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Chandigarh: ईवी अपनाने में चंडीगढ़ अव्वल, कुल वाहनों में 15 फीसदी इलेक्ट्रिक...राष्ट्रीय औसत सिर्फ छह फीसदी

Sat, 21 Oct 2023 10:56 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sat, 21 Oct 2023 10:56 AM IST
सार

चंडीगढ़ में अब जितने भी सवारी वाले तीन पहिया वाहन बिक रहे हैं, वो 100 फीसदी इलेक्ट्रिक है। आंकड़ों के अनुसार शहर में ईवी अपनाने की दर करीब 15 फीसदी है। डैशबोर्ड ने शहर में हर महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वर्ष 2030 तक नौ गुना वृद्धि का अनुमान लगाया है।

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Chandigarh tops in adoption of EV, 15 percent of total vehicles purchased are electric
EV

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति का असर दिखने लगा है। ईवी अपनाने में चंडीगढ़ पूरे देश में नंबर-एक है। सितंबर 2023 में शहर में बिके कुल वाहनों में 15 फीसदी इलेक्ट्रिक थे, जबकि इसी महीने राष्ट्रीय औसत सिर्फ छह फीसदी है। कई राज्यों में ईवी को अपनाने की दर दो फीसदी तो किसी राज्य में तीन फीसदी है। शहर के लोग सबसे ज्यादा तेजी से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं।
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हाल ही में केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और डेटा के लिए एक ईवी-रेडी इंडिया डैशबोर्ड लॉन्च किया है। डैशबोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शहर के लोग तेजी से ईवी अपना रहे हैं। शहर में अब तक 8835 ईवी बिक चुके हैं। इसमें 2721 बाइक, 1108 कारें, 3860 तीनपहिया (सवारी) और 1057 सामान ढोने वाले तीन पहिया वाहन हैं। सितंबर 2023 में 578 ईवी बिके हैं। इसमें 56 कारें, 134 बाइकें, अन्य सभी ई-ऑटो हैं। शहर के लोग 7.17 की दर से ई-दोपहिया वाहन और 3.66 फीसदी की दर से ई-चार पहिया वाहनों को अपना रहे हैं। 
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अच्छी बात है कि शहर में अब जितने भी सवारी वाले तीन पहिया वाहन बिक रहे हैं, वो 100 फीसदी इलेक्ट्रिक है। आंकड़ों के अनुसार शहर में ईवी अपनाने की दर करीब 15 फीसदी है। डैशबोर्ड ने शहर में हर महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वर्ष 2030 तक नौ गुना वृद्धि का अनुमान लगाया है। हालांकि, यह बढ़ भी सकता है, क्योंकि जैसे-जैसे बैटरियों के दाम कम होंगे। ईवी सस्ते होंगे और लोग ज्यादा संख्या में ईवी की तरफ रुख करेंगे। अनुमान है कि शहर में अभी जो हर महीने 578 ईवी बिक रहे हैं, वो 2030 तक 5224 तक पहुंच सकते हैं।

पूरे देश में चंडीगढ़ में सबसे कम है ईवी चार्जिंग के दाम
डैशबोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि चंडीगढ़ में पूरे देश में सबसे कम सार्वजनिक चार्जिंग शुल्क है। यह 3.6 रुपये प्रति किलोवाट है, जो राष्ट्रीय औसत 13.74 रुपये/किलोवाट से 73 प्रतिशत कम है। महाराष्ट्र में 2531 और दिल्ली में 1815 चार्जिंग स्टेशन हैं। ये पूरे देश में सबसे ज्यादा है। तमिलनाडु देश के ई-दोपहिया मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में उभरा है और ई-तीनपहिया में तेलंगाना अग्रणी है, महाराष्ट्र ई-चार पहिया और गुजरात बैटरी बनाने में अग्रणी है। डैशबोर्ड यह भी बताता है कि भारत ने 2023 में अब तक अनुमानित 5.18 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन से बचा है, जो 85.47 मिलियन पेड़ों को लगाने के बराबर है।

ईवी अपनाने में पंजाब समेत कई राज्यों से पीछे है हरियाणा
सितंबर 2023 में पूरे पंजाब में 2600 इलेक्ट्रिक वाहन बिके। इसमें 676 दोपहिया और 86 कारें थीं। ई-दोपहिया वाहनों को अपनाने की दर 1.89 फीसदी और चारपहिया की 0.63 फीसदी है। हालांकि, पंजाब ने डीजल-सीएनजी ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदलने में अच्छा काम किया है। ई-तीनपहिया को अपनाने की दर 80.4 फीसदी है। ओवरऑल पंजाब में 4.85 फीसदी की दर से ईवी को लोग अपना रहे हैं। 


हरियाणा ईवी को अपनाने में पंजाब समेत कई राज्यों से काफी पीछे है। हरियाणा में सितंबर 2023 में सिर्फ 2067 ईवी बिके। इसमें से दो पहिया वाहन 321 और चार पहिया वाहन सिर्फ 92 है। ई-दोपहिया वाहनों को अपनाने की दर 0.72 फीसदी और ई-चारपहिया की 0.33 फीसदी है। हरियाणा ई-तीनपहिया के मामले में भी पीछे है। करीब 55 फीसदी ही तीन पहिया वाहन ईवी हैं। ओवरऑल पंजाब में 2.6 फीसदी की दर से ईवी को लोग अपना रहे हैं।

ईवी अपनाने वाले टॉप राज्य-यूटी
राज्य-यूटी                        प्रतिशत

चंडीगढ़                             15
असम                              12.7
उत्तर प्रदेश                         12.1
त्रिपुरा                              11.7
बिहार                              10.6

ये यूटी की ईवी नीति का असर है। हमने नीति को ड्राफ्ट करने में छह महीने लगाए थे। कई राज्यों की नीति का अध्ययन किया। हमारी तरफ से काफी अच्छे इंसेंटिव दिए गए, जिसकी वजह से लोग ईवी खरीद रहे हैं। ये आंकड़े बता रहे हैं कि हम सही दिशा में जा रहे हैं। अगर सभी लोग साथ दें तो हम पूरे देश और दुनिया के लिए एक ईवी मॉडल शहर बनकर दिखा सकते हैं। - धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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