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स्वच्छ भारत मिशन के तहत सूची जारी, सूखा- गीला कचरा अलग करने में चंडीगढ़ दूसरे स्थान पर
Wed, 19 Aug 2020 04:43 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2020 04:43 PM IST
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कूड़ा कचरा
- फोटो : अमर उजाला
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सूखा-गीला कचरा अलग-अलग लेने में चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जारी रैंकिंग में बताया गया है कि चंडीगढ़ 26 में से 24 वार्डों में अलग-अलग कचरा ले रहा है। साथ ही 479 मीट्रिक टन में से 455 मीट्रिक टन प्रतिदिन कचरा भी निस्तारित कर रहा है। चंडीगढ़ को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 95 प्रतिशत अंक मिले हैं। मंगलवार को जारी रैंकिंग चंडीगढ़ के लिए राहत की खबर लेकर आई है।
निगम ने घर-घर से अलग-अलग कचरा लेने के लिए अभी गाड़ियां भी नहीं खरीदी हैं और कचरा सेग्रीगेशन में देश में दूसरा स्थान मिला है। चंडीगढ़ के साथ अंडमान निकोबार भी दूसरे स्थान पर है। वहीं दादर एंड नागर हवेली शत-प्रतिशत कचरा निस्तारण करने के साथ पहले स्थान पर काबिज है। ऐसे में कोरोना काल में निगम के लिए यह खुश खबरी है।
एनजीटी की ओर से लगातार मिल रही फटकार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को देश में भले ही दूसरा स्थान मिला हो, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से निगम को लगातार फटकार मिल रही है। फरवरी माह में एनजीटी ने कहा था कि निगम ने जल्द से जल्द सेग्रीगेट कचरा लेने के साथ उसका निस्तारण करना शुरू नहीं किया तो एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि की कोरोना ने निगम को बचा लिया। अब निगम ने कचरा निस्तारण नहीं किया तो जुर्माना लगना तय है।
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निगम ने घर-घर से अलग-अलग कचरा लेने के लिए अभी गाड़ियां भी नहीं खरीदी हैं और कचरा सेग्रीगेशन में देश में दूसरा स्थान मिला है। चंडीगढ़ के साथ अंडमान निकोबार भी दूसरे स्थान पर है। वहीं दादर एंड नागर हवेली शत-प्रतिशत कचरा निस्तारण करने के साथ पहले स्थान पर काबिज है। ऐसे में कोरोना काल में निगम के लिए यह खुश खबरी है।
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एनजीटी की ओर से लगातार मिल रही फटकार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को देश में भले ही दूसरा स्थान मिला हो, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से निगम को लगातार फटकार मिल रही है। फरवरी माह में एनजीटी ने कहा था कि निगम ने जल्द से जल्द सेग्रीगेट कचरा लेने के साथ उसका निस्तारण करना शुरू नहीं किया तो एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि की कोरोना ने निगम को बचा लिया। अब निगम ने कचरा निस्तारण नहीं किया तो जुर्माना लगना तय है।
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जेपी ग्रुप से भी सेग्रीगेशन के मुद्दे पर हुआ था बवाल
नगर निगम व जेपी ग्रुप में अलग-अलग कचरा देने को लेकर ही शुरू से बवाल चल रहा था। जेपी ग्रुप का कहना था कि निगम सूखा-गीला कचरा अलग-अलग करके नहीं दे रहा है। वहीं निगम का कहना था कि अनुबंध में ऐसा कोई जिक्र नहीं था। कचरे की गुणवत्ता देखने के लिए एनजीटी ने कमेटी तक बनाई थी। उसके बाद भी विवाद थमा नहीं था।
390 गाड़ियों से लिया जाएगा अलग-अलग कचरा
घरों से कचरा लेने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत 390 गाड़ियां भी खरीदी जा रहीं है। इनमें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगेंगे और प्रत्येक गाड़ी को यूनिक आईडी भी दिया जाएगा। शहर को 10 जोन में बांटकर गाड़ियों को संचालित किया जाएगा।
इन गाड़ियों की मॉनिटरिंग स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से की जाएगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर 17 स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे। साथ ही गाड़ी लेकर न जाने वाले चालक से जवाब तलब किया जाएगा।
ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी सेंटर से मिलेगी मजबूती
डोर-टु-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वाहनों को पूरे शहर का चक्कर लगाकर जेपी प्लांट तक न जाना पड़े, इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में तीन जगहों पर स्मार्ट सिटी ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी सेंटर (कचरा कलेक्शन सेंटर) बनाए जाएंगे। 32 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1, 3 बीआरडी के पास सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में और डड्डूमाजरा में ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी सेंटर बनाया जाएगा।
यह हर्ष का विषय है की चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर आया है। अब हमारा अगला लक्ष्य शहर को स्वच्छता अभियान में बेहतर रैंकिंग दिलाना है। इसके लिए भी हम तैयार हैं।
- राजबाला मलिक, मेयर
390 गाड़ियों से लिया जाएगा अलग-अलग कचरा
घरों से कचरा लेने के लिए स्मार्ट सिटी के तहत 390 गाड़ियां भी खरीदी जा रहीं है। इनमें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगेंगे और प्रत्येक गाड़ी को यूनिक आईडी भी दिया जाएगा। शहर को 10 जोन में बांटकर गाड़ियों को संचालित किया जाएगा।
इन गाड़ियों की मॉनिटरिंग स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से की जाएगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर 17 स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे। साथ ही गाड़ी लेकर न जाने वाले चालक से जवाब तलब किया जाएगा।
ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी सेंटर से मिलेगी मजबूती
डोर-टु-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वाहनों को पूरे शहर का चक्कर लगाकर जेपी प्लांट तक न जाना पड़े, इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में तीन जगहों पर स्मार्ट सिटी ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी सेंटर (कचरा कलेक्शन सेंटर) बनाए जाएंगे। 32 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1, 3 बीआरडी के पास सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में और डड्डूमाजरा में ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी सेंटर बनाया जाएगा।
यह हर्ष का विषय है की चंडीगढ़ देश में दूसरे स्थान पर आया है। अब हमारा अगला लक्ष्य शहर को स्वच्छता अभियान में बेहतर रैंकिंग दिलाना है। इसके लिए भी हम तैयार हैं।
- राजबाला मलिक, मेयर