फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Police ranks first in the country in resolving cyber cases.

Chandigarh News: साइबर मामलों के निपटारे में चंडीगढ़ पुलिस देश में पहले स्थान पर

Wed, 30 Sep 2026 02:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:47 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh Police ranks first in the country in resolving cyber cases.
चंडीगढ़। साइबर अपराध के पीड़ितों को राहत देने और लंबित शिकायतों के निपटारे में चंडीगढ़ पुलिस के साइबर थाना ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) के मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) में चंडीगढ़ पुलिस ने पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, ग्रिवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म (जीआरएम) में पुलिस को पांचवां स्थान मिला है। पुलिस के मुताबिक लगातार निगरानी, मामलों की नियमित समीक्षा, अधिकारियों की करीबी मॉनिटरिंग और बैंकों व अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय से लंबित मामलों में कमी आई है।एमआरएम की पेंडेंसी करीब 32 प्रतिशत से घटकर 4.31 प्रतिशत रह गई है। वहीं, जीआरएम की पेंडेंसी घटकर 2.24 प्रतिशत हो गई है।
विज्ञापन

बॉक्स : 255 में से 244 मामलों का निपटारा
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एमआरएम के तहत दर्ज 255 मामलों में से 244 का निपटारा कर दिया है। इस तरह मामलों के निपटारे की दर 95.69 प्रतिशत रही। अब केवल 11 मामले लंबित हैं। पुलिस के अनुसार, एमआरएम पोर्टल के माध्यम से साइबर अपराध पीड़ितों के लिए 88.68 लाख रुपये की राशि बहाल करने के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन

एमआरएम यानी मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल आई4सी की पहल है। इसके तहत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज साइबर वित्तीय अपराधों में बैंक खातों में होल्ड या लियन पर रखी पात्र राशि को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत बहाल या रिलीज किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स : जीआरएम में खाताधारकों की शिकायतों का निपटारा
ग्रिवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म (जीआरएम) के तहत उन खाताधारकों की शिकायतों का निपटारा किया जाता है, जिनके बैंक खाते साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ी का पता लगाने के दौरान फ्रीज, होल्ड या लियन पर रखे गए हैं। पुलिस के मुताबिक शिकायतों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध निपटारे से जीआरएम की पेंडेंसी 2.24 प्रतिशत तक लाई गई।
लगातार मॉनिटरिंग से मिली सफलता
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, एमआरएम और जीआरएम मामलों की लगातार मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की समीक्षा और फॉलोअप के साथ साइबर क्राइम यूनिट की करीबी निगरानी की गई। बैंकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ प्रभावी समन्वय कर पात्र पीड़ितों की रकम जल्द बहाल कराने तथा फ्रीज, होल्ड और लियन किए गए खातों से संबंधित शिकायतों के तेजी से निपटारे पर भी ध्यान दिया गया।

पुलिस के अनुसार, एसएसपी साइबर एंड ऑपरेशंस और डीएसपी साइबर की निगरानी में साइबर थाना टीम ने इस कार्य में योगदान दिया। टीम में एसएचओ साइबर थाना, कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल दयानंद और कांस्टेबल पीयूष ने भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से प्रभावित नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध निपटारे, पात्र पीड़ितों को धनराशि की बहाली और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed