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15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, चैतन्य गौड़ीय मठ में पहली बार खास कार्यक्रम
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 24 Jul 2017 01:35 PM IST
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, चैतन्य गौड़ीय मठ
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। वहीं इस त्योहार पर श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में पहली बार बेहद खास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पिछले दो महीने से चल रही हैं। इस वर्ष जन्माष्टमी के दौरान तीन झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। इनमें नौ मिनट की ‘द्रौपदी चीर हरण’ भक्तों के लिए खास होगा। इसके अलावा कृष्ण लीला और प्रेम के वश में भगवान (माता यशोदा द्वारा कृष्ण को ओखली में बांधने का दृश्य) प्रदर्शित किया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान मठ के पास लगने वाले मेले में प्रतिमाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके लिए 200 से भी अधिक मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। प्रतिमाओं को बिहार के 19 कलाकार तैयार करने में जुटे हुए हैं। वहां 10 स्टाल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉल में चैतन्य महाप्रभु और कृष्ण लीला से संबंधित झांकियां होंगी।
ये झांकियां 14 अगस्त से 16 अगस्त तक दोपहर बाद दो बजे से रात साढ़े दस बजे तक देखी जा सकेंगी। श्री चैतन्य महाप्रभु और श्री कृष्ण की लीलाओं की बिजली से चलनेवाली मूर्तियों द्वारा सदशिक्षा का प्रसारण किया जाएगा। इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद पहली विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। उनके हाथ में छाता और ब्रीफकेस लिए दिखाया जाएगा। 50 वर्ष पहले 72 वर्ष की उम्र में सनातन धर्म के प्रचार के लिए स्वामी प्रभुपाद पानी के जहाज से भागवत गीता और करतार लेकर गए थे। उनका कटआउट आर्कषण का केंद्र होगा। उन्होंने 11 वर्षों तक प्रचार किया, 14 बार विश्व भ्रमण किया।
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आशा है कि डेढ़ लाख से भी अधिक भक्त दर्शन के लिए आएंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाने की तैयारियां चल रही हैं। दो महीने से मूर्तियां बनाई जा रही हैं। आकर्षक झांकियां और स्टाल लगाए जाएंगे।
- विष्णु महाराज, मुख्य सचिव, अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ
झूलन यात्रा 3 अगस्त से
श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि मठ में पांच दिनों का भगवान श्री राधामाधव जी का झूलन उत्सव तीन से सात अगस्त तक चलेगा। झूलन यात्रा शाम सात बजे से रात्रि दस बजे तक चलेगा।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के दौरान मठ के पास लगने वाले मेले में प्रतिमाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके लिए 200 से भी अधिक मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। प्रतिमाओं को बिहार के 19 कलाकार तैयार करने में जुटे हुए हैं। वहां 10 स्टाल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉल में चैतन्य महाप्रभु और कृष्ण लीला से संबंधित झांकियां होंगी।
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ये झांकियां 14 अगस्त से 16 अगस्त तक दोपहर बाद दो बजे से रात साढ़े दस बजे तक देखी जा सकेंगी। श्री चैतन्य महाप्रभु और श्री कृष्ण की लीलाओं की बिजली से चलनेवाली मूर्तियों द्वारा सदशिक्षा का प्रसारण किया जाएगा। इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद पहली विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। उनके हाथ में छाता और ब्रीफकेस लिए दिखाया जाएगा। 50 वर्ष पहले 72 वर्ष की उम्र में सनातन धर्म के प्रचार के लिए स्वामी प्रभुपाद पानी के जहाज से भागवत गीता और करतार लेकर गए थे। उनका कटआउट आर्कषण का केंद्र होगा। उन्होंने 11 वर्षों तक प्रचार किया, 14 बार विश्व भ्रमण किया।
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आशा है कि डेढ़ लाख से भी अधिक भक्त दर्शन के लिए आएंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाने की तैयारियां चल रही हैं। दो महीने से मूर्तियां बनाई जा रही हैं। आकर्षक झांकियां और स्टाल लगाए जाएंगे।
- विष्णु महाराज, मुख्य सचिव, अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ
झूलन यात्रा 3 अगस्त से
श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने बताया कि मठ में पांच दिनों का भगवान श्री राधामाधव जी का झूलन उत्सव तीन से सात अगस्त तक चलेगा। झूलन यात्रा शाम सात बजे से रात्रि दस बजे तक चलेगा।