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Chandigarh Weather: तीन दिन बाद थमी बरसात, लोगों ने ली राहत की सांस, अब पेयजल की समस्या
Tue, 11 Jul 2023 12:45 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 11 Jul 2023 12:45 PM IST
सार
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को सुबह 8:30 बजे से लेकर शाम 5:30 के बीच 206.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह भी एक दिन में हुई बारिश का रिकॉर्ड है, क्योंकि चंडीगढ़ में एक दिन में अधिकतम इतनी बारिश नहीं हुई है। पूरे जुलाई के महीने में भी इतनी बारिश नहीं होती।
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पानी से लबालब सड़क।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
चंडीगढ़ में तीन दिन से जारी भारी बरसात से हाहाकार मच गया है। वहीं मंगलवार को बरसात के थमने से लोगों ने चैन की सांस ली। शहर में साल में औसतन 1038 एमएम बारिश होती है, लेकिन शनिवार सुबह 8.30 बजे से लेकर सोमवार शाम 5.30 बजे के बीच ही 508.4 एमएम बारिश हुई है। यह पूरे साल की बारिश का करीब 50 फीसदी कोटा है। 57 घंटे में इतनी बारिश झेलकर शहर कराह उठा।
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पानी सप्लाई का समय घटा
मौसम विभाग ने अगले दो दिन भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालात न बिगड़े इसके लिए प्रशासन ने सभी डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की छुट्टी रद्द कर दी है। कम्युनिटी सेंटर और एनडीआरएफ की टीम स्टैंडबाय पर रखी गई है। भाखड़ा से आने वाली पानी की दो लाइनें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं इसलिए शहर में पानी की सप्लाई का समय घटा दिया गया है।
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शास्त्री नगर पुलिया के टूटने के साथ वहां लगती नहरी पानी वाटर सप्लाई करने वाली बड़ी पाइपलाइन भी टूट गई है। जिस कारण मनीमाजरा में पानी की भारी समस्या पैदा हो गई है लोगों को टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: Haryana: रिकॉर्ड बारिश से तबाही; अंबाला में बाढ़, पंजाब-दिल्ली का संपर्क टूटा, 9 की मौत, 3 जिलों में रेड अलर्ट
बारिश ने रचा इतिहास, धरी रह गई तैयारियां
बारिश की वजह से शहर में हुए नुकसान और आने वाले दिनों की तैयारियों को लेकर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल व मेयर अनूप गुप्ता ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान गृह सचिव, वित्त सचिव समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि चंडीगढ़ में पिछले तीन दिनों से बहुत ज्यादा बारिश हो रही है। बारिश ने इतिहास रच दिया है। नगर निगम और प्रशासन ने मानसून से पहले सारी तैयारियां की थी, लेकिन बारिश बहुत ज्यादा हो गई है।
क्विक रिएक्शन टीम तैयार, हेल्पलाइन नंबर जारी
धर्मपाल ने कहा कि सोमवार को उन्होंने कई इलाकों का दौरा किया है। अगले दो दिन भी बारिश है इसलिए कम्युनिटी सेंटर को स्टैंडबाय पर रखा है। अगर किसी इलाके के लोगों को रेस्क्यू करने की जरूरत पड़ेगी, तो उन्हें यहां सुरक्षित रखा जाएगा। 18 क्विक रिएक्शन टीम बनाई गई है, जो 24 घंटे सक्रिय हैं। बिजली, पेड़ों के गिरने, सड़क की मरम्मत, जलभराव आदि की शिकायतों के लिए प्रशासन की तरफ से एक हेल्पलाइन नंबर 0172-4639999 जारी किया गया है। सुखना लेक में पानी के स्तर की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
सोमवार को बारिश ने बनाया रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को सुबह 8:30 बजे से लेकर शाम 5:30 के बीच 206.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह भी एक दिन में हुई बारिश का रिकॉर्ड है, क्योंकि चंडीगढ़ में एक दिन में अधिकतम इतनी बारिश नहीं हुई है। पूरे जुलाई के महीने में भी इतनी बारिश नहीं होती। इसके साथ ही चंडीगढ़ में एक जून से सोमवार शाम 5:30 तक कुल 729.4 एमएम बारिश हो गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिन तक बादल छाए रहेंगे और बारिश की स्थिति बनी रहेगी लेकिन धीरे-धीरे बारिश की मात्रा में अब कमी आ सकती है।
