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हाउस टैक्स जमा करवा दिया, फिर भी नगर निगम भेज रहा नोटिस, ये रही वजह
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 21 Jan 2018 01:15 PM IST
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हाउस टैक्स
- फोटो : DEMO Pics
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नगर निगम हाउस टैक्स जमा करवा चुके लोगों को नोटिस भेज रहा है। वार्ड 3 और 4 में लोगों को हजारों रुपये की रिकवरी के नोटिस भेजे गए हैं। ये वे लोग हैं, जो हर साल खुद ही हाउस टैक्स जमा करवाते हैं। वार्ड-3 में सेक्टर-16,17 व 23 और चार में सेक्टर-23,24 व 37 का एरिया शामिल है। हैरानी की बात है कि 2013 में जिस मेयर के कार्यकाल में हाउस टैक्स लागू किया गया था, उन्हें भी शनिवार को 23 हजार रुपये की रिकवरी का नोटिस मिला है।
बता दें कि पूर्व मेयर चावला हर साल एडवांस में सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत टैक्स जमा कराते हैं। वार्ड-3 में 1919 और वार्ड-4 में 1518 लोगों को नोटिस भेजे हैं। यही नहीं, साल 2013 के लिए उनको भी नोटिस भेजे गए हैं, जिन्हें प्रशासन ने सबसे पहले टैक्स जमा करवाने के लिए 15 अगस्त को सम्मानित किया था। इनमें सेक्टर-23डी आरडब्लयूए के अध्यक्ष गुरदेव राम भी शामिल हैं।
टैक्स ब्रांच के पास नहीं है रिकार्ड
सूत्रों का कहना है कि नगर निगम की टैक्स ब्रांच के पास पिछले वर्षों में हाउस टैक्स जमा कराने वाले कई घरों का रिकार्ड हीं नहीं है। निगम ने हाल ही में जीआईएस मैपिंग से शहर के सभी घरों का सर्वे करवाया है। इससे पहले घरों के एरिया का कोई रिकार्ड नहीं था। वार्ड-3 और 4 के एरिया की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम ने सभी को नोटिस जारी कर दिया है। नगर निगम के अनुसार जिन लोगों ने पहले टैक्स जमा करवा दिया है, नोटिस आने के बाद जब वह रसीद लेकर नगर निगम में आएंगे तो उन्हें नो ड्यूज जारी कर दिया जाएगा। इसी के साथ नगर निगम अपना रिकार्ड भी मेंटेन कर लेगा।
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गंभीर मामला है : जग्गा
समाजसेवी एवं वकील अजय जग्गा का कहना है कि यह काफी गंभीर मामला है कि नगर निगम के पास पिछले सालों में टैक्स जमा करवाने वालों का कोई रिकार्ड नहीं है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। कोई बड़ा घोटाला भी हो सकता है।
प्रशासक के समक्ष भी उठा मामला
टैक्स जमा करवाने के बावजूद नोटिस भेजने का मामला पंजाब के गवर्नर एवं प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के समक्ष भी उठ चुका है। सेक्टर-36 के गार्डन में शुक्रवार को दौरे के दौरान यहां केरेजिडेंट्स ने प्रशासक से शिकायत की कि उन्हें परेशान किया जा रहा है। नोटिस भेजकर राशि का भुगतान न करने पर प्रापर्टी सील करने की धमकी दी जा रही है, जिस पर प्रशासक ने कमिश्नर जितेंद्र यादव से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
यह नगर निगम के अधिकारियों की तानाशाही है, क्या यही अच्छे दिन हैं। हजारों लोगों को बिना जांच किए हुए नोटिस भेज दिए गए। जिन लोगों ने पहले खुद ही टैक्स जमा करवा दिया, उन्हें नोटिस भेजकर मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। अपनी लापरवाही छुपाने के लिए लोगों को परेशान किया जा रहा है। मुझे भी 23 हजार का नोटिस भेजा गया है, जबकि मैं हर साल सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत टैक्स भर रहता हूं और सभी रसीदें भी हैं।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर
मुझे साल 2013 में सबसे पहले हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए सम्मानित भी किया गया था। हर साल खुद ही हाउस टैक्स जमा करवा रहा हूं, लेकिन इसके बावजूद 8100 रुपये का नोटिस भेज दिया गया।
