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चंडीगढ़ के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को मिली राहत, एक नोटिफिकेशन ने मचाया था हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:11 PM IST
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चंडीगढ़ पुलिस
- फोटो : demo pics
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गृह मंत्रालय ने बीती 25 सितंबर को जारी चंडीगढ़ पुलिस को दिल्ली अंडमान निकोबार आइसलैंड पुलिस सर्विस (दानिप्स) कैडर में मर्ज करने की नोटिफिकेशन को फिलहाल अमल में नहीं लाने के आदेश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने 17 अक्टूबर को जारी आदेशों में अगले आदेश तक चंडीगढ़ पुलिस को दानिप्स कैडर में मर्ज करने की नोटिफिकेशन को अमल में न लाने को कहा है। इससे चंडीगढ़ पुलिस विभाग के डीएसपी स्तर के सभी अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। सभी डीएसपी उनके सहकर्मी अन्य डीएसपीज और इंस्पेक्टर इस जानकारी के संज्ञान में आने पर खुशी जाहिर करते दिखे।
इससे पहले गृह मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ पुलिस को दानिप्स कैडर में मर्ज करने की नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बाद से यूटी के डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने न केवल इसका विरोध किया था, बल्कि रोक लगाने के लिए कैट में भी याचिका दायर की थी। इनके अलावा चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा के 60:40 के अनुपात को खत्म करने के प्रयास का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इसपर आपत्ति जताई थी।
वहीं, अकाली दल से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी एमएचए के इस फैसले को चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा के 60:40 अनुपात को खत्म करने के प्रयास पर आपत्ति जताते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे। यूटी पुलिस को दानिप्स कैडर में मर्ज करने की नोटिफिकेशन से पहले अप्रैल में एमएचए ने यूटी प्रशासन को ड्राफ्ट पॉलिसी भेजी थी। इसमें चंडीगढ़ को एनसीटी में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। साथ ही चंडीगढ़ के इंस्पेक्टर और डीएसपीज को एमएचए के अंडर सेक्रेट्री, हिटलर सिंह की ई-मेल आईडी पर उनके सुझाव और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 19 मई तक का समय दिया गया था।
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चंडीगढ़ पुलिस विभाग में कार्यरत दानिप्स कैडर के कई डीएसपी
दानिप्स कैडर के कई डीएसपी मौजूदा समय में भी चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। एमएचए के कैडर मर्ज की नोटिफिकेशन जारी करने से पूर्व डीएसपीज डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आते थे। यदि नोटिफिकेशन पर रोक नहीं लगाई जाती तो डेपुटेशन के बजाय उनकी ट्रांसफर सीधी चंडीगढ़ होने का रास्ता बनता। ऐसे में चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपीज को भी दिल्ली, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप , दमन-दीव सहित दादर नगर हवेली में सेवाएं प्रदान करने जाना पड़ता।
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इससे पहले गृह मंत्रालय की ओर से चंडीगढ़ पुलिस को दानिप्स कैडर में मर्ज करने की नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बाद से यूटी के डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने न केवल इसका विरोध किया था, बल्कि रोक लगाने के लिए कैट में भी याचिका दायर की थी। इनके अलावा चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा के 60:40 के अनुपात को खत्म करने के प्रयास का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इसपर आपत्ति जताई थी।
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वहीं, अकाली दल से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी एमएचए के इस फैसले को चंडीगढ़ पर पंजाब-हरियाणा के 60:40 अनुपात को खत्म करने के प्रयास पर आपत्ति जताते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे। यूटी पुलिस को दानिप्स कैडर में मर्ज करने की नोटिफिकेशन से पहले अप्रैल में एमएचए ने यूटी प्रशासन को ड्राफ्ट पॉलिसी भेजी थी। इसमें चंडीगढ़ को एनसीटी में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। साथ ही चंडीगढ़ के इंस्पेक्टर और डीएसपीज को एमएचए के अंडर सेक्रेट्री, हिटलर सिंह की ई-मेल आईडी पर उनके सुझाव और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 19 मई तक का समय दिया गया था।
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चंडीगढ़ पुलिस विभाग में कार्यरत दानिप्स कैडर के कई डीएसपी
दानिप्स कैडर के कई डीएसपी मौजूदा समय में भी चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। एमएचए के कैडर मर्ज की नोटिफिकेशन जारी करने से पूर्व डीएसपीज डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आते थे। यदि नोटिफिकेशन पर रोक नहीं लगाई जाती तो डेपुटेशन के बजाय उनकी ट्रांसफर सीधी चंडीगढ़ होने का रास्ता बनता। ऐसे में चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपीज को भी दिल्ली, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप , दमन-दीव सहित दादर नगर हवेली में सेवाएं प्रदान करने जाना पड़ता।