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PGI ने बदले स्टेंट, पेस मेकर, हार्ट की दवाइयों, घुटने और हिप के रेट, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 04 Aug 2016 10:02 PM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
- फोटो : demo pics
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पीजीआई प्रशासन ने हार्ट के स्टेंट, पेस मेकर, हार्ट की दवाएं, आर्टिफिशियल घुटने और हिप के रेटों में कई बड़े बदलाव किए हैं। पीजीआई में ये सब अब आधे रेट पर मिलेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा शनिवार को पीजीआई के दो अमृत आउटलेट का उद्घाटन करने वाले हैं।
नेहरू हास्पिटल स्थित अमृत आउटलेट से ऑर्थोपीडिक्स इंप्लांट (घुटना व हिप) व ट्रामा की मेडिसिन मिलेंगी, जबकि एडवांस कार्डियक सेंटर से स्टेंट व हार्ट के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 150 से ज्यादा दवाएं मिलेंगी।
अप्रैल में खुला था पहला अमृत आउटलेट
पीजीआई में पहला अमृत आउटलेट अप्रैल में नेहरू हास्पिटल में ही खोला गया था। इसमें कैंसर की दवाएं मिलती हैं। इस आउटलेट में एक दिन में पांच लाख की दवाएं बिकती हैं।
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सिर्फ 22 हजार में स्टेंट
पीजीआई में सबसे सस्ते स्टेंट की कीमत 40 हजार है, जबकि अमृत में मिलने वाले स्टेंट की कीमत 22 हजार रुपये होगी। हार्ट की दवाएं 60 प्रतिशत कम रेट पर मिलेंगी। इसी तरह आरथोपीडिक्स इंप्लांट की कीमत भी काफी सस्ती है। अमृत आउटलेट के मुताबिक एक आर्टिफिशियल घुटने की कीमत 75 हजार रुपये तय की गई है, जबकि बाजार में इसकी कीमत एक लाख के आसपास है। इसी तरह से आर्टिफिशियल हिप की कीमत भी काफी कम रखी गई है।
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नेहरू हास्पिटल स्थित अमृत आउटलेट से ऑर्थोपीडिक्स इंप्लांट (घुटना व हिप) व ट्रामा की मेडिसिन मिलेंगी, जबकि एडवांस कार्डियक सेंटर से स्टेंट व हार्ट के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 150 से ज्यादा दवाएं मिलेंगी।
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अप्रैल में खुला था पहला अमृत आउटलेट
पीजीआई में पहला अमृत आउटलेट अप्रैल में नेहरू हास्पिटल में ही खोला गया था। इसमें कैंसर की दवाएं मिलती हैं। इस आउटलेट में एक दिन में पांच लाख की दवाएं बिकती हैं।
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सिर्फ 22 हजार में स्टेंट
पीजीआई में सबसे सस्ते स्टेंट की कीमत 40 हजार है, जबकि अमृत में मिलने वाले स्टेंट की कीमत 22 हजार रुपये होगी। हार्ट की दवाएं 60 प्रतिशत कम रेट पर मिलेंगी। इसी तरह आरथोपीडिक्स इंप्लांट की कीमत भी काफी सस्ती है। अमृत आउटलेट के मुताबिक एक आर्टिफिशियल घुटने की कीमत 75 हजार रुपये तय की गई है, जबकि बाजार में इसकी कीमत एक लाख के आसपास है। इसी तरह से आर्टिफिशियल हिप की कीमत भी काफी कम रखी गई है।
डॉक्टर व कंपनी के गठजोड़ खत्म करने की कोशिश
चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल
- फोटो : PTI
पीजीआई में स्टेंट अभी सीधे तौर पर कंपनी के मेडिकल रिप्रजेंटेटिव (एमआर) से खरीदने पड़ते हैं। कंपनी के एमआर कार्डियक सेंटर में अपना डेरा जमाते हैं और जिस किसी भी मरीज को स्टेंट की जरूरत पड़ती है तो डॉक्टर उन्हें एमआर के पास भेज देते हैं।
इस गठजोड़ को खत्म करने के लिए पीजीआई ने डॉक्टरों से उन दवाओं की लिस्ट मांगी है, जो मरीजों को लिखी जाती है। डॉक्टरों ने पीजीआई प्रशासन को 150 दवाओं की लिस्ट सौंपी हैं। पीजीआई ने ये लिस्ट अमृत आउटलेट के अधिकारियों को दे दी है और निर्देश दिए हैं कि ये दवाएं आउटलेट में हर हालत में हो।
पीजीआई की फार्मेसी भी साल के अंत तक
अमृत आउटलेट खुलने के बावजूद पीजीआई अपनी फार्मेसी भी खोलेगा। पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि फार्मेसी खोलने की तय सीमा 31 दिसंबर है। इससे पहले हर हालत में काम शुरू कर दिया जाएगा।
पीजीआई ने अपनी स्टडी में पाया है कि तीनों अमृत आउटलेट खुलने के बाद भी 50-60 प्रतिशत मरीजों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पाएंगी। लिहाजा इन मरीजों के लिए फार्मेसी को खोलना जरूरी है।
पीजीआई को फार्मेसी खोलने के लिए जगह और स्टोरेज की जगह मिल चुकी है। इसके अलावा फंड की भी मंजूरी दी जा चुकी है। इसमें मरीजों को 60 फीसदी सस्ती दवाएं मिलेंगी।
इस गठजोड़ को खत्म करने के लिए पीजीआई ने डॉक्टरों से उन दवाओं की लिस्ट मांगी है, जो मरीजों को लिखी जाती है। डॉक्टरों ने पीजीआई प्रशासन को 150 दवाओं की लिस्ट सौंपी हैं। पीजीआई ने ये लिस्ट अमृत आउटलेट के अधिकारियों को दे दी है और निर्देश दिए हैं कि ये दवाएं आउटलेट में हर हालत में हो।
पीजीआई की फार्मेसी भी साल के अंत तक
अमृत आउटलेट खुलने के बावजूद पीजीआई अपनी फार्मेसी भी खोलेगा। पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि फार्मेसी खोलने की तय सीमा 31 दिसंबर है। इससे पहले हर हालत में काम शुरू कर दिया जाएगा।
पीजीआई ने अपनी स्टडी में पाया है कि तीनों अमृत आउटलेट खुलने के बाद भी 50-60 प्रतिशत मरीजों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पाएंगी। लिहाजा इन मरीजों के लिए फार्मेसी को खोलना जरूरी है।
पीजीआई को फार्मेसी खोलने के लिए जगह और स्टोरेज की जगह मिल चुकी है। इसके अलावा फंड की भी मंजूरी दी जा चुकी है। इसमें मरीजों को 60 फीसदी सस्ती दवाएं मिलेंगी।