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Cyber Crime: अब बच नहीं पाएंगे साइबर अपराधी, पुलिसकर्मियों को ट्रेन करेगा PEC, दिसंबर से शुरू होगा पहला बैच

Sun, 13 Nov 2022 09:30 AM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 13 Nov 2022 09:30 AM IST
सार

पेक की प्रोफेसर डॉ. दिव्या बंसल ने बताया कि तीनों कोर्सेज में इंटरनेट इंटेलिजेंस, डिजिटल फोरेंसिक व इन्वेस्टिगेशन और इन्फार्मेशन सिक्योरिटी प्रस्तावित हैं। पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है।

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Chandigarh Punjab Engineering College will train policemen to prevent cyber crime
साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराध रोकने के लिए पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेगा। इसके लिए संस्थान तीन नए कोर्स शुरू करने जा रहा है। पहला बैच दिसंबर से शुरू हो जाएगा जिसमें पहला कोर्स चलाया जाएगा। इसके बाद दो अन्य कोर्स की कवायद शुरू होगी। चंडीगढ़ पुलिस ने पहले बैच के लिए अपनी टीम लगभग तैयार कर ली है। जल्द पुलिसकर्मियों के नाम पेक के पास पहुंच जाएंगे।

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पेक की प्रोफेसर डॉ. दिव्या बंसल ने बताया कि तीनों कोर्सेज में इंटरनेट इंटेलिजेंस, डिजिटल फोरेंसिक व इन्वेस्टिगेशन और इन्फार्मेशन सिक्योरिटी प्रस्तावित हैं। पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है। कोर्स 12 सप्ताह का होगा। इसमें प्रति सप्ताह 5 से 7 घंटे की कक्षा लगेगी। पाठ्यक्रम भारतीय पुलिस के अधिकारियों की जरूरतों के आधार पर तैयार किया गया है। विशेष रूप से यह पाठ्यक्रम उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपराध निवारण तकनीक में अपने कौशल और क्षमताओं को बढ़ाना चाहते हैं। राजनीति विज्ञान, समाज शास्त्र, अपराध विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, गणित और प्रबंधन के क्षेत्रों में स्नातक भी इस पाठ्यक्रम से लाभान्वित होंगे। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य साइबर अपराधों का मुकाबला करना है। 
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दिव्या बंसल ने बताया कि साइबर अपराध एक वैश्विक समस्या बन गई है। साइबर अपराधियों की कोई सीमा नहीं है, इसलिए वर्तमान कानूनी प्रणाली व तकनीक निष्क्रिय रह जाती है। देशों के बीच बनीं सीमाएं और कृत्रिम सीमाएं ऐसे मामलों में बड़ी बाधा है। साइबर अपराधियों की पहचान करने, जांच करने, मुकदमा चलाने और न्याय के सामने लाने के संबंध में चिंताएं और भी बड़ गई हैं।
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सेन्कॉप को भी गृह मंत्रालय की हरी झंडी  
चंडीगढ़ में बनने वाले उत्तर भारत का सबसे बड़े केंद्र सेंटर फॉर साइबर सिक्योरिटी एंड ऑपरेशन (सेन्कॉप) को भी गृह मंत्रालय की हरी झंडी मिल गई है। सेन्कॉप एक ऐसा केंद्र होगा जहां आधुनिक तकनीक से युक्त उपकरण, डाटा एनालिसिस सेंटर और साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेषज्ञ तैनात होंगे। इसमें हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब की पुलिस को साइबर अपराधियों को पकड़ने और वहां के पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।  
 
कोविड के दौरान बढ़े साइबर अपराध के केस, निपटारा न के बराबर
जनवरी 2022 से अभी तक साइबर सेल के पास लगभग लगभग 700 शिकायतें आ चुकी हैं, जिसमें से न के बराबर शिकायतों का निस्तारण हो पाया है। तकनीक की कमी के कारण ज्यादातर मामले जांच तक ही सीमित हैं। सबसे ज्यादा मामले कोविड के दौरान वर्ष 2020 में आए थे, जिसमें 6537 मामले शामिल थे। ऐसे में सेन्कॉप के बनने से इस तरह के अपराध को रोकने और अपराधियों को पकड़ने में तेजी आ सकेगी। बता दें कि हाल ही में पुलिस ने चीनी एप के माध्यम से ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा था। इस गिरोह में एक चीनी नागरिक भी था।

पुलिस के साथ जुड़ रहा युवाओं का कारवां    
चंडीगढ़ पुलिस ने साइबर अपराध को रोकने के लिए अपने साथ शहर के निजी और सरकारी कॉलेज के विद्यार्थियों को जोड़ा है। यह विद्यार्थी जगह-जगह जाकर साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देते हैं। इसके अलावा पीड़ितों के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इस नंबर को गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। इस हेल्पनाइन नंबर पर शिकायत के बाद बैंक तक इसकी जानकारी पहुंचेगी और पीड़ित के बैंक खाते को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा। 


इस तरह बढ़ा अपराध का ग्राफ
साल           शिकायतें         एफआईआर          गिरफ्तारी
2017            242                  43                      32
2018            3164                35                      16
2019            4793                35                      13
2020            6537                80                       33
2021            5556                65                       35

पेक ने पुलिस को तीन कोर्स कराने की बात कही है। इसका पूरा ब्योरा बनाकर वह हमारे पास जल्द भेज देंगे। इसके बाद कर्मचारियों को साइबर अपराध से बचाव के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। - केतन बंसल, एसपी साइबर अपराध शाखा


हमारी सीनेट ने पुलिस को प्रशिक्षण देने के कोर्स को अनुमति दे दी है। हमने अपना प्रस्ताव पुलिस को दे दिया है। उनकी ओर से हमें जल्द प्रशिक्षण लेने वाले पुलिसकर्मियों की सूची आ जाएगी। - बलदेव सेतिया, डायरेक्टर, पेक
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