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अगर आपको लगता है कि आप नपुंसक हैं तो यहां करायें फ्री इलाज, NGO का ऑफर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Sep 2017 05:09 PM IST
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अगर आपको लगता है कि आप नपुंसक हैं तो यहां आकर फ्री इलाज कराये। एक एनजीओ ने ऑफर दिया है कि उनकी टीम फ्री में इलाज करेगी। डेरा प्रमुख पर 400 लोगों को नपुंसक बनाने का आरोप है। प्रभावितों को काफी दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं। उनके शरीर में कई तरह के बदलाव आ रहे हैं। चंडीगढ़ की एक एनजीओ सोशल राइट फाउंडेशन ने ऐसे पीड़ितों का इलाज मुफ्त में करने का आफर दिया है।
एनजीओ के पास यूरोलाजिस्ट और इंडोक्राइनोलाजी की एक टीम है। कुछ पीड़ितों को एनजीओ की ओर से संदेश भिजवाया गया है। हालांकि अब तक पीड़ितों ने इलाज के लिए हामी नहीं भरी है। उनका कहना है कि कई पीड़ित आपस में एक दूसरे के संपर्क में हैं। उनसे बात करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। एनजीओ के प्रस्ताव पर उन्होंने खुशी जताई है।
शरीर नार्मल नहीं रहा : पीड़ित
पीड़ित हंसराज के भी अंडकोष निकाले गए थे। हंसराज का कहना है कि जब से उसके साथ ऐसा हुआ है, तब से उसके शरीर में काफी बदलाव आ चुके हैं। यूरीन में प्राब्लम आती है। छाती में ब्रेस्टनुमा अंग बढ़ रहा है। पूरे दिन सुस्ती रहती है। गर्मी में गर्मी बहुत लगती है और सर्दी में सर्दी। हर वक्त दर्द बना रहता है। लाइफ नार्मल नहीं रही है। इस बारे में हाईकोर्ट को भी बताया हुआ है। हंसराज का कहना है कि उनके वाट्सअप पर एनजीओ की ओर से मैसेज आया है। हमे खुशी है कि हमारे बारे में भी लोग सोच रहे हैं।
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क्या कहना है कि एनजीओ का
एनजीओ के डायरेक्टर डा. संजीव भाटिया का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ पीड़ितों की मदद करना है। वे डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ नहीं है। डेरा अनुयायियों की भावनाओं का आदर करते हैं। इस खबर को मीडिया में नहीं देना चाहते थे, लेकिन अवेयनेस के लिए जरूरी है। संभव है कि सभी पीड़ितों के पास एनजीओ न पहुंच पाए। इसलिए मीडिया में खबर देनी जरूरी है, ताकि कुछ लोग खबर पढ़कर उनके पास पहुंच पाए।
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एनजीओ के पास यूरोलाजिस्ट और इंडोक्राइनोलाजी की एक टीम है। कुछ पीड़ितों को एनजीओ की ओर से संदेश भिजवाया गया है। हालांकि अब तक पीड़ितों ने इलाज के लिए हामी नहीं भरी है। उनका कहना है कि कई पीड़ित आपस में एक दूसरे के संपर्क में हैं। उनसे बात करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। एनजीओ के प्रस्ताव पर उन्होंने खुशी जताई है।
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शरीर नार्मल नहीं रहा : पीड़ित
पीड़ित हंसराज के भी अंडकोष निकाले गए थे। हंसराज का कहना है कि जब से उसके साथ ऐसा हुआ है, तब से उसके शरीर में काफी बदलाव आ चुके हैं। यूरीन में प्राब्लम आती है। छाती में ब्रेस्टनुमा अंग बढ़ रहा है। पूरे दिन सुस्ती रहती है। गर्मी में गर्मी बहुत लगती है और सर्दी में सर्दी। हर वक्त दर्द बना रहता है। लाइफ नार्मल नहीं रही है। इस बारे में हाईकोर्ट को भी बताया हुआ है। हंसराज का कहना है कि उनके वाट्सअप पर एनजीओ की ओर से मैसेज आया है। हमे खुशी है कि हमारे बारे में भी लोग सोच रहे हैं।
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क्या कहना है कि एनजीओ का
एनजीओ के डायरेक्टर डा. संजीव भाटिया का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ पीड़ितों की मदद करना है। वे डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ नहीं है। डेरा अनुयायियों की भावनाओं का आदर करते हैं। इस खबर को मीडिया में नहीं देना चाहते थे, लेकिन अवेयनेस के लिए जरूरी है। संभव है कि सभी पीड़ितों के पास एनजीओ न पहुंच पाए। इसलिए मीडिया में खबर देनी जरूरी है, ताकि कुछ लोग खबर पढ़कर उनके पास पहुंच पाए।