{"_id":"5a31fe994f1c1b6a678c1a2a","slug":"chandigarh-police-two-inspectors-filed-petition-for-promotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमोशन के लिए चंडीगढ़ पुलिस के दो और इंस्पेक्टर पहुंचे कैट, याचिका दायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमोशन के लिए चंडीगढ़ पुलिस के दो और इंस्पेक्टर पहुंचे कैट, याचिका दायर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 14 Dec 2017 02:26 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने यूटी पुलिस के दो इंस्पेक्टरों गुरजीत कौर और श्री प्रकाश की डीएसपी पद पर प्रमोशन संबंधी याचिका डिस्पॉज ऑफ कर दी। बुधवार को दायर फ्रेश याचिका को डिस्पॉज ऑफ करते हुए यूटी प्रशासन के गृह सचिव को याचिकाकर्ताओं की रिप्रेजेंटेशन को दो महीने में तय करने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने 26 अप्रैल को इंस्पेक्टर (अब डीएसपी) अमराव सिंह के केस में जारी आदेश को ध्यान में रखते हुए इनकी रिप्रेजेंटेशन तय की जाए।
सेक्टर-31 थाने में एसएचओ तैनात इंस्पेक्टर गुरजीत कौर और पुलिस लाइन सेक्टर-26 में तैनात इंस्पेक्टर श्री प्रकाश ने डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने संबंधित अथॉरिटी को योग्य इंस्पेक्टरों और उन्हें डीएसपी पद पर प्रमोट करने के लिए आदेश देने की अपील की है। वह फरवरी 2016 से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। फरवरी 2016 से वह डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए योग्य हैं।
लेकिन, दानिपस (दिल्ली, अंडेमान एंड निकोबार आईलैंड पुलिस) कैडर से डेपुटेशन और ट्रांसफर पर आए डीएसपी इन कोटे की सीटों पर कब्जा जमाए हैं। सीनियोरिटी के आधार पर याचिकाकर्ताओं का नंबर लिस्ट में 32वां और 33वां हैं। वह डीएसपी के प्रमोशन कोटे के लिए अगले आठ पदों के भीतर आते हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि यूटी प्रशासन को पहले ही तीन इंस्पेक्टरों गुरमुख सिंह, चरणजीत सिंह और दिलशेर की ओर से दायर अवमानना याचिका पर नोटिस मिल चुका है।
विज्ञापन
पहले भी इंस्पेक्टरों को प्रमोट करने के दिए थे आदेश
इससे पहले 26 अप्रैल में ट्रिब्यूनल ने यूटी पुलिस के चार इंस्पेक्टरों इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह, चरणजीत सिंह, उमराव सिंह और दिलशेर सिंह की डीएसपी पद पर प्रमोशन की अपील संबंधी याचिका को मंजूर कर लिया था। साथ ही बाहर से आने वाले दानिप्स कैडर के डीएसपी की यूटी में तैनाती पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इस मामले में सोमवार को ही चारों इंस्पेक्टरों की ओर से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है।
उनका कहना है कि मामले में यूटी प्रशासन अगर कैट के आदेश के खिलाफ अगर याचिका दायर करता है तो मामले में कोई अंतरिम राहत देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए। इनके बाद सात और इंस्पेक्टरों ने डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। उनकी याचिका भी डिस्पॉज ऑफ करते हुए ट्रिब्यूनल ने गृह सचिव को दो महीने में उनकी रिप्रेजेंटेशन तय करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
सेक्टर-31 थाने में एसएचओ तैनात इंस्पेक्टर गुरजीत कौर और पुलिस लाइन सेक्टर-26 में तैनात इंस्पेक्टर श्री प्रकाश ने डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने संबंधित अथॉरिटी को योग्य इंस्पेक्टरों और उन्हें डीएसपी पद पर प्रमोट करने के लिए आदेश देने की अपील की है। वह फरवरी 2016 से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। फरवरी 2016 से वह डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए योग्य हैं।
विज्ञापन
लेकिन, दानिपस (दिल्ली, अंडेमान एंड निकोबार आईलैंड पुलिस) कैडर से डेपुटेशन और ट्रांसफर पर आए डीएसपी इन कोटे की सीटों पर कब्जा जमाए हैं। सीनियोरिटी के आधार पर याचिकाकर्ताओं का नंबर लिस्ट में 32वां और 33वां हैं। वह डीएसपी के प्रमोशन कोटे के लिए अगले आठ पदों के भीतर आते हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि यूटी प्रशासन को पहले ही तीन इंस्पेक्टरों गुरमुख सिंह, चरणजीत सिंह और दिलशेर की ओर से दायर अवमानना याचिका पर नोटिस मिल चुका है।
विज्ञापन
पहले भी इंस्पेक्टरों को प्रमोट करने के दिए थे आदेश
इससे पहले 26 अप्रैल में ट्रिब्यूनल ने यूटी पुलिस के चार इंस्पेक्टरों इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह, चरणजीत सिंह, उमराव सिंह और दिलशेर सिंह की डीएसपी पद पर प्रमोशन की अपील संबंधी याचिका को मंजूर कर लिया था। साथ ही बाहर से आने वाले दानिप्स कैडर के डीएसपी की यूटी में तैनाती पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इस मामले में सोमवार को ही चारों इंस्पेक्टरों की ओर से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है।
उनका कहना है कि मामले में यूटी प्रशासन अगर कैट के आदेश के खिलाफ अगर याचिका दायर करता है तो मामले में कोई अंतरिम राहत देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए। इनके बाद सात और इंस्पेक्टरों ने डीएसपी पद पर प्रमोशन के लिए ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। उनकी याचिका भी डिस्पॉज ऑफ करते हुए ट्रिब्यूनल ने गृह सचिव को दो महीने में उनकी रिप्रेजेंटेशन तय करने के आदेश दिए थे।