धर्मपाल ने कहा कि सोमवार को उन्होंने कई इलाकों का दौरा किया है। अगले दो दिन भी बारिश है इसलिए कम्युनिटी सेंटर को स्टैंडबाय पर रखा है। अगर किसी इलाके के लोगों को रेस्क्यू करने की जरूरत पड़ेगी, तो उन्हें यहां सुरक्षित रखा जाएगा। 18 क्विक रिएक्शन टीम बनाई गई है, जो 24 घंटे सक्रिय हैं। बिजली, पेड़ों के गिरने, सड़क की मरम्मत, जलभराव आदि की शिकायतों के लिए प्रशासन की तरफ से एक हेल्पलाइन नंबर 0172-4639999 जारी किया गया है। सुखना लेक में पानी के स्तर की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
सोमवार को बारिश ने बनाया रिकॉर्ड
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को सुबह 8:30 बजे से लेकर शाम 5:30 के बीच 206.1 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह भी एक दिन में हुई बारिश का रिकॉर्ड है, क्योंकि चंडीगढ़ में एक दिन में अधिकतम इतनी बारिश नहीं हुई है। पूरे जुलाई के महीने में भी इतनी बारिश नहीं होती। इसके साथ ही चंडीगढ़ में एक जून से सोमवार शाम 5:30 तक कुल 729.4 एमएम बारिश हो गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिन तक बादल छाए रहेंगे और बारिश की स्थिति बनी रहेगी लेकिन धीरे-धीरे बारिश की मात्रा में अब कमी आ सकती है।
बारिश से तापमान में आई 8 डिग्री की गिरावट
सोमवार को हुई बारिश की वजह से शहर के तापमान में भी काफी कमी देखी जा रही है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। रविवार को भी अधिकतम तापमान में आठ डिग्री की गिरावट देखी गई थी।
अब तीन-तीन घंटे ही आएगा पानी
बारिश की वजह से सबसे बड़ा नुकसान कजौली वाटर वर्क्स को हुआ है। मेयर अनूप गुप्ता, सलाहकार धर्मपाल व अन्य अधिकारियों ने वाटर वर्क्स का दौरा भी किया। सलाहकार धर्मपाल ने बताया कि बारिश की वजह से भाखड़ा बांध से चंडीगढ़ आने वाली पानी की लाइनें यानी फेज-3 और फेज-1 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। केवल दो पाइपलाइन फेज-4 और फेज-2, 40 एमजीडी पानी देने के लिए कार्यशील हैं। फेज-5 और फेज-6 को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, लेकिन अब वे पूरी तरह कार्यात्मक हैं।
शहर में कुल 80 एमजीडी पानी की जरूरत है और इन पाइप लाइनों से छह एमजीडी चंडीमंदिर और छह एमजीडी पंचकूला को दिया जाता है। वर्तमान में पानी की उपलब्धता पाइपलाइन से 60 एमजीडी और भूमिगत जल से 20 एमजीडी है। ऐसे में शहर की जलापूर्ति में 12 एमजीडी की कमी है। यह कमी चंडीमंदिर, चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर से बराबर रूप से साझा की जाएगी। पानी की कमी को देखते हुए नगर निगम ने पानी की सप्लाई के समय को घटा दिया है। पहले सुबह चार घंटे और शाम को चार घंटे पानी आता था लेकिन अब तत्काल प्रभाव से घटाकर सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे कर दिया गया है।
स्टैंडबाय पर एनडीआरएफ की टीम
प्रशासन की तरफ से बताया गया कि हालात को संभालने के लिए रविवार को यूटी प्रशासन के गृह विभाग की तरफ से एनडीआरएफ की टीम की मांग की गई थी। गृह सचिव नितिन कुमार यादव की तरफ से बठिंडा स्थित नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के सातवीं बटालियन के कमांडेंट को यह पत्र लिखा गया था। उसमें उन्होंने जिक्र किया था कि शहर के कई इलाकों में पानी ज्यादा भर गया है। सुखना लेक में पानी भी खतरे के निशान से ऊपर है। कई गांवों में पानी भर गया है। हालात को संभालने के लिए एनडीआरएफ टीमें भेजी जाएं। इसके बाद 30 जवानों की एक टीम चंडीगढ़ के लिए आरक्षित की गई है, जिसे फिलहाल स्टैंडबाय पर रखा गया है।
हाई अलर्ट पर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ
प्रशासन की तरफ से बताया गया कि अगले तीन दिनों में होने वाली बारिश को देखते हुए डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी प्रकार की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। ट्रॉमा वार्ड और आईसीयू में पर्याप्त संख्या में बेड रखे गए हैं। ब्लड बैंक में पर्याप्त भंडार, सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटरों को तैयार रखा गया है। जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सीएच-22, सीएच-45 और सीएच-एमएम सहित सभी अस्पतालों की इमरजेंसी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एंबुलेंस में पर्याप्त मात्रा में दवा किट, स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई है।
हल्लोमाजरा और दड़वा से छह लोगों को किया गया रेस्क्यू
