चंडीगढ़ में धारा- 144 लागू, अब कोरोना संक्रमितों के घर पर नहीं लगेंगे पोस्टर
- क्वारंटीन होने वालों के हाथ पर स्टैंप भी नहीं लगेगी, समीक्षा बैठक में प्रशासक ने दिया आदेश
- लोगों से हो रहे गलत व्यवहार को देखते हुए पंजाब का तरीका चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनाएगा
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चंडीगढ़ प्रशासन अब क्वारंटीन होने वाले लोगों के घरों के बाहर पोस्टर नहीं चिपकाएगा। न ही क्वारंटीन होने वाले लोगों के हाथों पर स्टैंप लगाया जाएगा। प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया है। क्वारंटीन करने को लेकर चंडीगढ़ अब पंजाब का तरीका अपनाएगा।
प्रशासक बदनौर के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि बीते कुछ दिनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि जिन लोगों के घरों के बाहर पोस्टर पिचकाए गए हैं, उनके साथ लोग ठीक व्यवहार नहीं कर रहे हैं। इसको देखने के बाद ही प्रशासन ने पंजाब की तरह कोई पोस्टर नहीं चिपकाने का फैसला किया है। बैठक में प्रशासक ने आदेश दिए कि उन मरीजों का खास ध्यान रखा जाए जो होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मरीजों को रोजाना कॉल करें और उनकी सेहत की जानकारी लें।
प्रशासक ने कहा कि एक कैंप लगाकर पुलिस और मीडिया कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने पीजीआई को आदेश दिए कि वह एंटीजन टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाएं और संदिग्ध मामलों में पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर जांच करें। बदनौर ने पीजीआई को भी आदेश दिए कि वह इंफोसिस सराय को जल्द ही कोविड अस्पताल में तब्दील करें, ताकि 200 संक्रमित मरीजों को यहां रखा जा सके।
पीजीआई में कोरोना के 295 गंभीर मरीज भर्ती
बैठक में पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक में कोरोना के 295 गंभीर मरीज भर्ती हैं, जिसमें से 69 चंडीगढ़, 70 पंजाब, 32 हरियाणा और 17 हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं। बताया कि उनके द्वारा लिए गए 788 कोरोना के सैंपल में 188 पॉजिटिव पाए गए, इनमें से 137 चंडीगढ़ के निवासी हैं।
वहीं, जीएमसीएच के डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. बीएस चवन ने बताया कि उनके द्वारा लिए गए 580 सैंपल में से 463 आरटी-पीसीआर और 117 एंटीजन टेस्टिंग के माध्यम से लिए गए। उन्होंने प्रशासन को जानकारी दी कि उन्होंने कोरोना वायरस के गंभीर और मध्यम मरीजों के लिए 155 बेड की व्यवस्था की है।
चंडीगढ में धारा 144 लागू, धरना-प्रदर्शन पर रोक
जिला मजिस्ट्रेट (प्रभार) केके यादव ने शहर में धारा-144 लागू कर धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है। इसके तहत शहर के सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी संगठन या यूनियनें धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेंगी। यह आदेश 17 सितंबर से लेकर 15 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। प्रभारी डीसी ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री और सरकारी कर्मचारी पर कामकाज के दौरान लागू नहीं होगा।
आदेश में कहा गया है कि प्रदर्शन, रैली व धरने के लिए प्रशासन ने सेक्टर-25 रैली ग्राउंड की जगह सुनिश्चित की गई है लेकिन यहां भी धरना-प्रदर्शन से पहले अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। धारा-144 के तहत पांच या उससे अधिक लोग अगर शहर के सार्वजनिक स्थल पर कानून व्यवस्था को भंग करते हैं तो उन पर धारा-144 के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।