{"_id":"5f083b448ebc3e6399710706","slug":"chandigarh-police-released-new-rules-for-working-in-police-station","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नया नियमः चंडीगढ़ में स्पॉट को छोड़ सीधे किसी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करेगी थाना पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नया नियमः चंडीगढ़ में स्पॉट को छोड़ सीधे किसी शिकायत पर कार्रवाई नहीं करेगी थाना पुलिस
Fri, 10 Jul 2020 03:42 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 10 Jul 2020 03:42 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनीमाजरा की पूर्व एसएचओ जसविंदर कौर के रिश्वतखोरी में फंसने के बाद यूटी पुलिस ने एक सख्त फैसला लिया है। अब स्पॉट की शिकायतों को छोड़कर अन्य सभी मामलों की शिकायत सीधे थाने में न कर एसएसपी पब्लिक विंडो पर दर्ज करानी होगी।
यह निर्देश पहले भी था लेकिन ज्यादातर मामलों में थाना पुलिस अपने स्तर पर कुछ केस को डील कर मामले का निपटारा कर देती थी लेकिन अब शिकायतों पर एसएसपी यूटी की जांच मार्क होने के बाद ही संबंधित थानों में कार्रवाई होगी। बता दें कि बीते 30 जून को मनीमाजरा थाने की तत्कालीन एसएचओ जसविंदर कौर पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया था।
सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 27 से 28 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद केस को एसएसपी पब्लिक विंडो पर भेजने की बजाय मनीमाजरा थाना पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। इससे यह मामला आला अफसरों के संज्ञान में नहीं आ सका।
विज्ञापन
अब इस केस से सबक लेते हुए यूटी पुलिस के आला अधिकारियों ने फैसला लिया है कि अब कंट्रोल रूम (112) पर आने वाली शिकायतों को छोड़कर अन्य सभी शिकायतें सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में एसएसपी पब्लिक विंडो पर भेजी जाएंगी।
विज्ञापन
यह निर्देश पहले भी था लेकिन ज्यादातर मामलों में थाना पुलिस अपने स्तर पर कुछ केस को डील कर मामले का निपटारा कर देती थी लेकिन अब शिकायतों पर एसएसपी यूटी की जांच मार्क होने के बाद ही संबंधित थानों में कार्रवाई होगी। बता दें कि बीते 30 जून को मनीमाजरा थाने की तत्कालीन एसएचओ जसविंदर कौर पर पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 27 से 28 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद केस को एसएसपी पब्लिक विंडो पर भेजने की बजाय मनीमाजरा थाना पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। इससे यह मामला आला अफसरों के संज्ञान में नहीं आ सका।
विज्ञापन
अब इस केस से सबक लेते हुए यूटी पुलिस के आला अधिकारियों ने फैसला लिया है कि अब कंट्रोल रूम (112) पर आने वाली शिकायतों को छोड़कर अन्य सभी शिकायतें सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में एसएसपी पब्लिक विंडो पर भेजी जाएंगी।
सभी थाना प्रभारियों को दिया निर्देश
बता दें कि इसके पहले भी शिकायतें पब्लिक विंडों पर आती रही हैं लेकिन ज्यादातर थानों में इसका पालन नहीं हो रही थी। इसके चलते आला अधिकारियों ने सख्ती से फैसला लेकर शहर के अलग अलग थाना प्रभारी और डीएसपी को 112 कंट्रोल रूम के अलावा आने वाली शिकायतों को पब्लिक विंडों भेजने के सख्ती से निर्देश दिया है।
रोजाना आती हैं 20 से 30 शिकायतें
बताया गया कि सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय एसएसपी पब्लिक विंडो पर रोजाना करीब 20 से 30 शिकायतें आती हैं। इन केसों में ज्यादातर साइबर ठगी, धोखाधड़ी, संपत्ति विवाद, शादी का झांसा समेत अन्य शिकायतें शामिल हैं। शिकायत के बाद आला अधिकारी इसकी जांच कर केस को संबंधित थाने में सौंपा जाता है। इसके बाद थाना पुलिस केस के आधार पर अपने स्तर पर जांच शुरू करते हैं।
कुछ केस को पुलिस वेरिफाई करने के बाद करेगी जांच
पुलिस का कहना है कि ऐसे कुछ मामलों में मोबाइल स्नैचिंग या फिर चोरी की वारदात का बाद में पता लगना, या किसी अन्य कारण से शिकायतकर्ता 112 नंबर कंट्रोल रूम पर कॉल नहीं कर सकता है, ऐसे केस में पुलिस पूरे फैक्ट को वेरिफाई करने के बाद अपने स्तर पर जांच करेगी। लेकिन अगर केस में कुछ गड़बड़ी है तो ऐसे में पुलिस शिकायतकर्ता को सेक्टर 9 पब्लिक विंडो भेज देगी।
रोजाना आती हैं 20 से 30 शिकायतें
बताया गया कि सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय एसएसपी पब्लिक विंडो पर रोजाना करीब 20 से 30 शिकायतें आती हैं। इन केसों में ज्यादातर साइबर ठगी, धोखाधड़ी, संपत्ति विवाद, शादी का झांसा समेत अन्य शिकायतें शामिल हैं। शिकायत के बाद आला अधिकारी इसकी जांच कर केस को संबंधित थाने में सौंपा जाता है। इसके बाद थाना पुलिस केस के आधार पर अपने स्तर पर जांच शुरू करते हैं।
कुछ केस को पुलिस वेरिफाई करने के बाद करेगी जांच
पुलिस का कहना है कि ऐसे कुछ मामलों में मोबाइल स्नैचिंग या फिर चोरी की वारदात का बाद में पता लगना, या किसी अन्य कारण से शिकायतकर्ता 112 नंबर कंट्रोल रूम पर कॉल नहीं कर सकता है, ऐसे केस में पुलिस पूरे फैक्ट को वेरिफाई करने के बाद अपने स्तर पर जांच करेगी। लेकिन अगर केस में कुछ गड़बड़ी है तो ऐसे में पुलिस शिकायतकर्ता को सेक्टर 9 पब्लिक विंडो भेज देगी।