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Chandigarh News : अवैध निर्माण को वैध करने की नीति को चुनौती, हरियाणा सरकार से जवाब तलब
Thu, 15 Sep 2022 02:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 15 Sep 2022 02:06 AM IST
सार
Chandigarh News :हरियाणा सरकार द्वारा अवैध निर्माणों को वैध करने के लिए बनाई गई पॉलिसी को जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार से जवाब तलब कर लिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी निर्माण वैध होंगे वह इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगे।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा सरकार द्वारा अवैध निर्माणों को वैध करने के लिए बनाई गई पॉलिसी को जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार से जवाब तलब कर लिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी निर्माण वैध होंगे वह इस याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर होंगे।
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याचिका दाखिल करते हुए कृष्ण लाल गेरा ने हाईकोर्ट को अवैध निर्माण के संबंध में फरीदाबाद के हालात बताए। याची ने कहा कि लोगों ने अवैध तरीके से निर्माण करते हुए पब्लिक लैंड पर ही कब्जा किया हुआ है। निर्माण करते हुए न तो बिल्डिंग बायलॉज का ध्यान रखा जाता है और न ही पार्किंग पॉलिसी का।
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इसके खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी समय-समय पर आदेश जारी करते आए हैं। इस सबके बावजूद सरकार ने 26 जून 2018 को एक नोटिफिकेशन जारी कर अवैध निर्माणों को वैध करने की घोषणा कर दी। इसके लिए फीस निर्धारित की गई है।
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याची ने कहा कि ऐसा करना न केवल गलत है बल्कि म्यूनिसिपल एक्ट के भी खिलाफ है। हरियाणा सरकार की इस नोटिफिकेशन को खारिज किया जाना चाहिए और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। याची ने कहा कि अधिकारी लैंड माफिया को फायदा देने के लिए यह पॉलिसी लेकर आए हैं, इसलिए इस पॉलिसी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।