इमेजिनेशन (काल्पनिकता) पर दर्ज किया गया है। उन्हें लगा कि दोनों उनका पीछा कर रहे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं था। दोनों के खिलाफ केस केवल दबाव में दर्ज किया गया है। दोनों के खिलाफ केवल एक शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर दिया गया। 
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इसलिए पुलिस एफआईआर दर्ज करते वक्त की थाने की सीसीटीवी फुटेज भी कोर्ट में पेश नहीं कर रही है। पुलिस आरोपी के पीड़िता के अपहरण की मंशा को नहीं बता सकी है। सिर्फ पीड़िता को ऐसा लगा कि दोनों युवक उसका पीछा कर रहे हैं। बचाव पक्ष के अनुसार मामले में कहीं से भी 365, 511 और 34 आईपीसी की धारा नहीं बनती। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पीछा करने पर केवल 354डी की धारा के तहत ही केस बनता है। 

बचाव और अभियोजन पक्ष में चली लंबी बहस

Chandigarh stalking case, Hearing against Vikas Barala postponed
चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस
वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी गई कि, पीड़िता की शिकायत में साफ है कि देर रात दोनों आरोपियों ने कार से उसका पीछा किया और उसका रास्ता भी रोका। दोनों ने कार से उनका 5.80 किमी तक पीछा किया है। दोनों आरोपी नशे में थे।

वहीं एक आरोपी ने उसकी कार रुकवाई और उसके पास भी आया और दरवाजा खोलने का प्रयास किया। वह तो दरवाजा लॉक था। इसके बाद वर्णिका वहां से कार लेकर किसी तरह भागी। इसके बावजूद आरोपियों ने कार से उसका पीछा किया। इतनी रात में किसी अकेली लड़की के पास इस तरह आना, कार का दरवाजा खोलने का प्रयास करना और 5.80 किमी तक पीछा करने से साफ है कि आरोपी उसके अपहरण का प्रयास कर रहे थे। इस आधार पर केस में अपहरण के प्रयास की धारा जोड़ी गई है। 

वहीं वर्णिका की ओर से पेश हुए वकील पंकज भारद्वाज ने केस में अपहरण के प्रयास की धारा जोड़ने को लेकर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कुछ फैसलों को आधार बनाया। इसके अलावा उन्होंने ऐसे केस में ऊपरी अदालतें क्या कहती हैं इस बारे में दलील दी।  

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसले के लिए दोपहर बाद का समय दिया। हालांकि दोपहर बाद अदालत ने दोनों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 13 अक्तूबर की तिथि तय कर दी। उस दिन अदालत फैसला सुनाएगी कि दोनों के खिलाफ किन धाराओं में आरोप तय होने हैं।

ये है मामला

Chandigarh stalking case, Hearing against Vikas Barala postponed
Vikas Barala - फोटो : File Photo
इन धाराओं में किया था चालान दाखिल
थाना पुलिस ने 21 सितंबर को विकास और आशीष के खिलाफ 300 पेज का चालान दाखिल किया था। इसमें दोनों के खिलाफ 341, 354डी, 365, 511, 34 आईपीसी और 185 एमवी एक्ट के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। पुलिस ने केस में 40 गवाह बनाए हैं। 

पल-पल बदलते रहे वर्णिका के हावभाव 
दोनों पक्षों की दलीलों के दौरान वर्णिका भी कोर्ट में मौजूद रहीं। बचाव पक्ष की ओर से दी जा रही दलीलों को सुनते हुए उसके चेहरे के हावभाव पल-पल बदलते रहे। शुरू में वह काफी परेशान सी दिखी, लेकिन अभियोजन पक्ष की दलीलें शुरू होने के बाद वर्णिका के चेहरे पर सुकून दिखा। 

ये है मामला
4 अगस्त की रात 12 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में पीड़िता ने कॉल कर सूचना दी कि कार सवार दो युवक सेक्टर-7 से उसकी गाड़ी का पीछा कर रहे हैं। पीड़िता के बताए अनुसार मौके से कुछ दूरी हाउसिंग बोर्ड चौक पर थाना पुलिस और पीसीआर ने दोनों आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के समय पीड़िता अकेली कार ड्राइव कर रही थी, जबकि दोनों आरोपियों की कार आशीष ड्राइव कर रहा था। आरोपियों ने तीन बार पीड़िता की गाड़ी ओवरटेक करके भी रोकने की कोशिश की थी।

पुलिस ने कॉल के बाद दोनों को हाउसिंग बोर्ड चौक के लाइट प्वाइंट से गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआत में केस में धारा 354डी (छेड़छाड़), 341 (पीछा करना) व 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जमानती धारा के तहत केस दर्ज कर किया था। साथ ही दोनों को थाने से ही जमानत दे दी थी। लेकिन, बाद में चौतरफा पुलिस की किरकिरी के बाद पुलिस ने केस में विकास बराला और आशीष कुमार के खिलाफ धारा 365, 511 (किड़नैपिंग की कोशिश) की धारा जोड़ी और दोनों को जांच के लिए बुलाकर गिरफ्तार कर लिया था। 
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