- गुरदेव राम, अध्यक्ष, आरडब्लयूए
बेवजह लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सोमवार को इसकी रिपोर्ट अधिकारियों से लेंगे। टैक्स प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। सिस्टम में सुधार किया जाएगा। भविष्य में फिर से ऐसी गलती न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।
- देवेश मोदगिल, मेयर
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बता दें कि पूर्व मेयर चावला हर साल एडवांस में सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत टैक्स जमा कराते हैं। वार्ड-3 में 1919 और वार्ड-4 में 1518 लोगों को नोटिस भेजे हैं। यही नहीं, साल 2013 के लिए उनको भी नोटिस भेजे गए हैं, जिन्हें प्रशासन ने सबसे पहले टैक्स जमा करवाने के लिए 15 अगस्त को सम्मानित किया था। इनमें सेक्टर-23डी आरडब्लयूए के अध्यक्ष गुरदेव राम भी शामिल हैं।
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टैक्स ब्रांच के पास नहीं है रिकार्ड
सूत्रों का कहना है कि नगर निगम की टैक्स ब्रांच के पास पिछले वर्षों में हाउस टैक्स जमा कराने वाले कई घरों का रिकार्ड हीं नहीं है। निगम ने हाल ही में जीआईएस मैपिंग से शहर के सभी घरों का सर्वे करवाया है। इससे पहले घरों के एरिया का कोई रिकार्ड नहीं था। वार्ड-3 और 4 के एरिया की रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम ने सभी को नोटिस जारी कर दिया है। नगर निगम के अनुसार जिन लोगों ने पहले टैक्स जमा करवा दिया है, नोटिस आने के बाद जब वह रसीद लेकर नगर निगम में आएंगे तो उन्हें नो ड्यूज जारी कर दिया जाएगा। इसी के साथ नगर निगम अपना रिकार्ड भी मेंटेन कर लेगा।
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गंभीर मामला है : जग्गा
समाजसेवी एवं वकील अजय जग्गा का कहना है कि यह काफी गंभीर मामला है कि नगर निगम के पास पिछले सालों में टैक्स जमा करवाने वालों का कोई रिकार्ड नहीं है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। कोई बड़ा घोटाला भी हो सकता है।
प्रशासक के समक्ष भी उठा मामला
टैक्स जमा करवाने के बावजूद नोटिस भेजने का मामला पंजाब के गवर्नर एवं प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के समक्ष भी उठ चुका है। सेक्टर-36 के गार्डन में शुक्रवार को दौरे के दौरान यहां केरेजिडेंट्स ने प्रशासक से शिकायत की कि उन्हें परेशान किया जा रहा है। नोटिस भेजकर राशि का भुगतान न करने पर प्रापर्टी सील करने की धमकी दी जा रही है, जिस पर प्रशासक ने कमिश्नर जितेंद्र यादव से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
यह नगर निगम के अधिकारियों की तानाशाही है, क्या यही अच्छे दिन हैं। हजारों लोगों को बिना जांच किए हुए नोटिस भेज दिए गए। जिन लोगों ने पहले खुद ही टैक्स जमा करवा दिया, उन्हें नोटिस भेजकर मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। अपनी लापरवाही छुपाने के लिए लोगों को परेशान किया जा रहा है। मुझे भी 23 हजार का नोटिस भेजा गया है, जबकि मैं हर साल सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत टैक्स भर रहता हूं और सभी रसीदें भी हैं।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर
मुझे साल 2013 में सबसे पहले हाउस टैक्स जमा करवाने के लिए सम्मानित भी किया गया था। हर साल खुद ही हाउस टैक्स जमा करवा रहा हूं, लेकिन इसके बावजूद 8100 रुपये का नोटिस भेज दिया गया।
- गुरदेव राम, अध्यक्ष, आरडब्लयूए
बेवजह लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सोमवार को इसकी रिपोर्ट अधिकारियों से लेंगे। टैक्स प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। सिस्टम में सुधार किया जाएगा। भविष्य में फिर से ऐसी गलती न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा।
- देवेश मोदगिल, मेयर