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कोरोना संक्रमणः खुल सकता है चंडीगढ़ का लॉक उद्योग, उद्यमियों ने बनाया प्लान, प्रशासन को भेजी सूची
Fri, 01 May 2020 02:13 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2020 02:13 PM IST
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कोरोना वायरस के चलते लॉक हुआ चंडीगढ़ का उद्योग खुल सकता है। शहर के उद्यमियों ने इसका प्लान तैयार कर लिया है। 50 प्रतिशत औद्योगिक इकाइयां उत्पादन के लिए तैयार हैं। उद्योग शुरू करने के लिए जरूरी स्टाफ, कच्चा माल और परिवहन की आवश्यकताओं को पूरा कर लिया गया है। उद्योग जगत ने यह सूची यूटी प्रशासन को सौंप दी है।
बता दें कि चंडीगढ़ में छोटी बड़ी कुल 2400 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में स्थित इन इकाइयों में लगभग 25 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्य करते हैं। कोरोना के कारण फार्मा इंडस्ट्रीज को छोड़कर सभी औद्योगिक इकाइयों पर ताला लग गया है। इससे उद्यमियों के साथ ही विभागों को भी करोड़ों का नुकसान हो चुका है। केंद्र के साथ यूटी प्रशासन भी बंद पड़े उद्योगों को शुरू करने का प्लान तैयार कर रहा है।
हालांकि, उद्यमियों ने भी उद्योग शुरू करने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। तय किया गया है कि जिन औद्योगिक इकाइयों के पास पर्याप्त स्टाफ, कच्चा माल और उत्पादन को अन्य प्रांतों में भेजने की पूरी व्यवस्था है, उन्हें शुरू कर दिया जाए। चंडीगढ़ में ऐसी 1200 औद्योगिक इकाइयां हैं, जिन्होंने उत्पादन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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अब तक हो चुका है 600 करोड़ का घाटा
लॉकडाउन के कारण उद्योग जगत को अब तक 600 करोड़ का घाटा हो चुका है। चंडीगढ़ की औद्योगिक इकाइयों में हर सप्ताह 100 करोड़ का उत्पादन किया जाता था, जिसे देश के विभिन्न प्रांतों में भेजा जाता था, लेकिन इकाइयों के बंद होने के कारण उद्योग जगत को भारी नुकसान हुआ है। इससे उबरने के लिए अभी तीन से चार महीने का वक्त लग जाएगा।
सील एरिया का स्टाफ होगा बैन
उद्योग शुरू करने के लिए उद्योग जगत ने कुछ एहतियात बरतने को लेकर भी प्लान तैयार किया है। इसमें यह तय किया गया है कि कोरोना संक्रमण के कारण जिन एरिया को प्रशासन ने सील किया है, वहां रहने वाले स्टाफ को बुलाया नहीं जाएगा। सोशल डिस्टेसिंग को लेकर उत्पादन के लिए जरूरी स्टाफ को ही बुलाया जाएगा। मास्क और सैनिटाइजर के बिना कोई भी कर्मचारी इकाई में प्रवेश नहीं कर पाएगा।
औद्योगिक इकाइयां शुरू करने का चंडीगढ़ उद्योग जगत ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। प्लान के अनुरूप 50 प्रतिशत ऐसी इकाइयां हैं, जिनमें उत्पादन का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। प्रशासन के साथ इसे लेकर बैठकें की जा चुकी हैं। 3 मई के बाद सभी इंडस्ट्रीज को शुरू किया जा सकता है।
- नवीन मंगलानी, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज
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बता दें कि चंडीगढ़ में छोटी बड़ी कुल 2400 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में स्थित इन इकाइयों में लगभग 25 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्य करते हैं। कोरोना के कारण फार्मा इंडस्ट्रीज को छोड़कर सभी औद्योगिक इकाइयों पर ताला लग गया है। इससे उद्यमियों के साथ ही विभागों को भी करोड़ों का नुकसान हो चुका है। केंद्र के साथ यूटी प्रशासन भी बंद पड़े उद्योगों को शुरू करने का प्लान तैयार कर रहा है।
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हालांकि, उद्यमियों ने भी उद्योग शुरू करने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। तय किया गया है कि जिन औद्योगिक इकाइयों के पास पर्याप्त स्टाफ, कच्चा माल और उत्पादन को अन्य प्रांतों में भेजने की पूरी व्यवस्था है, उन्हें शुरू कर दिया जाए। चंडीगढ़ में ऐसी 1200 औद्योगिक इकाइयां हैं, जिन्होंने उत्पादन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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अब तक हो चुका है 600 करोड़ का घाटा
लॉकडाउन के कारण उद्योग जगत को अब तक 600 करोड़ का घाटा हो चुका है। चंडीगढ़ की औद्योगिक इकाइयों में हर सप्ताह 100 करोड़ का उत्पादन किया जाता था, जिसे देश के विभिन्न प्रांतों में भेजा जाता था, लेकिन इकाइयों के बंद होने के कारण उद्योग जगत को भारी नुकसान हुआ है। इससे उबरने के लिए अभी तीन से चार महीने का वक्त लग जाएगा।
सील एरिया का स्टाफ होगा बैन
उद्योग शुरू करने के लिए उद्योग जगत ने कुछ एहतियात बरतने को लेकर भी प्लान तैयार किया है। इसमें यह तय किया गया है कि कोरोना संक्रमण के कारण जिन एरिया को प्रशासन ने सील किया है, वहां रहने वाले स्टाफ को बुलाया नहीं जाएगा। सोशल डिस्टेसिंग को लेकर उत्पादन के लिए जरूरी स्टाफ को ही बुलाया जाएगा। मास्क और सैनिटाइजर के बिना कोई भी कर्मचारी इकाई में प्रवेश नहीं कर पाएगा।
औद्योगिक इकाइयां शुरू करने का चंडीगढ़ उद्योग जगत ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। प्लान के अनुरूप 50 प्रतिशत ऐसी इकाइयां हैं, जिनमें उत्पादन का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। प्रशासन के साथ इसे लेकर बैठकें की जा चुकी हैं। 3 मई के बाद सभी इंडस्ट्रीज को शुरू किया जा सकता है।
- नवीन मंगलानी, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज