कोरोना : चंडीगढ़ में अब रोज 600 सैंपल जांचेगा पीजीआई, बढ़ते मामलों के बीच प्रशासक के आदेश
- चंडीगढ़ पीजीआई को रोज जांचने होंगे कोरोना के 600 सैंपल
- प्रशासक ने कहा, आरटीपीसीआर जांच की क्षमता को बढ़ाएं पीजीआई
- अधिकारियों ने प्रशासक से की थी पीजीआई की शिकायत
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चंडीगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने पीजीआई के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वह कोरोना के लिए आरटीपीसीआर जांच की क्षमता को बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि रोजाना 1200 नमूनों की जांच की जानी चाहिए, जिसमें से 600 स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे जाएंगे, उन्हें भी पीजीआई को स्वीकार करना होगा।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने यह आदेश अमर उजाला में 20 मार्च को ‘आरटीपीसीआर जांच पर प्रशासन और पीजीआई आमने-सामने, स्वास्थ्य मंत्रालय से शिकायत’ शीर्षक से प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए जारी किया है। बीते दिनों यूटी स्वास्थ्य विभाग ने पीजीआई को 600 नमूने जांच के लिए भेजे तो पीजीआई ने 300 से ज्यादा नमूने लेने से मना कर दिया था। इस पर प्रशासन के अधिकारी खफा हो गए थे और पीजीआई के इस रवैये की शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से की थी।
इस पर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को भी इस मामले में दखल देना पड़ा और पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम और स्वास्थ्य सचिव से चर्चा करनी पड़ी। प्रशासक ने भी मामले को खत्म कराने का प्रयास किया लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। सोमवार को प्रशासक की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में भी यह मुद्दा उठा। इसके बाद प्रशासक ने यह आदेश जारी किया।
अब जीएमसीएच-32 ने 200 से ज्यादा जांच करने से किया इंकार
प्रशासन के निर्देश के बावजूद जीएमसीएच-32 ने 200 से ज्यादा नमूनों की आरटीपीसीआर जांच करने से इंकार कर दिया है। स्थिति यह है कि प्रशासन के दबाव पर जीएमसीएच-32 ने 3 दिनों तक तो 200 से ज्यादा नमूने जांच किए लेकिन सोमवार को उसने 200 से अतिरिक्त सभी नमूने स्वास्थ्य विभाग को वापस कर दिए है।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि पीजीआई को 600 और जीएमसीएच-32 को 330 नमूने भेजे गए थे। पीजीआई ने सारे नमूने स्वीकार कर लिए लेकिन जीएमसीएच-32 ने 200 नमूने ही जांच के लिए रखे, बाकी 130 नमूने वापस कर दिए। 200 से ज्यादा नमूने लेने के लिए जीएमसीएच 32 को प्रशासन की तरफ से निर्देश मिल चुका है, उसके बावजूद भी वह आनाकानी कर रहे हैं। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएमसीएच के कई आरटीपीसीआर टेस्ट लंबित पड़े हैं। अस्पताल की क्षमता रोजाना 400 नमूनों की जांच करने की है, जो हो रही है। हालांकि अस्पताल को क्षमता बढ़ाने को कह दिया गया है। जल्द मामला सुलझा लिया जाएगा।
जीएमसीएच 32 ने कब कब लिए कितने नमूने
19 मार्च - 386
20 मार्च - 263
21 मार्च - 264
22 मार्च - 200