फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Police started Departmental Investigation of 14 employees against whom criminal cases are pending

Chandigarh: पुलिस की छवि को दागदार करने वालों पर विभाग सख्त, 14 पुलिस कर्मियों की विभागीय जांच शुरू

Tue, 17 Oct 2023 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 17 Oct 2023 03:00 PM IST
सार

आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच लंबे समय से रुकी हुई थी मगर अब विभाग ने सख्ती दिखाते हुए तय समय में यह जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं ताकि उन मामलों में उचित कार्रवाई हो सके। वहीं उन मुलाजिमों को भी जबरन वीआरएस देने की पहल की जा रही है जिन्होंने आपराधिक कृत्यों से विभाग का नाम बदनाम किया है।

विज्ञापन
Chandigarh Police started Departmental Investigation of 14 employees against whom criminal cases are pending
चंडीगढ़ पुलिस - फोटो : फाइल

विस्तार

सीबीआई द्वारा चंडीगढ़ पुलिस के मुलाजिमों पर भ्रष्टाचार के आरोपों में की जा रही कार्रवाई से खाकी बदनाम हो रही है। ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाते हुए विभाग ने उन 14 मुलाजिमों की लंबे समय से रुकी हुई विभागीय जांच (डीई) शुरू कर दी है, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें भ्रष्टाचार के मामले भी शामिल हैं। इन मुलाजिमों में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के मुलाजिम शामिल हैं।

विज्ञापन


जबरन वीआरएस देने की भी तैयारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले यह विभागीय जांच लंबे समय से रुकी हुई थी मगर अब विभाग ने सख्ती दिखाते हुए तय समय में यह जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं ताकि उन मामलों में उचित कार्रवाई हो सके। वहीं उन मुलाजिमों को भी जबरन वीआरएस देने की पहल की जा रही है जिन्होंने आपराधिक कृत्यों से विभाग का नाम बदनाम किया है। एसएसपी कंवरदीप कौर के आदेशों पर यह विभागीय जांचें खोली गई हैं। इसके लिए इंस्पेक्टर और डीएसपी स्तर के जांच अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि अदालती केसों के साथ ही विभागीय जांच भी चलाई जाए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Punjab: आतंकी रिंदा से जुड़े दो शातिर गिरफ्तार, पंजाब में टारगेट किलिंग की तैयारी में थे, हथियारों समेत काबू
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन महीने में डीई पूरी होनी चाहिए 
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि कायदे से डीई तीन महीने में पूरी हो जानी चाहिए। हालांकि कुछ जटिल मामलों में कुछ अधिक समय दिया जा सकता है मगर ऐसा नहीं है कि इसमें लंबा समय दे दिया जाए क्योंकि कई बार अदालती मामलों में फैसला आने में कई साल तक लग सकते हैं। वहीं अधिकारी ने आगे कहा कि डीई का मकसद मुलाजिम के मामले की जांच कर तुरंत सख्त कार्रवाई करना होता है। एक बार डीई शुरू होने के दौरान पुलिस मुलाजिम को बर्खास्त नहीं किया जा सकता। जानकारी के मुताबिक कुल 56 पुलिस मुलाजिम विभागीय जांच झेल रहे हैं।


सुप्रीम कोर्ट ने भी कई फैसलों में कहा है कि विभागीय जांच और अदालती सुनवाई एक साथ चल सकती है। इसमें राजस्थान सरकार बनाम बीके मीणा एवं अन्य के वर्ष 1996 के मामले में सुनाए आदेश भी शामिल हैं। हाल ही में रिश्वत मामले में सीबीआई अदालत से दोषी साबित हुए एक एसआई समेत, हरियाणा में शराब तस्करी में नामजद दो कांस्टेबल, एक करोड़ रुपये फिरौती मामले में फरार सेक्टर 39 थाने के तत्कालीन एसआई समेत हाल ही में रिश्वत मामले में नामजद आर्थिक अपराध शाखा के दो सब-इंस्पेक्टर को बर्खास्त किया गया था।

यह दलील दी जो काम नहीं आई
जानकारी के मुताबिक जिन 14 मुलाजिमों की डीई शुरू की गई है उन्होंने विभाग से मांग की थी कि अदालती केसों में फैसला आने तक उनकी डीई रोकी जाए। हालांकि विभाग अब सख्ती दिखा रहा है। आरोपी मुलाजिमों की दलीलें थी कि उनके मामले में एक से गवाह डीई के दौरान जांचकर्ता अधिकारी और अदालत में पेश होते हैं। ऐसे में संभावना रहती है कि अगर गवाह पहले डीई में पेश हो जाते हैं तो वह अदालत में सुनवाई के दौरान अपने बयान बदल लेते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed