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कुरुक्षेत्र में महापंचायत : टिकैत ने लगाई चढ़ूनी के गढ़ में सेंध, समर्थक मौन, मनोहर लाल ने कसा तंज

Wed, 10 Feb 2021 06:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 10 Feb 2021 06:19 AM IST
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Chandigarh news: Dent of tikait in the fort of Chaduni
Rakesh Tikait - फोटो : PTI

हरियाणा के साथ ही पड़ोसी राज्यों में खुद को किसान नेता के रूप में स्थापित करने में जुटे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की घेराबंदी उनके ही घर में शुरू हो गई है। चढ़ूनी किसान आंदोलन को बल देने के लिए प्रदेश के साथ राजस्थान में महापंचायत करने में व्यस्त हैं तो विरोधियों ने उनके गढ़ कुरुक्षेत्र में ही सेंध लगा दी। सीएम मनोहर लाल ने भी टिकैत की महापंचायत पर तंज कसा।

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चढ़ूनी के गृह क्षेत्र कुरुक्षेत्र में मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत की महापंचायत करवाई गई। गुरनाम चढ़ूनी इसमें शामिल नहीं हुए। उन्होंने अपनी व्यस्तता का बहाना बनाया। पहले से सिंघु बॉर्डर पर किसानों के साथ बैठक होने का हवाला दिया गया। लेकिन, राजनीतिक पर्यवेक्षक इसे पर्याप्त नहीं मान रहे। सूत्रों के अनुसार चढ़ूनी को इस किसान महापंचायत के लिए विश्वास में ही नहीं लिया गया था। जिससे वह नाराज हो गए। उन्होंने न्योते की बात तो स्वीकारी, लेकिन भागीदारी को तैयार नहीं हुए। कुरुक्षेत्र, आसपास के जिलों व जीटी रोड बेल्ट में ही चढ़ूनी का असर ज्यादा है।
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कुरुक्षेत्र में टिकैत के आगमन को लेकर चढ़ूनी समर्थक भी मौन हैं। टिकैत की महापंचायत पर वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि, नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में किसान संगठनों के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग खुलकर सामने आ गई है। किसान नेता खुद की राजनीतिक जमीन भी इस बहाने मजबूत करने में लगे हैं। भाकियू हरियाणा के प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस बोले कि टिकैत साहब के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। उनकी महापंचायत में चढ़ूनी इसलिए नहीं आ पाए, चूंकि उनके कार्यक्रम पहले से तय थे।
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हरियाणा में आकर क्यों बना रहे कुरुक्षेत्र : सीएम
सीएम मनोहर लाल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि कानून सोच समझकर किसानों के हित में बनाए गए हैं। कुछ हताश नेता किसानों की बात नहीं कर रहे। इनकी मंशा कुछ और है। वे किसानों का कंधा इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर राकेश टिकैत को किसानों को समझाना है तो उत्तर प्रदेश में जाकर समझाएं। हरियाणा में आकर कुरुक्षेत्र क्यों बना रहे हैं। हरियाणा में किसान ठीक हैं, सुखी हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो बहकावे में आ गए हैं। उनके लिए अपील करते हैं कि बैठकर बातचीत करें। अगर सरकार को लगेगा, कुछ चीजें ठीक करने की हैं तो निश्चित तौर पर ठीक करेंगे।


संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आज
आंदोलन की अगली रणनीति बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुधवार को होगी। मोर्चा में शामिल सभी नेता अपने सुझाव देंगे। इसके बाद सर्वसम्मति से अगले चरण के संघर्ष का आह्वान किया जाएगा।

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