प्रशासन की तरफ से बताया गया कि भारी बारिश में हल्लोमाजरा और दड़वा से छह लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा जलभराव और पानी के कारण यातायात की भीड़ के प्रबंधन के लिए 400 यातायात कर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की तरफ से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को चंडीगढ़ की सड़कों और ट्रैफिक की ताजा स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही है। 32 पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें तैनात की गई हैं और चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।
सोमवार को हुई बारिश की वजह से शहर के तापमान में भी काफी कमी देखी जा रही है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। रविवार को भी अधिकतम तापमान में आठ डिग्री की गिरावट देखी गई थी।
अब तीन-तीन घंटे ही आएगा पानी
बारिश की वजह से सबसे बड़ा नुकसान कजौली वाटर वर्क्स को हुआ है। मेयर अनूप गुप्ता, सलाहकार धर्मपाल व अन्य अधिकारियों ने वाटर वर्क्स का दौरा भी किया। सलाहकार धर्मपाल ने बताया कि बारिश की वजह से भाखड़ा बांध से चंडीगढ़ आने वाली पानी की लाइनें यानी फेज-3 और फेज-1 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। केवल दो पाइपलाइन फेज-4 और फेज-2, 40 एमजीडी पानी देने के लिए कार्यशील हैं। फेज-5 और फेज-6 को एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था, लेकिन अब वे पूरी तरह कार्यात्मक हैं।
शहर में कुल 80 एमजीडी पानी की जरूरत है और इन पाइप लाइनों से छह एमजीडी चंडीमंदिर और छह एमजीडी पंचकूला को दिया जाता है। वर्तमान में पानी की उपलब्धता पाइपलाइन से 60 एमजीडी और भूमिगत जल से 20 एमजीडी है। ऐसे में शहर की जलापूर्ति में 12 एमजीडी की कमी है। यह कमी चंडीमंदिर, चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर से बराबर रूप से साझा की जाएगी। पानी की कमी को देखते हुए नगर निगम ने पानी की सप्लाई के समय को घटा दिया है। पहले सुबह चार घंटे और शाम को चार घंटे पानी आता था लेकिन अब तत्काल प्रभाव से घटाकर सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे कर दिया गया है।
स्टैंडबाय पर एनडीआरएफ की टीम
प्रशासन की तरफ से बताया गया कि हालात को संभालने के लिए रविवार को यूटी प्रशासन के गृह विभाग की तरफ से एनडीआरएफ की टीम की मांग की गई थी। गृह सचिव नितिन कुमार यादव की तरफ से बठिंडा स्थित नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स के सातवीं बटालियन के कमांडेंट को यह पत्र लिखा गया था। उसमें उन्होंने जिक्र किया था कि शहर के कई इलाकों में पानी ज्यादा भर गया है। सुखना लेक में पानी भी खतरे के निशान से ऊपर है। कई गांवों में पानी भर गया है। हालात को संभालने के लिए एनडीआरएफ टीमें भेजी जाएं। इसके बाद 30 जवानों की एक टीम चंडीगढ़ के लिए आरक्षित की गई है, जिसे फिलहाल स्टैंडबाय पर रखा गया है।
हाई अलर्ट पर डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ
प्रशासन की तरफ से बताया गया कि अगले तीन दिनों में होने वाली बारिश को देखते हुए डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी प्रकार की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। ट्रॉमा वार्ड और आईसीयू में पर्याप्त संख्या में बेड रखे गए हैं। ब्लड बैंक में पर्याप्त भंडार, सर्जरी के लिए ऑपरेशन थिएटरों को तैयार रखा गया है। जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सीएच-22, सीएच-45 और सीएच-एमएम सहित सभी अस्पतालों की इमरजेंसी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एंबुलेंस में पर्याप्त मात्रा में दवा किट, स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की गई है।
हल्लोमाजरा और दड़वा से छह लोगों को किया गया रेस्क्यू
प्रशासन की तरफ से बताया गया कि भारी बारिश में हल्लोमाजरा और दड़वा से छह लोगों को रेस्क्यू किया गया है। इसके अलावा जलभराव और पानी के कारण यातायात की भीड़ के प्रबंधन के लिए 400 यातायात कर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की तरफ से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता को चंडीगढ़ की सड़कों और ट्रैफिक की ताजा स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही है। 32 पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें तैनात की गई हैं और चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।