अमर उजाला संवाद: मैन-मशीनरी-मिशन से मोदगिल करेंगे न्यू चंडीगढ़ का सपना साकार
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न्यू चंडीगढ़ से उनका तात्पर्य ऐसे शहर से है, जहां सुविधाएं आबादी के हिसाब से हों। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता हो। जनता के काम विभागों में तय समय सीमा में हों। जहां आधुनिक होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति को भी संवारा जाए। इसके साथ ही लोग भी सिविक सेंस के प्रति जागरूक हों। अपने इस सपने को साकार करने के लिए देवेश ट्रिप्पल एम यानी मैन, मशीनरी और मिशन का फॉर्मूला देते हैं। दोपहर 12:30 बजे के करीब मेयर बनने के छह घंटे बाद मंगलवार शाम 6:30 बजे अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में पहुंचे देवेश मोदगिल ने चंडीगढ़ को संवारने की अपनी योजनाओं पर विस्तार से बात की।
देवेश मोदगिल ने कहा कि चंडीगढ़ की सूरत बदलने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। विकास योजनाएं लोगों की रायशुमारी करके बनाई जाएंगी। नगर निगम की झोली भरने के लिए भी जनता के हिसाब से ही फैसले लिए जाएंगे। कोई भी निर्णय थोपा नहीं जाएगा। देवेश ने कहा कि कोई भी अकेला व्यक्ति किसी सपने को साकार नहीं कर सकता लेकिन यदि मैन यानी जनता, मशीनरी यानी अफसरशाही और मिशन यानी अभियान, तीनों एक साथ मिल जाएं तो कोई भी काम असंभव नहीं होता। यही फॉर्मूला मैं चंडीगढ़ में लागू करूंगा। इसके लिए लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। मुझे यकीन है समस्याएं भले ही कितनी भी हों, यदि जनता का भरपूर सहयोग मिला तो सिटी ब्यूटीफुल को न्यू चंडीगढ़ बनते देर नहीं लगेगी।
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छल होगा, या ठगी होगी, उठाऊंगा कठोर कदम
अमर उजाला की चलाई जा रही सीरीज सेव चंडीगढ़ की सराहना करते हुए मोदगिल ने कहा कि शहर की सूरत को संवारने का जो सपना मैंने देखा है, यह अभियान उसमें मार्गदर्शक का काम करेगा। शहर की समस्याओं को जिस तरीके से उठाकर उनका समाधान भी बताया गया है कि यह जरूर शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा।
छल होगा, या ठगी होगी, उठाऊंगा कठोर कदम
मोदगिल ने एक सवाल के जबाव में कहा कि उनकी पार्टी ही उनकी गुरु है। मोदगिल ने यह भी कहा कि शहर में जहां पर भी जनता के साथ छल होगा या उसे ठगने का प्रयास किया जाएगा तो कठोर कदम उठाए जाएंगे और वह खुद जाकर मैदानी स्तर पर जांच करेंगे।
मेट्रो के लिए पचास किमी की कनेक्टिविटी जरूरी
चंडीगढ़ में मेट्रो चाहिए कि नहीं, इस सवाल के जवाब पर मेयर ने कहा कि मेट्रो के लिए कम से कम पचास किलोमीटर की कनेक्टिविटी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उपयुक्त होगा तो मेट्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएंगे। मेट्रो से ज्यादा गंभीर समस्या यातायात अव्यवस्था की है। इसकी वजह है कि मोहाली और पंचकूला से आने वाला ट्रैफिक। इसलिए जरूरी है कि अंडरपास बनाए जाएं, जिससे कि ट्रैफिक का दबाव कम हो।
चूहे कर रहे चंडीगढ़ की इमारतें खोखली, बनाऊंगा नीति
मेयर ने आवारा कुत्तों से ज्यादा चूहों की दिक्कत को बड़ा बताया। मोदगिल का दावा है कि चूहे शहर की इमारतों को खोखला कर रहे हैं। शहर में तीन दिन लगातार बारिश हो जाए तो इमारतें गिरने की आशंका है। चूहों की समस्या को दूर करने के लिए यूटी प्रशासन के साथ मिलकर नीति बनाएंगे।