फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh solar power scam Households with solar panels bills rise instead of falling

चंडीगढ़ में सोलर के नाम पर लूटः जिन घरों पर प्लांट लगा, बिल कम होने की बजाय 3500 रुपये बढ़ा; अब उठ रही ये मांग

Mon, 29 Sep 2025 10:44 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 29 Sep 2025 10:44 AM IST
सार

चंडीगढ़ के 6624 सरकारी घरों पर लगाए गए सोलर प्लांट्स से हर उपभोक्ता से 300 रुपये प्रति किलोवाट सोलर यूजर चार्जेस वसूले जा रहे हैं और यह वसूली 2019 से बिना जेईआरसी (जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन) की मंजूरी के की जा रही है।

विज्ञापन
Chandigarh solar power scam Households with solar panels bills rise instead of falling
सोलर पैनल - फोटो : संवाद

विस्तार

चंडीगढ़ में ग्रीन एनर्जी के नाम पर राहत देने का सपना दिखाकर प्रशासन ने सरकारी मकानों की छतों पर सोलर प्लांट तो लगा दिए लेकिन हकीकत में यह उपभोक्ताओं के लिए लूट का सौदा साबित हो रहा है। 

विज्ञापन


बिल कम होने की बजाय दोगुना हो गए हैं। 42 लोगों ने सीजीआरएफ में केस कर दिया है। विभाग के भी सैकड़ों शिकायतें पहुंच गई हैं। प्रशासन की इस मनमानी को लेकर सोलर प्लांट हटाने का एक अभियान छेड़ा जा रहा है।
विज्ञापन


उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग ने सोलर लगने के बाद कोई फायदा नहीं दिया बल्कि हर महीने अतिरिक्त चार्ज थोपकर बिल और बढ़ा दिया। जिन घरों पर यह प्लांट लगे, वहां बिजली का बिल कम होने की बजाय कई गुना बढ़ गया। सेक्टर-16 के एक उपभोक्ता का सितंबर महीने का बिल खपत के अनुसार 582 रुपये आना चाहिए था लेकिन विभाग ने उसमें 4800 रुपये संडरी चार्जेस (मीटर लगाने का खर्च) और 2400 रुपये सोलर यूजर चार्जेस जोड़ दिए, नतीजा यह हुआ कि बिल बढ़कर 7700 रुपये से ज्यादा का बन गया। कुल लोगों का यह भी आरोप है कि क्रेस्ट ने बिना उपभोक्ता से पूछे उसके बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड भी बढ़ा दिया है, जिसकी वजह से सोलर यूजर चार्जेस भी कई गुना बढ़ गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

हर महीने 3500 रुपये ज्यादा आ रहा बिल

सरकारी कर्मी होने की वजह से अधिकतर लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन उन्होंने बताया कि नियमों में ही गड़बड़ी है। साफ नहीं है कि उपभोक्ता को कितने साल तक चार्ज देना होगा या किसी हादसे या खराबी पर जिम्मेदारी किसकी होगी। अधिकारियों ने बिना किसी सार्वजनिक चर्चा के अपने हिसाब से नियम बना दिए हैं। 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन घरों पर प्लांट नहीं है वहां भी चार्ज वसूला जा रहा है। सेक्टर-27 के रहने वाले संजय कुमार के घर पर चार महीने से सोलर प्लांट नहीं है, फिर भी बिल में हर महीने करीब 3500 रुपये सोलर यूजर चार्जेस जोड़े जा रहे हैं। ये कैसे नियम हैं कि प्लांट खराब है तो भी चार्ज दो और प्लांट ही न हो तो भी उपभोक्ता को देना पड़े। वह 2022 से ही सीजीआरएफ में सोलर यूजर चार्जेस हटाने के लिए केस भी लड़ रहे हैं।

लोग लिखकर दे रहे- घर के छत से सोलर प्लांट हटाओ

इस मनमानी के खिलाफ अब लोग खुलकर आवाज उठा रहे हैं। अब तक 42 उपभोक्ता उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (सीजीआरएफ) में केस दर्ज कर चुके हैं और विभाग तक सैकड़ों शिकायतें पहुंच चुकी हैं। कई उपभोक्ता विभाग को लिखकर दे चुके हैं कि वे अपने घरों से सोलर प्लांट हटवाना चाहते हैं। आरोप यह भी है कि सोलर से बनने वाली बिजली का फायदा उपभोक्ता को नहीं बल्कि कंपनी और प्रशासन को मिल रहा है और यूजर चार्जेस के जरिये कमाई की जा रही है। प्लांट में लगे डिवाइस भी उपभोक्ता के मीटर से बिजली खींचते हैं जिससे खपत और बिल दोनों बढ़ते हैं।

2019 में रेट हुए थे तय, तब से वसूली जारी

19 दिसंबर 2019 को तत्कालीन वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें पहले तय 250 रुपये प्रति किलोवाट के बजाय 300 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह की दर से सोलर यूजर चार्ज उपभोक्ताओं के बिजली बिल के साथ वसूला जाना तय किया गया था। इसमें तत्कालीन विशेष सचिव वित्त विनोद पी कावले, तत्कालीन चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद, तत्कालीन एसई (बिजली) सीडी सांगवान, तत्कालीन एक्सईएन यूके पटेल और तत्कालीन एफएंडपीओ अश्विनी डोगरा मौजूद थे। दरों के अनुसार 1 किलोवाट क्षमता के लिए 300 रुपये प्रतिमाह यानी दो महीने के लिए 600 रुपये, 2 किलोवाट पर 1200 रुपये, 3 किलोवाट पर 1800 रुपये और 4 किलोवाट पर 2400 रुपये देने पड़ रहे हैं।

केस - 1
सेक्टर-16डी में रहने वाले एक व्यक्ति के घर के सितंबर माह का बिजली बिल 8976 रुपये आया है। इसमें बिजली की खपत महज 1612 रुपये है। इसमें 4800 रुपये संडरी चार्जेस और 2400 रुपये सोलर यूजर चार्जेस जोड़े गए हैं। बाकी अन्य टैक्स अलग से लगाए गए हैं।

केस - 2
सेक्टर-23बी में रहने वाले एक व्यक्ति की बिजली की खपत 1516 रुपये की थी लेकिन 2400 रुपये सोलर यूजर चार्जेस लगाए गए हैं। बाकी अन्य टैक्स भी जोड़े गए हैं। ऐसे में कुल बिल 4113 रुपये का बना है। इन्होंने स्थानीय पार्षद को भी शिकायत की है।

केस - 3
सेक्टर-16 के एक अन्य व्यक्ति जिनका बिजली के पिछले दो बिल 1363 और 2453 रुपये आए थे, सितंबर में अचानक 8003 रुपये हो गया। उन्होंने देखा तो बिल में 2400 रुपये सोलर यूजर चार्जेस व बाकी संडरी चार्जेस जोड़े गए थे। खपत सिर्फ 771 रुपये की थी। उन्होंने लिखित में विभाग को सोलर प्लांट हटाने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed