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Chandigarh: पीयू की नई सीनेट की अधिसूचना फिलहाल लागू नहीं, केंद्र के दो आदेशों पर मचा बवाल; धरना जारी

Thu, 06 Nov 2025 08:10 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 06 Nov 2025 08:10 AM IST
सार

पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने घोषणा की है कि 7 नवंबर को ओपन मीटिंग और 10 नवंबर को विश्वविद्यालय के गेट बंद किए जाएंगे। इसके लिए किसान संगठनों, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।

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Chandigarh PU new Senate notification not yet implemented two central orders spark uproar protest continues
चंडीगढ़ पीयू में छात्रों से मिलने पहुंचे सांसद अमृतपाल के पिता और सांसद सरबजीत सिंह खालसा - फोटो : संवाद

विस्तार

केंद्र सरकार ने छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के लिए एक नवंबर 2025 को जारी नई सीनेट की राजपत्रित अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन) फिलहाल स्थगित कर दी है। यानी हाल में जारी नई अधिसूचना अभी लागू नहीं होगी। 

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सरकार ने छात्रों के विभिन्न मुद्दों को ध्यान में रखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे में सुधार वाली एक और अधिसूचना जारी होने के बाद ही इसे प्रभावी करने का फैसला किया है। अगले आदेश तक यूनिवर्सिटी का कामकाज 31 अक्तूबर की अधिसूचना से पहले की तरह यथावत चलता रहेगा।
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वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय आगे आया है। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और पीयू के छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य प्रतिनिधियों की मंगलवार को बैठक हुई थी। मंत्रालय ने पीयू के लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके अलावा उसके सभी निर्णय समावेशिता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों और उनके भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करती रहेगी। इसके अलावा, गर्ल्स हॉस्टल की मांग के मुद्दे पर भी जल्द काम होगा।

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दो आदेशों पर मचा बवाल, धरना जारी

केंद्र सरकार के दो आदेशों से पंजाब यूनिवर्सिटी में स्थिति और भ्रमित होती गई। सुबह से ही छात्र संगठन धरने पर डटे रहे। दिनभर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी समर्थन जताने पहुंचे। शाम करीब चार बजे एक नोटिफिकेशन जारी हुआ जिसमें कहा गया कि केंद्र ने सीनेट भंग करने का आदेश वापस ले लिया है लेकिन कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक और आदेश वायरल हो गया जिसमें लिखा था कि वही फैसला फिर से लागू किया जा रहा है। इस विरोधाभासी सूचना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्र संगठनों ने एक सुर में कहा कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, सरकार भ्रम फैला रही है। उनका आरोप है कि सरकार ने दो अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी कर जनता को गुमराह किया है एक नंबर 4867, जो पुराना आदेश रद्द करता है और दूसरा 4868, जो उसे दोबारा लागू कर देता है।

सात को ओपन मीटिंग, 10 को बंद होंगे यूनिवर्सिटी के गेट

पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा ने घोषणा की है कि 7 नवंबर को ओपन मीटिंग और 10 नवंबर को विश्वविद्यालय के गेट बंद किए जाएंगे। इसके लिए किसान संगठनों, छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। मोर्चा नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल विश्वविद्यालय की स्वायत्तता की नहीं बल्कि पंजाब के अधिकारों की रक्षा की है।

धरने में सिंगर जसबीर जस्सी पहुंचे

बुधवार शाम को प्रसिद्ध गायक जसबीर जस्सी भी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने गीतों के माध्यम से छात्रों का हौसला बढ़ाया और कहा कि जब तक हक नहीं मिलता, यह आवाज नहीं रुकेगी।

पंजाबी कभी केंद्र की तानाशाही के आगे नहीं झुकेंगे : कंग

आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि 4 नवंबर को केंद्र ने 28 अक्तूबर के पुराने नोटिफिकेशन को वापस लेने का दावा किया जो 30 अक्तूबर से लागू होना था लेकिन उसी दिन एक नया आदेश जारी कर दिया गया जिसमें कहा गया कि नोटिफिकेशन जब भी केंद्र चाहे तब लागू होगा। कंग ने इसे पंजाबियों की भावनाओं के साथ किया गया मज़ाक बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास पीयू संबंधी आदेश जारी करने का कोई सांविधानिक अधिकार नहीं है। भाजपा पंजाब की स्वायत्तता को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। पंजाबी कभी भी तानाशाही के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पंजाब विधानसभा में उठाया जाएगा और इस गैर-कानूनी आदेश को रद्द करवाने की मांग की जाएगी।
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