पहल: कोरोना से जंग में प्रशासन के साथ आया चंडीगढ़ निगम, कोविड सेस से करेगा मदद
निगम कोविड सेस से स्वास्थ्य विभाग को जरूरत होने वाली सभी सेवाओं के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराएगा। निगम के पास इस समय कोविड सेस का 28 करोड़ रुपये जमा है।
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कोरोना महामारी में स्वास्थ्य विभाग की मदद के लिए चंडीगढ़ नगर निगम ने हाथ बढ़ाया है। निगम स्वास्थ्य उपकरण खरीदने में प्रशासन की मदद करेगा। अगर वैक्सीन के लिए कोई शुल्क देना हुआ तो उसमें भी निगम सहयोग करेगा। निगम कोविड सेस से स्वास्थ्य विभाग को जरूरत होने वाली सभी सेवाओं के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराएगा। निगम के पास इस समय कोविड सेस का 28 करोड़ रुपये जमा है।
मेयर रविकांत शर्मा ने बताया कि निगम इस समय शहर में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सफाई व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और एकांतवास में रह रहे लोगों के घरों से कचरा उठा रहा है। लगातार महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शहर में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य स्वास्थ्य उपकरणों की मांग भी तेज हुई है।
इसलिए निगम ने सदन की बैठक में निर्णय लिया कि प्रत्येक वार्ड में वहां के क्षेत्रीय पार्षद के वार्ड फंड से पांच लाख रुपये कोविड महामारी से बचाव पर खर्च करेंगे। इसके अलावा कोविड सेस से जरूरत पड़ने वाले स्वास्थ्य उपकरणों को खरीदने में मदद करेंगे। प्रशासन ने 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए अभी वैक्सीन निशुल्क कर दिया है। इस वैक्सीन के लिए प्रशासन को कोई शुल्क देना हुआ तो कोविड सेस से मदद करेंगे।
मेयर से लेकर पार्षद व मनोनीत पार्षद देंगे अपना वेतन
मेयर रविकांत शर्मा ने बताया कि सदन में सभी पार्षद, मनोनीत पार्षदों ने अपना एक माह का वेतन भी इस महामारी से लड़ने के लिए देने की बात कही थी। इस समय मेयर का वेतन 30 हजार, सीनियर डिप्टी मेयर का वेतन 24 हजार, डिप्टी मेयर का वेतन 19 हजार रुपये है। इसके अलावा पार्षद व मनोनीत पार्षद का वेतन 17750 रुपये है। वर्तमान में निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के अलावा 23 पार्षद और 9 मनोनीत पार्षद हैं। कांग्रेस की तरफ से देवेंदर सिंह बबला और मनोनीत पार्षदों की ओर से चरणजीव सिंह ने वेतन दान करने की बात कही थी।
सामुदायिक केंद्रों में बनेंगे अस्थायी बाथरूम
नगर निगम ने सामुदायिक केंद्रों को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए अनुमति तो दे दी, लेकिन बाद में समझ आया कि सामुदायिक केंद्रों में बाथरूम नहीं है जबकि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग-अलग शौचालय होना जरूरी है। इसलिए निगम आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक केंद्रों में अस्थायी बाथरूम की व्यवस्था की जाएगी ताकि वहां बनने वाले कोविड सेंटरों के मरीजों को कोई समस्या न हो।
सदन की बैठक में कोविड सेस से स्वास्थ्य विभाग को जरूरत पड़ने वाले उपकरणों की खरीद की चर्चा हुई थी। वहीं सभी पार्षदों की ओर से एक माह का वेतन देने की भी बात कही गई थी। निगम इस महामारी में हरसंभव मदद के लिए तैयार है। -रविकांत शर्मा, मेयर
हमने प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि स्वास्थ्य विभाग आवश्यक सामग्री के साथ हमें फंड की जानकारी दे दे। हम अपने फंड से प्रशासन के निर्देशानुसार फंड उपलब्ध करा देंगे। -केके यादव, निगम आयुक्त