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नया संकट: कोविड के कारण चंडीगढ़ पीजीआई ने टाली गंभीर मरीजों की सर्जरी टली, बढ़ी परेशानी
Sun, 02 May 2021 12:11 PM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 02 May 2021 12:11 PM IST
सार
मरीजों का कहना है कि कोरोना से जूझ रहे मरीजों के इलाज का प्रबंध तो कर दिया गया, लेकिन उनकी गंभीर बीमारी को लेकर प्रशासन लापरवाह रवैया अपना रहा है।
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चंडीगढ़ पीजीआई
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के कारण अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की स्थिति खराब होती जा रही है। मौजूदा स्थिति की भयावहता को समझते हुए पीजीआई प्रशासन ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के ऑपरेशन को अगले एक महीने के लिए टाल दिया है। ऐसे में उन मरीजों के साथ ही उनके परिजनों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। मरीजों का कहना है कि कोरोना से जूझ रहे मरीजों के इलाज का प्रबंध तो कर दिया गया, लेकिन उनकी गंभीर बीमारी को लेकर प्रशासन लापरवाह रवैया अपना रहा है, जो बिल्कुल गलत है जबकि पीजीआई प्रशासन इस निर्णय के पीछे उन मरीजों की सुरक्षा का हवाला दे रहा है।
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बड़ी मुश्किल से मिला था डोनर, अब सर्जरी ही टल गई
अमृतसर के सुनील (बदला हुआ नाम) की भी है। सुनील की दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं। तमाम प्रयास के बाद डोनर के मिलने पर उनका 22 अप्रैल को पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट होना था, लेकिन उन्हें भी डॉक्टरों ने एक महीने बाद ट्रांसप्लांट के लिए बुलाया है।
जालंधर निवासी सुनीता (बदला हुआ नाम) का पीजीआई में कैंसर का इलाज चल रहा है। सुनीता की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 20 अप्रैल को सर्जरी की डेट दी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार अचानक बढ़ने के कारण पीजीआई ने उनका ऑपरेशन 1 महीने के लिए टाल दिया है। ऐसी स्थिति में सरिता की स्थिति दिनोंदिन बेहद गंभीर होती जा रही है।
जालंधर निवासी सुनीता (बदला हुआ नाम) का पीजीआई में कैंसर का इलाज चल रहा है। सुनीता की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने 20 अप्रैल को सर्जरी की डेट दी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण की रफ्तार अचानक बढ़ने के कारण पीजीआई ने उनका ऑपरेशन 1 महीने के लिए टाल दिया है। ऐसी स्थिति में सरिता की स्थिति दिनोंदिन बेहद गंभीर होती जा रही है।
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स्वास्थ्य कर्मचारी तेजी से हो रहे संक्रमित
पीजीआई में चंडीगढ़ के साथ ही अन्य प्रदेशों से आने वाले रेफर मरीजों की संख्या के साथ ही कोविड-19 अस्पताल में भर्ती मरीजों का दबाव काफी बढ़ रहा है। इससे पीजीआई के स्वास्थ्य कर्मचारी तेजी से संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। पीजीआई में अब तक 1457 स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
टेलीकंसल्टेशन की सेवा भी सीमित की
कोरोना के मरीजों के बढ़ते दबाव के कारण पीजीआई प्रशासन ने टेलीकंसल्टेशन में पंजीकरण की समय सीमा भी कम कर दी है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण इस सेवा को सीमित किया गया है, जो स्थिति सामान्य होने पर पुन: पहले जैसी कर दी जाएगी।
नहीं मिल रही सही जानकारी
मौजूदा स्थिति में नॉन कोविड मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जिन्हें अप्रैल में सर्जरी की डेट दी गई थी उनका ऑपरेशन करने से साफ मना कर दिया गया है। पूछने पर बताया जा रहा है कि चार हफ्ते बाद ऑपरेशन होगा। इस दौरान अगर मरीज को किसी तरह की परेशानी हुई तो क्या करना है इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी जा रही है। वहीं पीजीआई प्रशासन का कहना है कि मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। जिस पर तय समय पर कॉल कर परामर्श लिया जा सकता है।
टेलीकंसल्टेशन की सेवा भी सीमित की
कोरोना के मरीजों के बढ़ते दबाव के कारण पीजीआई प्रशासन ने टेलीकंसल्टेशन में पंजीकरण की समय सीमा भी कम कर दी है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण इस सेवा को सीमित किया गया है, जो स्थिति सामान्य होने पर पुन: पहले जैसी कर दी जाएगी।
नहीं मिल रही सही जानकारी
मौजूदा स्थिति में नॉन कोविड मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जिन्हें अप्रैल में सर्जरी की डेट दी गई थी उनका ऑपरेशन करने से साफ मना कर दिया गया है। पूछने पर बताया जा रहा है कि चार हफ्ते बाद ऑपरेशन होगा। इस दौरान अगर मरीज को किसी तरह की परेशानी हुई तो क्या करना है इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी जा रही है। वहीं पीजीआई प्रशासन का कहना है कि मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। जिस पर तय समय पर कॉल कर परामर्श लिया जा सकता है।
सामान्य दिनों में पीजीआई में देखे जाते हैं इतने मरीज
राज्य मरीज प्रतिशत
पंजाब 1087420 19.0
चंडीगढ़ 546468 37.9
हरियाणा 541764 18.9
हिमाचल प्रदेश 359273 12.5
उत्तर प्रदेश 133554 4.7
जम्मू कश्मीर 74131 1.2
अन्य राज्य 91970 3.2
पंजाब 1087420 19.0
चंडीगढ़ 546468 37.9
हरियाणा 541764 18.9
हिमाचल प्रदेश 359273 12.5
उत्तर प्रदेश 133554 4.7
जम्मू कश्मीर 74131 1.2
अन्य राज्य 91970 3.2
मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जैसे स्थिति सामान्य होगी धीरे-धीरे सर्जरी और परामर्श की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन फिलहाल नॉन कोविड- मरीजों को टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से ही परामर्श दिया जाएगा। -प्रो जगतराम, पीजीआई निदेशक