फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh Nagar Nigam received many recommendation for Lions Company regarding the cleanliness system in city

चंडीगढ़: सफाई न करने पर जिस कंपनी पर लग चुका है जुर्माना, उसी को टेंडर देने की सिफारिश  

Thu, 27 May 2021 04:38 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 27 May 2021 04:38 PM IST
सार

2017 में शहर में सफाई व्यवस्था के लिए लॉयंस कंपनी को टेंडर दिया गया था। दक्षिण के सेक्टरों की जिम्मेदारी लॉयंस कंपनी को दी गई थी, जिसमें सेक्टर-31 के बाद के सभी सेक्टर शामिल हैं। पांच साल के लिए किया गया टेंडर इस साल नवंबर में पूरा होने जा रहा है।

विज्ञापन
Chandigarh Nagar Nigam received many recommendation for Lions Company regarding the cleanliness system in city
चंडीगढ़ नगर निगम। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर लॉयंस कंपनी के समर्थन में पार्षद, आरडब्ल्यूए व कुछ संगठनों ने निगम को पत्र लिखकर सिफारिश की है। वहीं निगम की ओर से गठित कमेटी ने स्पष्ट कहा है कि सफाई व्यवस्था के लिए नए सिरे से टेंडर किया जाना चाहिए। इस मामले में 31 मई को सदन को बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। सफाई न करने की शिकायत के बाद इस कंपनी पर लगातार जुर्माना लगता रहा है। 2019-20 में कंपनी पर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लग चुका है। हालांकि भुगतान को लेकर भी निगम व कंपनी के बीच विवाद हो चुका है। 

विज्ञापन


2017 में शहर में सफाई व्यवस्था के लिए लॉयंस कंपनी को टेंडर दिया गया था। दक्षिण के सेक्टरों की जिम्मेदारी लॉयंस कंपनी को दी गई थी, जिसमें सेक्टर-31 के बाद के सभी सेक्टर शामिल हैं। पांच साल के लिए किया गया टेंडर इस साल नवंबर में पूरा होने जा रहा है। इस संबंध में लॉयंस कंपनी के अधिकारियों ने तीन भाजपा पार्षद, दो कांग्रेस पार्षद व एक अकाली दल के पार्षद का सिफारिशी पत्र और 14 यूनियन संगठन, आरडब्ल्यूए संगठन, मार्केट वेलफेयर संगठन के सिफारिशी पत्र देकर अपना अनुबंध तीन साल के लिए बढ़ाने का दावा किया है। 
विज्ञापन



इस संबंध में निगम आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा के नेतृत्व में एक कमेटी बना दी। इसमें मुख्य वित्त अधिकारी वीएस ठाकुर, चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह व एमओएच डॉ. एपी सिंह को शामिल किया गया। कमेटी ने इस पूरे मामले की चर्चा के बाद निर्णय लिया कि सफाई व्यवस्था के लिए नए सिरे से टेंडर होना चाहिए, ताकि प्रतियोगिता के दौर में सफाई व्यवस्था का स्तर ऊंचा हो सके। निगम आयुक्त का कहना है कि इस मामले को सदन के सामने रखेंगे। वहां से जो भी निर्णय होगा, उस पर अमल किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इन लोगों ने की कंपनी की सिफारिश 

पार्षद हरदीप सिंह, कंवरजीत राणा, गुरबख्श रावत, रविंदर कौर गुजराल, चंद्रवती शुक्ला, हीरा नेगी, भाजपा नेत्री गुड्डी बंसल, ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 32, सेक्टर-43सी विक्रम चोपड़ा प्रधान जिला ग्रामीण इंटक, आरडब्ल्यूए सेक्टर-33, 40बी, 44बी, 47डी, 38 वेस्ट, वेलफेयर सोसायटी सेक्टर-45बी, हरियाणा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-56, सोशल रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-38 वेस्ट, डबल थ्री रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-33, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-40सी, गुरुद्वारा सिंह सभा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 ने पत्र लिखकर कंपनी की सिफारिश की है।

निगम कंपनी को हर साल देती है 50 करोड़ रुपये
दक्षिण के सेक्टरों में सफाई की जिम्मेदारी लॉयंस कंपनी के पास है, जबकि एक से लेकर सेक्टर-30 में सफाई की जिम्मेदारी निगम के पास है। निगम कंपनी को सालाना लगभग 50 करोड़ (हर माह 4 करोड़ रुपये) का भुगतान करता है। वहीं निगम 13 गांव व अपने सेक्टरों में लगभग 1200 से 1300 कर्मचारियों से सफाई करवाता है जिनका हर माह करीब 7 से 8 करोड़ का खर्च आता है। 

कंपनी का अनुबंध बढ़ाने के लिए कुछ जनप्रतिनिधियों व संगठनों ने पत्र दिए हैं। कंपनी तीन साल का अनुबंध बढ़ाना चाहती है। कमेटी इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। मामले को सदन के सामने रखेंगे। वहां जो फैसला होगा, उसके आधार पर निर्णय लेंगे। -केके यादव, निगम आयुक्त

2019 में मैं स्वच्छता कमेटी का अध्यक्ष था, तब सफाई न करने पर लॉयंस पर जुर्माना लगाया था। इसलिए यह मामला सिफारिश का नहीं, बल्कि सदन का है। वहीं इसका निर्णय होना चाहिए। -शक्ति प्रकाश देवशाली, सदस्य, स्वच्छता कमेटी

शहर के सफाई व्यवस्था को लेकर हम पूरी तरह से गंभीर हैं, इसलिए बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए अनुबंध बढ़ाया जाना चाहिए या नए सिरे से टेंडर होना चाहिए। इसके लिए सदन में चर्चा के बाद ही निर्णय होगा। किसी सिफारिश का इस पर कोई असर नहीं है। -रविकांत शर्मा, मेयर

हमें खुशी है कि हमें पांच साल तक शहर की सेवा करने का मौका मिला। अनुबंध के तहत हमने निगम को अपना प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें अपने कार्य का ब्योरा भी दिया है। अब सदन जो फैसला करेगा, हमें मान्य होगा। -प्रद्युम्न बख्शी, प्रोजेक्ट हेड, लॉयंस कंपनी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed