वसंत पंचमी : सरस्वती पूजा से मिला मूर्तिकारों को काम, बड़े ऑर्डर मिलने से लौटी रौनक
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कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद अब मूर्तिकारों के दिन बदलने वाले हैं। लॉकडाउन में काम न मिलने के कारण आर्थिक संकट में घिरे मूर्तिकारों को वसंत पंचमी से राहत मिली है। अब सरस्वती पूजा के लिए मूर्तिकारों को आर्डर मिले हैं। सरस्वती माता की प्रतिमाएं लेह-लद्दाख के अलावा श्रीनगर और पंजाब, हरियाणा व ट्राइसिटी में पूजा के लिए जाएंगी। कई लोगों ने बड़ी प्रतिमाओं का भी आर्डर दिया है। सबसे छोटी प्रतिमा एक फुट ही है और सबसे बड़ी प्रतिमा आठ फुट की है।
पिछले साल लॉकडाउन के कारण जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा पर कोई काम नहीं हुआ। गणेशोत्सव में भी बड़े आयोजन नहीं हुए। लोग अपने अपने घरों में छोटी-छोटी गणेश जी की प्रतिमाएं पूजा के लिए ले गए। कुछ मंदिरों में भी बहुत छोटी प्रतिमाएं ही लोग ले गए थे। कारण था, बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन के लिए अनुमति नहीं मिलना। अब सरस्वती पूजा के लिए मिले ऑर्डर से मूर्तिकारों के चेहरे पर रौनक आ गई है।
चंडीगढ़ के मूर्तिकार मूर्ति बनाने के लिए मिट्टी पंजाब से मंगाते हैं। एक ट्राली मिट्टी की कीमत करीब साढ़े तीन हजार रुपये है। प्रतिमाओं के ढांचे तैयार करने के लिए बांस और लकड़ी के फट्टे, उसे बांधने के लिए सुतली की जरूरत पड़ती है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कलाकार पानी वाले रंगों (वाटर कलर) का प्रयोग करते हैं।
कोलकाता से आता है सजावट के सामान
मां सरस्वती की प्रतिमाओं को सजाने के लिए कपड़े, केश, शृंगार के सामान में गहने, हार, नथ, मांग का टीका सहित अन्य सामान कोलकाता से मंगाते हैं। मां सरस्वती की प्रतिमाओं के चेहरे के फेशियल के लिए गंगा की चिकनी मिट्टी मंगाई गई है। गंगा की चिकनी मिट्टी से प्रतिमाओं के चेहरे पर चमक आती है। इससे उस पर रंग करने के दौरान ब्रश आराम से चलती है। चेहरे साफ और चमकदार बनते हैं जिससे प्रतिमाएं आकर्षक बन जाती हैं।बहलाना और हल्लोमाजरा से मिले हैं पसंद के आर्डर
मूर्तिकार शुभाषीश अधिकारी का कहना है कि गांव हल्लोमाजरा और बहलाना से पसंद की प्रतिमा बनाने के आर्डर दिए हैं। हल्लोमाजरा के लिए जो प्रतिमा तैयार हो रही है, उसमें केवल मिट्टी का काम होगा। प्रतिमा से लेकर केश और गहने व वस्त्र सभी मिट्टी के ही होंगे। दूसरी प्रतिमा बहलाना के लिए तैयार की जा रही है। इस प्रतिमा में मां पेड़ पर झूला झूलती दिखाई देंगी। ये प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।
बड़ी प्रतिमाओं के बहुत कम आर्डर मिले हैं। अभी तक 70 से 80 प्रतिमाओं का आर्डर मिला है। दो बड़ी प्रतिमाएं हैं। बाकी छोटी और मध्यम आकार की हैं। इसमें अधिकतर चार फुट की हैं। लॉकडाउन के कारण बहुत घाटा हआ है और अब काम खुल गया है तो उम्मीद है कि काम ठीक से चलेगा। -शुभाशीष अधिकारी, मूर्तिकार, शिव मंदिर बैकुंठ धाम, सेक्टर-47 चंडीगढ़