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ब्रिटेन की संसद में गूंजा आंदोलनरत किसानों को एनआईए नोटिस का मामला
Thu, 21 Jan 2021 01:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 21 Jan 2021 01:20 AM IST
सार
- पगड़ीधारी सिख सांसद ने सदन में विदेश राज्यमंत्री से किसान संगठनों के आंदोलन से संबंधित पूछा सवाल
- ढेसी ने ट्वीट कर दी संसद में मामला उठाने की जानकारी
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तनमनजीत सिंह ढेसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंग्लैंड के पगड़ीधारी सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने ब्रिटेन की संसद में नई दिल्ली में संघर्षरत किसानों का समर्थन करने वाले लोगों को भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा नोटिस भेजे जाने का मुद्दा उठाया।
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ढेसी ने अपने ट्वीट में कहा कि विदेश मंत्री से सवाल पूछते हुए मैंने कहा कि हाउस ऑफ कॉमंस के 100 से अधिक सदस्यों का हस्ताक्षरयुक्त एक क्रास-पार्टी पत्र पहले ही प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को भेजा जा चुका है, जिसमें भारत में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रति चिंताओं के बारे उनकी (बोरिस जानसन) प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
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ढेसी ने कहा कि यह बहुत चिंताजनक है कि वहां (भारत में) अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न और धमकी की खतरनाक खबरें सुनने को मिल रही हैं, जिनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी किसान संघों के नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
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दिसंबर में भारतीय विदेश मंत्री से समक्ष उठाया गया था मामला
ढेसी के सवाल के जवाब देते हुए ब्रिटेन के विदेश राज्य मंत्री डोमिनिक रॉब ने कहा कि उन्होंने सांसद की चिंता को समझा है और पिछले साल दिसंबर में जब उन्होंने भारत का दौरा किया था, तब भारतीय विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर के साथ किसानों के मुद्दे पर चर्चा की थी।
राब ने कहा कि भारत में सरकार ने उदारीकरण प्रक्रिया के एक भाग के रूप में सब्सिडी को कम करने वाले प्रमुख सुधारों का नेतृत्व किया है, लेकिन उसे विरोध की स्वतंत्रता और संवेदनशीलता के बारे में अहम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार करना चाहिए।